स्वस्थ और अच्छा जीवन जीने के 21 नियम | Rules for good and healthy life in hindi

स्वस्थ और अच्छा जीवन जीने के 21 नियम | Rules for good and healthy life in hindi


स्वस्थ और अच्छा जीवन जीने के 21 नियम | Rules for good and healthy life in hindi

स्वस्थ और अच्छा जीवन जीने के 21 नियम | Rules for good and healthy life in hindi


एक अच्छा डेली रूटीन एक अच्छा तरीका है, मोमेंटम बनाने का, बुरी आदतों को कम करने का और अपनी जिंदगी को प्रायोरिटी देने का। कुछ लोगों को सुबह जल्दी उठना पड़ता है पर हम ऐसे सफल लोगों को भी जानते हैं जो देर से उठते हैं। अगर आप देर रात तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठने की कोशिश करेंगे तो इसका मतलब है कि आप अपने शरीर के नेचर के खिलाफ जा रहे हैं। खुद पर 5:00 बजे उठने के लिए जोर डालने के बदले circadian rhythm पर ध्यान दें। यह बहुत सिंपल लगता है लेकिन आपका शरीर आपको बता देगा कब सोना है, कब उठना है, कब खाना है और कब एक्सरसाइज का वक्त है। आपका शरीर दिन में आपको सबसे प्रोडक्टिव घंटे का भी इशारा देता है यह जानने के बाद आप पूरी नींद ले पाएंगे और अपने दिन और अपने एनर्जी लेवल को देखकर प्लान कर पाएंगे।


Rules for good and healthy life in hindi


1.) हम सब यही गलती करते हैं कि हम सबसे पहले आंखें खोलते हैं और जाने अनजाने में अपना फोन उठा लेते हैं। बहुत से एक्सपर्ट के मुताबिक आपको दिन के पहले घंटे में अपना मोबाइल नहीं देखना चाहिए इसका कारण यह होता है कि इस वक्त आप का दिमाग यह समझाने लायक होता है कि मोबाइल से निकलने वाले डोपामाइन हमारे दिमाग को भटकने के लिए ट्रेन करता है इससे आपकी प्रोडक्टिविटी को भी पूरे दिन के लिए नुकसान पहुंचता है। क्योंकि हम उस अच्छी फीलिंग में ही रहना चाहते हैं हम काम करने के बजाए अपने फोन से ही चिपक कर रहना चाहते हैं।


2.) सुबह सबसे पहले फोन चेक करने का एक और नुकसान यह है  की आप सबसे पहले या तो नेगेटिव न्यूज़ या फिर कोई स्ट्रेस वाले मैसेज से आपका दिन शुरू होता है और यह दिन को शुरू करने का कोई अच्छा तरीका नहीं है। इससे बेहतर है कि आप अपना दिन पॉजिटिव एनर्जी के साथ शुरू करें। क्या आप अपने फोन को अलार्म की तरह इस्तेमाल करते हैं अगर ऐसा है तो आप एक अलार्म घड़ी का इस्तेमाल करें या फिर खुद को सिर्फ अपना फोन अलार्म बंद करने के लिए डिसिप्लिन करें जब वह बंद हो जाए तब उसे एक जगह रख दें उसमें कुछ भी ना करें इससे आपका ध्यान नही भटकेगा।


3.) ब्रेकफास्ट में आपको कोई डोनट या ब्रेड किसी मीठी ड्रिंक के साथ नहीं खाना चाहिए। हेल्दी ब्रेकफास्ट के बारे में सोचें जैसे एग , वेजिटेबल सलाद, जूस इस तरह खाने से आपको अच्छी एनर्जी तो मिलेगी ही साथ ही आपके दिमाग के लिए भी अच्छा होता है। जो कि आपके concentration और याददाश्त को बेहतर बनाता है याद रहे फिजिकल एक्टिविटी सिर्फ आपकी ओरल हेल्थ को बेहतर नहीं बनाती किसी भी तरह की एक्सरसाइज आपको de stress करती है और आपके दिमाग को साफ करती है।


4.) आपको नाश्ते से भी पहले सुबह उठकर एक्सरसाइज करना चाहिए जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है हम चिंता से जूझते हैं अगर आप भी इसका सामना करते हैं तो आप जानते होंगे कि कभी-कभी मेंटली प्रेजेंट होना नामुमकिन हो जाता यह आपको दिन में काम के वक्त सुला सकता है।


5.) हो सकता है मेडिटेशन से आपकी चिंता पूरी तरह खत्म ना हो पर इससे बहुत बड़ा फर्क पड़ता है यह आपके दिमाग को शांत करता है। यह आपका ध्यान उस चीज पर लगाएगा जो अभी आपके साथ हो रही सबसे अच्छी बात यह है कि आप जब चाहे जहां चाहे मेडिटेशन कर सकते हैं सोने के पहले या सुबह होते ही या फिर काम के दौरान ब्रेक में भी कर सकते हैं।


6.) अपना बिस्तर ठीक करना यह भी आपके दिन को प्रोडक्टिव तरीके से शुरू करता है यह आसन तरीका है अगर आप अपना बिस्तर ठीक करते हैं तो आप अपने दिन का पहला काम पूरा कर लेते हैं इससे आपको अच्छा लगेगा और इसके बाद आपको एक के बाद एक काम करने का बढ़ावा मिलेगा। दिन के खत्म होने तक वह एक काम बहुत से पूरे हुए काम में बदल जाएगा।


7.) मिरेकल मॉर्निंग बुक में जिंदगी को क्लेरिटी देने वाला सीक्रेट दिया हुआ है जब आप अपनी Affirmation को लिखते हैं कि आपको क्या पाना है और उसे पाने के लिए क्या करना है और आप उसे रोज रिपीट करने की एक प्लानिंग करते हैं तो इससे आपके सबकॉन्शियस माइंड पर तुरंत एक इंप्रेशन पड़ता है Affirmation आपके सोचने और महसूस करने के तरीके को बदलती है ताकि आप अपने सीमित प्रोसेस और व्यवहार से ऊपर उठ सके और वह कर सके जो सफल होने के लिए जरूरी है। सरल भाषा में कहें तो जैसे आज का दिन बेहतरीन होगा यह कहना पूरी दुनिया में बहुत सा फर्क ला सकता है आप जो भी पाना चाहते हैं यह उस पर फोकस करने में आपकी मदद करता है।


8). अपनी सेहत का ख्याल रखने के अलावा पढ़ना बहुत बेहतरीन चीज है जो आप खुद के लिए यह कर सकते हैं क्योंकि नए तरीके से चीजों का नजरिया बनाने में मदद करता है। यह तनाव को कम करता है, आपकी आदतें अच्छी बनाता है, आपकी नॉलेज को बढ़ाता है और दिमाग के काम जैसे कंसंट्रेशन को बेहतर बनाता है।


आप यही सोच रहे होंगे कि आपके पास यह करने का वक्त कहां है अगर आप सुबह उठकर सबसे पहले अपने फोन को ना देखें तो आप 10 मिनट या कुछ देर के लिए पढ़ सकते हैं आप रात को सोने से पहले भी पढ़ सकते हैं हमेशा अपने पास एक किताब रखें साथ में अपने फोन और टेबलेट में भी कुछ डाउनलोड कर के रखें ताकि आप सफर करते वक्त और वेटिंग रूम में बैठकर भी पढ़ सकें।


9.) अगर आप अपना टाइम schedule नहीं करेंगे तो बिना किसी लक्ष्य के भटकते रहेंगे। आप जानते हैं कि कुछ चीजों को करना बहुत जरूरी है और कौन से काम ज्यादा जरूरी है। आप इनको अपनी टू डू लिस्ट में कब शामिल करने वाले हैं, उनके लिए क्या action लेने वाले हैं, आपने अभी तक अपने लक्ष्य के लिए क्या किया, एक schedule बनाने से आपको इन सवालों के जवाब देने में मदद मिलेगी और आप उसी हिसाब से प्लान कर पाएंगे। हम सभी के पास एक लिमिटेड दिमाग की शक्ति है अगर आप छोटे फैसले लेने में बहुत ज्यादा एनर्जी लगाएंगे तो आपको थकान महसूस होने लगेगी अगर आप दिमाग से थके रहेंगे तो आप ज्यादा प्रोडक्टिव नहीं रह पाएंगे इसीलिए मार्क जुकरबर्ग हर दिन एक जैसे ही कपड़े पहनते हैं बराक ओबामा भी ग्रे और ब्लू सूट पहनने के लिए ही जाने जाते हैं और नाश्ते में क्या खाना चाहिए इस बात को लेकर वह बिल्कुल भी चिड़चिड़ाते नहीं है ताकि वह अपनी एनर्जी ज्यादा इंपोर्टेंट कार्यों पर लगा पाएं आप हर रोज अपने कपड़े पहले से ही चुन सकते हैं और अगले दिन के खाने की तैयारी रखें यह आपकी एनर्जी को जरूरी चीजों के लिए बचाता है।


10.) अगर आप के कपड़ों की बात की जाए तो कोशिश कीजिए कि आप सफलता के लिए तैयार हों स्टडीज बताती हैं कि जब आप ज्यादा सेल्फ कॉन्फिडेंट महसूस करते हैं तब आप यह भूल जाते है कि आप कैसा महसूस करते हैं दूसरे लोग आपके लिए ज्यादा कॉन्फिडेंट  महसूस करना चाहिए  और उससे भी ज्यादा अच्छे से तैयार होने से एक अच्छा इंप्रेशन पड़ता है।


11.) एक रूटीन है जिसका नाम है मॉर्निंग पेजेस। जब आप सुबह उठे तो तो अपने दिमाग को खाली करने के लिए 750 शब्द लिखें इससे आपको यह भी क्लेरिटी मिलती है की आप अपना दिन कैसा बनाना चाहते हैं। विज्ञान ने भी यह माना है कि हैंड राइटिंग से क्रिएटिविटी बढ़ती है।


12.) हो सकता है आपने eat that frog वाली सलाह सुनी होगी असल में  इसका मतलब मेंढक को खाना नहीं है यह आपके दिन के सबसे जरूरी काम को दर्शाता है। इसे दिमाग में रखते हुए आपको अपना जरूरी काम तब करना है जब आप सबसे ज्यादा एनर्जीटिक महसूस करते हैं इसके साथ ही यह आपको उपलब्धि का एक एहसास देता है जिसे आप बाकी के दिन के काम को सॉल्व करने में इस्तेमाल करते हैं।


13.) हालांकि ऐसा करना मुश्किल हो सकता है तो आप छोटे-मोटे काम कर सकते हैं जैसे आप अपने रूम को साफ कर सकते हैं या अपने वर्कप्लेस को ऑर्गेनाइज करना। जब आपकी जिंदगी में बहुत कुछ हो रहा हो तो अपना ख्याल रखना बहुत मुश्किल हो जाता है और वक्त के साथ आप परेशान हो जाएंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप कितने कमाल के इंसान हैं हर किसी को आराम, खेलने और सीखने के लिए वक्त चाहिए होता है अगर आप खुद को अपने schedule में नहीं डालेंगे तो यह दूसरी चीजों से भर जाएगा जो अनुपयोगी होंगी।


14.) अपने दिमाग को पॉजिटिव रास्ते पर ले जाने का सीधा सा रास्ता है कि gratitude करना। ऐसा पाया गया है कि जो लोग अपने 5 मिनट उन चीजों को लिखने में बिताते हैं जिनके लिए वह आभारी है तो उनकी हेल्थ और ओवरऑल जिंदगी में 10% तक का सुधार आया है और जैसे कि आप जानते हैं कि जब आप अच्छे मूड में होते हैं तब अब ज्यादा प्रोडक्टिव होते हैं।


15.) सिक्योर सोशल कनेक्शन से खुशी जुड़ाव और एक स्वस्थ लाइफस्टाइल को बढ़ाने की ताकत होती है हालांकि आपको अपने वर्कप्लेस पर दूसरों से बात करते वक्त घूमना नहीं चाहिए पर आपको इसके लिए सही और जरूरी वक्त निकालना चाहिए। अगर आप अलग बैठकर नाश्ता करते हैं तो लंच में किसी दोस्त या साथी के साथ बैठकर खाना खाइए अगर यह भी मुमकिन ना हो तो अपनी टीम के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल कर सकते हैं।


16.) आपको अपने काम पर थोड़ा लंबा वक्त बिताना चाहिए ज्यादातर अपने काम की लिमिट सेट कीजिए जैसे कि रोज 30 मिनट पढ़ना या आधा घंटा मेडिटेशन करना है या कुछ भी टाइम लिमिट सेट कीजिए।


17.) ऐसा नहीं करना है कि आपको हर वक्त सिर्फ अपना वर्कस्पेस चिपका कर रखना है बस उसको साफ रखने से आपका दिमाग टेबल पर पढ़े कागजों और सामान मैं खो जाने से बचेगा।


18.) ज्यादातर लोग काम के बारे में बहुत सोचते हैं यहां तक कि आराम करते वक्त या छुट्टियां बिताते वक्त भी। पर आपको काम घर पर साथ लेकर नहीं आना चाहिए या शिफ्ट के बाद उस काम के बारे में नहीं सोचना चाहिए। जब आप फैमिली टाइम बताएं या दूसरों के साथ घूम रहे हो तब उसी पर ध्यान देना चाहिए ना कि काम पर।


19.) अपने दिन की शुरुआत करने का एक और बेहतरीन तरीका है कि किसी ऐसे इंसान से बात करें जिनकी आप बहुत इज्जत करते हैं और जिन्हें आप निराश नहीं करना चाहते अगर आप अपने लक्ष्य उनके साथ शेयर करते हैं तो आप उनका ख्याल रखते हैं। क्योंकि वह आपके लक्ष्य और priorities को क्लियर करने में भी आपकी मदद करते हैं आपको रोज खुद से यह पूछना चाहिए की आज मुझे क्या अच्छा करना है और उस दिन खत्म होने के बाद खुद से पूछे की आज क्या अच्छा किया।


20.) आपको अपनी उपलब्धि पहचानना और उनको सेलिब्रेट भी करना चाहिए इससे आपको अपना काम लगातार करने का बढ़ावा मिलता है। खुद को बेवकूफ ना बनाएं कुछ लोग ऐसा कहते हैं कि वह रात को कई घन्टे तक काम करते हैं और सिर्फ 4 घंटे के लिए सोते हैं। इससे ऐसा लग सकता है कि वह सुपर प्रोडक्टिव हैं और आखिरकार उन्हें नींद की कमी पकड़ लेती है इससे ना ही वह सिर्फ थके हुए और चिड़चिडे होते हैं बल्कि गलतियां भी करने लगते हैं नींद की कमी प्रोडक्टिविटी को बर्बाद करती है।


21.) ध्यान रखें कि 6 से 7 घंटे सोएं। अपने मोबाइल की ब्लू लाइट को कम करें अपने बेडरूम को सही से व्यवस्थित करें और आरामदायक बेड टाइम बनाए।






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