क्रिस्टियानो रोनाल्डो work ethic हिंदी | Ronaldo work ethic in hindi



Ronaldo work ethic in hindi


रोनाल्डो के work ethics की कहानियां तो कई प्लेयर्स, कोच, टीम मेंबर्स सबसे सुनने को मिलती है। एक इंटरव्यू में विराट कोहली ने कहा था कि मेरी ट्रेनिंग और शेड्यूल तो ट्रेनर प्लान करता है फिर भी मैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो से इंस्पिरेशन लेता हूं मैंने सुना है की messi जीनियस है लेकिन अपनी मेहनत की वजह से क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक कदम आगे रहते हैं।


2003-04 सीजन के दौरान मैनचेस्टर यूनाइटेड के असिस्टेंट मैनेजर ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अपने ऑफिस बुलाया ओर कहा। “देखो यह बहुत अच्छी, सीधी बात है केवल एक अच्छा प्लेयर होना काफी नहीं है ऊपर वाले ने तुमको टैलेंट और मौका दिया है, दुनिया का बेस्ट प्लेयर बनने का अगर तुम उस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हो तो मेरा पूरा सपोर्ट होगा अगर तुम एक एवरेज प्रोफेशनल प्लेयर रहना चाहते हो तो मैं तुम्हारे साथ दूसरे प्लेयर से जैसा ही व्यवहार करूंगा"


वह कहते हैं कि मैं जानता था कि रोनाल्डो का जवाब क्या होगा। बहुत कम यंग प्लेयर्स के अंदर टैलेंट, स्ट्रांग पर्सनालिटी, और परपस एक साथ मौजूद होता है वह कहते हैं कि एक दिन मैंने शाम को अपने ऑफिस की खिड़की से कुछ पेड़ों को हिलते हुए देखा मुझे लगा कि मीडिया या दूसरे क्लब वाले जासूसी कर रहे हैं। मैंने सिक्योरिटी बुलाई तो पता चला कि रोनाल्डो जंगली पेड़ों के बीच अकेला प्रैक्टिस कर रहा था जब रोनाल्डो के साथी प्लेयर प्रैक्टिस के बाद शावर लेने चले जाते थे तब बिल्डिंग के पीछे उबड़ खाबड़ पेड़ों से भरे मैदान में रोनाल्डो अकेले प्रैक्टिस किया करते थे वे उस जंगली मैदान में बॉल को जोर से किक करते, और उबड़ खाबड़ मैदान में बॉल पीछे दौड़ते जिससे वह अनिश्चित बाउंस में जबलिंग और बॉडी बैलेंस की प्रैक्टिस कर सकें।


वह कहते हैं रोनाल्डो का जवाब शब्दों में नहीं था वह मैनचेस्टर यूनाइटेड में लगातार अपना गेम इंप्रूव करते रहे और 15 साल बाद आज भी रोनाल्डो और बेहतर होने की कोशिश कर रहे हैं।


Work ethics शुरू होता है हमारे माइंडसेट से हमारे belief system से जैसा हम अपने के बारे में सोचते हैं जो हमारा सेल्फ बिलीफ है वही हमारे काम में दिखता है क्रिस्टियानो रोनाल्डो के दिमाग में बैठा हुआ है कि वह दुनिया के सबसे अच्छे एथलीट्स में से एक हैं इसलिए 33 साल के होने पर भी वह अभी भी अपने शरीर को 20 साल का बनाये हुए है, यह मेडिकल रिपोर्ट उनकी नई टीम जुवेंटस की है उनके शरीर में 7% बॉडी फैट और 50% मसल मास है। क्रिस्टियानो फीफा वर्ल्ड कप में सबसे तेज भागने वाले एथलीट है। रोनाल्डो के पुराने कोच माओरी कहते हैं रोनाल्डो कोई मौका नहीं चूकते चैंपियंस लीग का मैच खेलने के बाद जब क्रिस्टियानो रात को 2:00 बजे वापस शहर लौटे तो बाकी लोगों की तरह घर जाने के बजाय वह टीम के ट्रेनिंग सेंटर पहुंचते हैं और वहां 1 घंटे वर्कआउट करते हैं और क्रायोथेरेपी लेते हैं ।


Work ethics का मतलब जुनूनी होकर रात में वर्कआउट करना नहीं है बल्कि जब भी मौका मिले, जब भी जरूरत पड़े तब एकदम ज्यादा करने की जरूरत है। हम इसे क्रिस्टीयानो रोनाल्डो की elite mentality कह सकते हैं। मोओरी कहते हैं कि उनकी वर्कआउट में हमेशा इंटेंसिटी, डेडीकेशन और पॉजिटिव एटीट्यूड दिखता है जुवेंटस के मिडफील्डर blaise matuidi कहते हैं हमने मैनचेस्टर यूनाइटेड से उनके ही मैदान में कठिन गेम जीता पूरी टीम बहुत थकी थी हम सब लोग सब छुट्टी पर थे लेकिन रोनाल्डो हमेशा की तरह ट्रेन कर रहे थे मैंने उनसे पूछा कि आप थके नहीं आपको रिकवरी की जरूरत नहीं है तो वह कहते हैं कि मैं रात भर से रिकवरी ले रहा था अब ट्रेनिंग कर रहा हूं। रोनाल्डो होने की वजह से मुझे ऐसा करना पड़ता है इस कोट से फिर रोनाल्डो के belief system की झलक मिलती है उनके लिए अपने इतने हाई स्टैंडर्ड्स है कि उसे मेंटेन करने के लिए उन्हें उस हद तक तैयारी करनी पड़ती है नहीं तो वह कभी भी अपनी परफॉर्मेंस से संतुष्ट नहीं हो पाएंगे।


Work ethics बनाने में लंबा समय लगता है जब रोनाल्डो पुर्तगाल से यूनाइटेड मैनचेस्टर में आए तो Quinton fortune टीम के साथ खेल रहे थे उनके कोच कहते हैं कि मैंने अपनी आंखों से देखा है कि यह प्लेयर सबसे बेहतर करने के लिए जुनूनी है वह अपनी ट्रेनिंग और प्रैक्टिस को लेकर बहुत डिसिप्लिन था मैंने कुछ और टैलेंटेड प्लेयर्स देखे हैं शायद क्रिस्टीयानो से ज्यादा लेकिन हर किसी में इतनी मेहनत करने की इच्छा नहीं होती  shooting, dribbling, step overs, weight training, cardio, endurance और हर ट्रेनिंग के हर सेशन में रोनाल्डो हर किसी से ज्यादा कर रहे होते हैं 15 साल से वह हर दिन हर सेशन में ऐसा करते आ रहे हैं इसलिए मुझे उनकी प्रोग्रेस देखकर आश्चर्य नहीं होता और अभी तो उन्हें और आगे जाना है।


उनके अंदर गजब का आत्मविश्वास है वह उसी यंग एज में स्टार्स से भरी टीम यूनाइटेड मैनचेस्टर के ड्रेसिंग रूम में भी जाकर सोच सकता था "I Am The Best" और 15 सालों से यही सोचकर खेल रहा है।


“ Work ethics  का मतलब यह नहीं है कि आप पूरे समय काम करते रहो या रात को 2:00 बजे उठकर वर्कआउट करो या फिर हार्ड वर्क और स्मार्ट वर्क के बीच में डिबेट करते रहो यह आपका belief system है जो आपके काम में दिखता है और यह belief system टैलेंट से नहीं बल्कि साल दर साल की मेहनत और कमिटमेंट से बनता है" 

रोनाल्डो के बारे में जितना समझा उसके हिसाब से उनके belief system से दो चीजें समझ में आती है।


पहला वह जानते हैं कि वह elite level के प्लेयर बन चुके हैं। इसलिए उनकी ट्रेनिंग और परफॉर्मेंस भी उसी तरह की होगी मतलब अगर आप जानते हो आपका belief system यह है कि आप एक स्पोर्ट्स कार हो तो आप अपने आपको वैसा ही मेंटेन करोगे, वैसा ही तेल डालोगे, और वैसा ही परफॉर्म करोगे। दूसरा वह जानते हैं कि जब तक वह बेस्ट नहीं होंगे तब तक उन्हें चैन नहीं मिलेगा वह कभी भी अपने टैलेंट के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे और ना ही कभी कॉन्फिडेंट ओर सेटिस्फाई महसूस कर पाएंगे इसीलिए वह हमेशा अपने गेम और शरीर को बेहतर करना चाहते हैं अगर यह दोनों बातें उनके belief system में नहीं होती तो फुटबॉल जैसे कॉन्पिटिटिव और पैसे वाले खेल में जहां हर साल इतने टैलेंटेड प्लेयर्स आते हैं, केवल क्रिस्टियानो के work ethic की बात नहीं हो रही होती।


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अगर आप और मैं भी चैंपियंस जैसा work ethic बनाना चाहते हैं तो छोटे-छोटे एक्शन लेकर अपना belief system बनाइए अपना work ethic स्ट्रांग कीजिए। यह पोस्ट ronaldo work ethic in hindi आपको कैसी लगी कमेंट करके हमें जरूर बताएं☺


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