अवचेतन मन के 6 रहस्य और शक्ति | mysteres of subconscious mind in hindi

अवचेतन मन के 6 रहस्य और शक्ति | mysteres of subconscious mind in hindi


अवचेतन मन के 6 रहस्य और शक्ति | mysteres of subconscious mind in hindi

अवचेतन मन के 6 रहस्य और शक्ति | mysteres of subconscious mind in hindi


हमारे दिमाग के अंदर की शक्तियां हमारे दिमाग से कई गुना रहस्यमय और शक्तिशाली हैं तभी इसे पूरे ब्रह्मांड का सबसे कॉम्प्लिकेटेड स्ट्रक्चर कहा जाता है आपके द्वारा की जाने वाली रोजमर्रा की लगभग 95% एक्टिविटी आपके subconscious mind (अवचेतन मन) के द्वारा ही होती हैं। दुनिया में अवचेतन मन के बारे में लोग बहुत कम ही जानते हैं। हम आज आपको subconscious mind के बारे में उसकी पावर, मिस्टीरियस और facts बताने वाले हैं जो शायद ही आपको पता होंगे और ना ही आप इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे होंगे लेकिन अगर आप इसे जान लोगे तो आप आपने जीवन में वह सब कर पाओगे जो आप करना चाहते हो और आपके subconscious mind का कंट्रोल आपके हाथों में होगा।


6 mysteres of subconscious mind power in hindi


1. आपका subconscious खतरा देखता है।


असल में हमारे subconscious mind को यह पहचानने में दिक्कत होती है कि क्या रियलिटी है और क्या इमैजिनेशन। इसको पता लगाने के लिए 19वीं शताब्दी में एक स्टडी की गई जिसमें ग्रुप ए के लोगों को रियल पियानो बजाने के लिए दिया गया, वही ग्रुप बी को बिना पियानो दिए गए यह इमेजिन करने को कहा गया कि आप बस यही इमेजिन करिए कि आप पियानो बजा रहे हो। फिर दोनों ग्रुप के लोगों के ब्रेन को रिसर्चर्स द्वारा स्कैन करके यह पता चला कि दोनों ही ग्रुप के लोगों के सबकॉन्शियस माइंड में कोई अंतर पता नहीं चला। ग्रुप बी का भी सबकॉन्शियस माइंड वैसे ही रिएक्ट कर रहा था जैसे ग्रुप ए का पियानो बजाते टाइम कर रहा था। जबकि ग्रुप बी ने यह expect भी नहीं किया था कि वह कोई रियल पियानो बजा रहे हैं।


मतलब ग्रुप ऐ ने पियानो सच में बजाया और ग्रुप बी ने सिर्फ इमेजिन किया लेकिन दोनों के ही subconscious mind को यह लगा कि वह पियानो को सच में टच करके बजा रहे हैं। अब ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि वैसे तो हमारा conscious mind subconscious mind की सभी इंफॉर्मेशन को अच्छे से analyze करता है और फिर डिसाइड करता है कि क्या रियल है और क्या इमैजिनरी।


लेकिन यह भी सच है कि हमारा conscious हमेशा ही सही और हंड्रेड परसेंट बिल्कुल सही difference बता पाए क्योंकि यह भी कई बार fail हो जाता है जिसकी वजह से fear और anxiety होती है। तभी कई बार लोग जिस डर से डर रहे होते हैं वह असल में होता ही नहीं है जबकि वह उनके सिर्फ subconscious mind में होता है जिसे हम रियल समझ लेते हैं।


जैसा आप सोचते हैं वैसा ही होगा यह सोचने से पहले या किसी भी डर से डरने से पहले खुद से यह सवाल करें कि यह सच में सच है या फिर मेरे subconscious mind की इमैजिनेशन है।


2. किसी चीज़ का दोहराव आपके subconscious को train करता है।


हमारा दिमाग रोज बहुत ही बड़े पैमाने पर इंफॉर्मेशन स्टोर करता रहता है। लेकिन इतनी सारी इनफार्मेशन के बीच में difference करने और sense create करने के लिए हमारे दिमाग को क्या इंपोर्टेंट है और क्या एक्सटर्नल इंफॉर्मेशन है इन दोनों के बीच differentiate करना पड़ता है और जहां पर Repetition हमारे दिमाग का सबसे इंर्पोटेंट टूल साबित होता है। 


जब बात आती है कि किस चीज पर attention देनी है और किस चीज पर नहीं देनी तब आप बस इतना समझ लीजिए कि आप जितना ज्यादा और जितनी बार किसी चीज को करते रहते हैं वह उतनी ही आपकी priority बनता जाता है। और यह एकरूल हर जगह अप्लाई होता है। जैसे जब भी आप पहली बार affirmation प्रैक्टिस करते होंगे तो ना ही आपको उन पर हंड्रेड परसेंट भरोसा होता होगा और ना ही स्टार्टिंग के दिनों में आपको कोई changes दिखते होंगे। क्योंकि स्टार्टिंग में हमारा subconscious mind ऐसे affirmation या thoughts को seriously लेता ही नहीं है लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता है और जितनी बार हम इसे रिपीट करते हैं उतना ही आगे चलकर वह idea और रिपीटेशन हमारे दिमाग में जगह बनाती जाती है जब तक फाइनली वह affirmation आपके सोचने का तरीका नहीं बदल देती।


तो अगर आप अपने behaviour, life, habit में चेंज लाना चाहते तो रिपीटेशन की पावर को समझो क्योंकि यही आपके subconscious को train करता है आपसे वह हैबिट डालने में और वह काम करवाने में। लेकिन यह कुछ हफ्तों या दिनों में नहीं होगा आपको लंबा टाइम देना होगा।


3. आपका subconscious आपको संदेश देता है।


क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आप ऐसे ही बैठकर टीवी देख रहे हो या बुक पढ़ रहे हो तो अचानक ही आपके दिमाग में कोई ऐसे व्यक्ति की image आती है जिससे कई साल पहले आप नफरत करते थे। आपके conscious mind के लिए यह ऐसे thoughts होते हैं जो यूं ही कैसे भी कभी भी आ जाते हैं। दिमाग में ज्यादातर समय ऐसा ही होता है लेकिन हमेशा नहीं क्योंकि हर random thoughts completely meaningless नहीं होता।


न्यूरोसाइंटिस्ट ऐसे थॉट्स को intrusive thoughts कहते हैं यह thoughts आपका mind बिल्कुल ही divert कर सकते हैं आपको नींद से जगा सकते हैं। इसमें कुछ अधूरे थॉट्स भी होते हैं जो कभी डरावने भी होते हैं। हम सभी के दिमाग में thoughts एक चीज से दूसरी चीज में जंप करके चेंज होते रहते हैं लेकिन आपको अपने हर thoughts को Atleast तब तो seriously लेना चाहिए जब वह 1 बार से ज्यादा बार आपके दिमाग में आता ही रहता है। हर कुछ दिन या लगभग रोज क्योंकि इसका मतलब होता है कि क्या आपका subconscious आपको कोई मैसेज भेजने की कोशिश कर रहा है तो ऐसे थॉट्स को आप को इग्नोर नहीं करना चाहिए उसके पीछे का reason आप को समझना चाहिए।


4. Subconscious present समय में रहता है।


Conscious mind के लिए बहुत आसान होता है past, future के बारे में सोचना। लेकिन हमारा subconscious mind यह नहीं कर पाता हमारा subconscious mind present moment पर फोकस करता है यह हमेशा वही Action करेगा जो आप present में कर रहे होते हैं कभी कभार हमारे लिए यह फायदेमंद भी साबित हो सकता है लेकिन ज्यादातर आपको अपने conscious की ही जरूरत पड़ेगी ताकि rational sense perspective से भी सोच सकें वरना हम बिना consciously सोचे present moment पर ऐसे एक्ट करेंगे जैसे छोटे बच्चे करते हैं बिना कुछ सोचे समझे।


5. Subconscious के लक्षण


कभी-कभी हमारा subconscious mind हमारी body के through हमें कुछ signals देकर कुछ कहने की कोशिश करता है जब यह frustrated या uncomfortable feel करता है। तब यह हमारी बॉडी को अलग-अलग symptoms देता है। आपने नोटिस किया होगा कि कभी-कभी आपको कोई यूं ही pimple या skin allergy हो जाती है या फिर आप के joint या muscles में pain होना शुरू हो जाता है तो यह symptoms कुछ common और कुछ missed diagnosed symptoms है क्योंकि हमें लगता है कि शायद यह यूं ही और अपने आप हो गया है लेकिन असल में यह कई बार आपके subconscious mind की वजह से भी होते हैं।


पिंपल्स कई बार सिर्फ प्रदूषण या हार्मोनल चेंजेस से ही नहीं बल्कि आपके subconscious mind के stress या कोई और प्रॉब्लम से भी हो सकता है और कई बार आपकी बॉडी में कहीं कोई चोट लगने से नहीं बल्कि आपके subconscious mind के painful condition की वजह से भी हो सकता है। 


Subconscious हमारी पूरी बॉडी कंट्रोल करता है तो अगर यह कोई stressful या गलत कंडीशन में होगा तो बाकी की आटोमेटिक होने वाली चीजें भी धीरे-धीरे करके out of control होती जाएंगी जैसे आपका subconscious mind आपकी पेट की मसल्स को टाइट करने लगेगा या फिर डाइजेस्टिव हारमोंस को प्रोड्यूस करना बंद कर देगा जिस वजह से आपके पेट में दर्द भी हो सकता है। लेकिन कुछ लोग बिना यह जाने सीधा ब्लेम कर देते हैं कि उन्होंने कुछ गलत खाया होगा या फिर कोई बैक्टीरिया उनकी बॉडी में चला गया है जबकि हमें यह भी सोचना चाहिए कि इसकी वजह हमारा सबकॉन्शियस कुछ sign देने की कोशिश तो नहीं कर रहा है और अगर ऐसा है तो हमें उस गलती को ठीक करना चाहिए।


6. आपका अवचेतन मन सवाल नहीं करता।


हम सभी को यह बात पता है कि हमारे subconscious mind के power हमारे conscious mind से कई गुना ज्यादा है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा conscious mind बस यूं ही है या यह किसी से कम है। हमारे लिए इन दोनों का होना ही जरूरी है ताकि बैलेंस बना रहा है जितना subconscious mind जरूरी है उतना conscious भी जरूरी है। 


Actually हमारा subconscious mind को questions करना पसंद नहीं होता। क्योंकि यह उसके वर्किंग सिस्टम का पार्ट नहीं है क्योंकि यह इस तरह से डिजाइन नहीं हुआ की है analyze करके बता सके कि आप का opinion क्या है इसीलिए इसे अक्सर कंप्यूटर या रोबोट से भी compare किया जाता है क्योंकि ज्यादातर समय है यह इसी प्रकार से वर्क करता है। तो अगर इसके बिहेवियर को अगर एनालाइज करने के लिए हमारा कॉन्शियस माइंड होता ही नहीं तो हम बिना कुछ सोचे किसी भी तरह से बिहेव करने लगते। इसलिए हमारे पास conscious mind होना भी जरूरी है ताकि हम Rationally, analytically और objectively सोच सके और एक्ट कर सके यह कुछ ऐसा है कि आपका ड्रीम और एंबीशन सबकॉन्शियस माइंड का हिस्सा है और उस सपने को पाने के लिए की गई प्लानिंग आपकी conscious mind है इसलिए दोनों का होना जरूरी है।


➡ अवचेतन मन को कैसे जगायें


➡ लॉ ऑफ अट्रैक्शन का 17 सेकंड सिद्धांत


➡ 12 brain rules for human - मानव के लिए मस्तिष्क के 12 नियम


➡ Low of vibration जैसा सोचोगे वैसा पाओगे

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