ज्यादा दूध देने वाली गाय हिंदी कहानी - Hindi moral story on kindness

ज्यादा दूध देने वाली गाय हिंदी कहानी - Hindi moral story on kindness


Hindi moral story on kindness

Hindi moral story on kindness


एक बार एक किसान मधु जो कि बहुत ही ज्यादा मेहनती होता है और वह अपनी मेहनत से बहुत सारा धन भी कमाता है। उसके पास एक गाय होती है। उस गाय का दूध बहुत ही बढ़िया होता है। वह अतिरिक्त दूध को अपने गांव के बाहर के शहर में लेकर जाता है और अच्छे दामों में बेचता है। उसकी आमदनी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी वह बहुत खुश रहता है।


एक दिन उसकी गाय बीमार हो जाती है फिर वह किसान दुखी रहने लगता है क्योंकि गाय के बीमार रहने के कारण उसकी आय धीरे-धीरे कम होती जाती है और कुछ समय बाद गाय की तबीयत धीरे-धीरे और खराब होती जाती और वह दूध देना बंद कर देती है। यह देखकर मधु किसान बहुत ही ज्यादा परेशान हो जाता है और वह यह सोचने लगता है कि अब इस गाय का इलाज नहीं हो सकता ओर वह सोचने लगता है क्यों ना अब मैं इसे पास के ही जंगल में छोड़ आता हूं और वह उस गाय को पास के ही एक जंगल में छोड़ आता है।


पर उस गाय को मधु से बहुत लगाव होता है तो वह गाय जंगल से वापस मधु के पास आ जाती है। जिसे देखकर मधु को बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाता है और वह एक छड़ी लेकर उसे पीटते पीटते दूर के एक जंगल में छोड़ आता है। अब गाय बहुत दुखी होती है वह गाय जो अपने मालिक से बहुत प्यार करती थी बहुत ज्यादा दूध देती थी जिसका मालिक बहुत ज्यादा पैसे कमाता था उसी गाय को आज उसका मालिक मार रहा है क्योंकि वह दूध नहीं दे रही थी वह गाय बहुत ही उदास होकर इधर-उधर भटकने लगी।


एक दिन उसी गांव का एक दूसरा किसान जिसका नाम चंदू है जब वह गाय के पास जाता है तो देखता है कि गाय की चमड़ी पर बहुत ही ज्यादा घाव लगे हुए हैं जिसे देखकर लग रहा था कि उसे किसी ने बहुत बुरी तरह उसे मारा हो यह देखकर उसे उस गाय पर बहुत दया आ जाती है। वह एक पशु चिकित्सक को बुलाता है और उससे उस गाय का इलाज करवाता है और उस गाय को वह अपने पास रखता है और उसे अच्छा आहार खाने को देता है जिससे धीरे-धीरे उस गाय की सेहत अच्छी होने लगती है। तभी कुछ दिनों बाद वह गाय एक बछड़े को जन्म देती है और बछड़े को जन्म देने के कुछ दिनों बाद वह दोबारा से दूध देना शुरू कर देती है उस किसान चंदू का परिवार छोटा होता है इसलिए वह अतिरिक्त दूध पास के शहर में जाकर बेच आता है।


उस गाय का दूध बहुत बढ़िया तो होता ही है इसलिए वह जल्दी जल्दी बिक जाता है वह किसान अब और मेहनत करता है जिसके कारण उसकी आमदनी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। और वह लोगों में बहुत प्रसिद्ध हो जाता है। अब यह बात उस पुराने किसान मधु को पता लगती है और यह भी पता चलता है कि वह जो गाय है वह उसी की है जिसके कारण चंदू आज बहुत ज्यादा धनवान हुआ है फिर मधु चंदू के पास जाता है और चंदू से कहता है;


“चंदू यह तुमने ठीक नहीं किया यह गाय मेरी है मैंने इसे पहले पाला था तुम इस गाय से बहुत ज्यादा धन कमा चुके हो। अब यह गाय मुझे वापस कर दो।” - मधु ने चंदू से कहा


“मैं जानता हूं यह तुम्हारी गाय है और जब यह गाय दूध नहीं दे रही थी तब तुमने इसे मार मार कर घर से बाहर निकाल दिया था उसके बाद मैंने इस गाय का लालन पोषण किया चिकित्सक से इसको अच्छा इलाज दिलवाया इसलिए अब यह गाय मेरी हुई” - चंदू ने कहा


अब यह मामला पंचायत में जाता है और पंचायत दोनों पक्षों की बात सुनते हैं वह फैसला लेते हैं कि चंदू और मधु दोनों के तर्क सही हैं और यह गाय दोनों को दे देनी चाहिए लेकिन गाय तो एक ही है तो अब क्या किया जाए फिर यह फैसला होता है कि अब इसका निर्णय तो गाय ही लेगी।


पंच चंदू को बोलते हैं कि इस गाय के गले में जो रस्सी बंधी है उसे खोल दिया जाए चंदू सरपंच की आज्ञा मानकर उस रस्सी को खोल देता है और चंदू और मधु को दोनों को एक दूसरे के सामने दूर दूर खड़े होने को बोलते हैं और फिर दोनों किसानों को गाय को बुलाने को कहते हैं।


अब दोनों किसान गाय को बुलाते हैं गाय पहले चंदू को देखती फिर मधु को देखती है और फिर वह गाय आखिर में चंदू के पास चली जाती है और उसके हाथ को चाटने लगती है यह देख कर पंचों को यह पता लग जाता है की गाय को सबसे ज्यादा प्यार चंदू ने ही दिया था और यह देखकर मधु को अपनी गलती का एहसास हो जाता है।


इस कहानी से मिली शिक्षा


हमें अपने आसपास के सभी जीवो और प्राणियों के प्रति दयालु रहना चाहिए हमें कभी भी स्वार्थी प्रवृत्ति का नहीं बनना चाहिए कि जब हमें जरूरत हो तभी हम किसी का साथ है। आपका अपना किसी मुसीबत में हो तब भी आपको उसका साथ देना चाहिए फिर भले ही वह आपका पालतू जानवर ही क्यों ना हो आपका स्वभाव उनके प्रति दयालु होना चाहिए।





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