फ्लॉएड मेवेदर की सफलता की कहानी | Floyd mayweather Success story in hindi

फ्लॉएड मेवेदर कैसे एक सफल मुक्केबाज बने | Floyd mayweather Success story in hindi


फ्लॉएड मेवेदर कैसे एक सफल मुक्केबाज बने | Floyd mayweather Success story in hindi



अमेरिका में ghetto शहर की उन बस्तियों को कहते हैं जहां शहर के सबसे गरीब और पिछड़े लोग रहते हैं। यहां अशिक्षा ड्रग्स, खून खराबा, बीमारियां आम बात है। Floyd mayweather का जन्म भी ऐसे ही एक परिवार में हुआ। जब वह 7 साल के थे तब उनके पिता को ड्रग्स बेचने के जुर्म में जेल हो गई। कुछ ही दिनों बाद उनके मां और मामा को भी जेल हो गई।


कौन हैं Floyd mayweather?


फ्लॉएड मेवेदर एक अमेरिकी मुक्केबाज हैं  उनका जन्म 24 फरवरी 1977 को ग्रैंड रैपिड्स, मिशिगन में हुआ था। 1996 में पेशेवर मुक्केबाज बनने से पहले उन्होंने तीन राष्ट्रीय गोल्डन ग्लव्स और एक ओलंपिक कांस्य पदक जीता। मेवेदर ने 1998 में सुपर फेदरवेट के रूप में अपनी पहली चैंपियनशिप जीती, बाद में एक अपरिभाषित रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए चार अन्य भार वर्गों में खिताब जीता।


बहुत छोटी उम्र में फ्लोएड ने अपने पिता से ट्रेनिंग लेना शुरू कर दी थी ऐसे में अचानक अपने माता-पिता से दूर हो जाने से उन पर गहरा असर पड़ा छोटे फ्लोएड को लगने लगा था कि अब उनका फाइटर बनने का सपना अधूरा रह जाएगा तब उनकी दादी ने उन्हें बॉक्सिंग सीखना जारी रखने के लिए प्रेरित किया।


फ्लोएड का बचपन शुरू से ही संघर्ष पूर्ण था उनके पिता जो खुद प्रोफेशनल बॉक्सर थे उन्होंने 3 साल की उम्र में फ्लोएड को बॉक्सिंग सिखाना शुरू कर दिया था। और बचपन से ही ट्रेनिंग बहुत कठिन थी उन्हें छोटी-छोटी गलतियों के लिए मार पड़ती, फ्लॉएड कहते हैं कि बचपन में एक समय था मैं मार खाते खाते थक गया था और हर दिन प्रार्थना करता था कि मैं यहां से जल्दी बड़ा होकर भाग जाऊं। यह सब होते हुए भी फ्लोएड के अंदर  साहस था उन्होंने कभी भी बॉक्सिंग से मुंह नहीं मोड़ा वह 11 साल की उम्र में वह बस्ती की सबसे टफ जिम में ट्रेनिंग करने लगे।


इतना साहस फ्लोएड में आया कहां से?


फ्लॉएड कहते हैं कि बचपन में मेरे आस-पास बहुत कुछ घटना घट रही थी। माता पिता को जेल होने के बाद मैं एक रिश्तेदार के यहां रहने लगा जहां हम एक कमरे में 7 लोग रहते थे लेकिन मैंने इस विपरीत स्थिति मैं ना तो नकारात्मक विचारों पर ध्यान दिया और ना ही इन्हें कभी अपने अंदर पनपने दिया मुझे बचपन में एहसास हो गया था कि मैं बॉक्सिंग में कुछ कर सकता हूं इसलिए मैंने इसमें आगे बढ़ने के अलावा कुछ और सोचा नहीं और आज भी मैं वही करता हूं फ्लॉएड कहते हैं।


मैं अपना ध्यान उन सकारात्मक बातों पर रखता हूं जिनके बारे में, मैं कुछ कर सकता हूं


यह कितनी अच्छी सोच है और इसी क्लेरिटी से चैंपियंस का जन्म होता है चाहे हम छोटे फ्लोएड जैसे कठिन हालातों में हो चाहे हम अभी स्ट्रगल कर रहे हों, या चैंपियन हों, हमको हमेशा अपनी मेंटल एनर्जी को उन सकारात्मक विचारों पर बनाए रखना चाहिए जिन पर हम कुछ एक्शन से ले सकें।


बहुत छोटी उम्र में जो फ्लोएड मेवैदर ने अपने परिवार और अपने भविष्य की कड़वी सच्चाई देखी तो वह उसी के माध्यम से सफलता का फॉर्मूला ढूंढने लगे और यही खासियत है उनके बॉक्सिंग करियर की उन्होंने न केवल फार्मूला ढूंढा बल्कि इंप्लीमेंट भी किया फॉर्मूला था;


Work Ethic + Complete Dedication + Continuous improvement 


अगर आप फ्लोएड मेवैदर के मैच देखें तो उनके मूवमेंट, डिफेंस, और काउंटर अटैक देखकर आपको लगेगा यह कोई बॉक्सिंग आर्टिस्ट है यह कितनी आसानी से फाइटर को पढ़ रहा है इनमें तो टैलेंट ही टैलेंट भरा हुआ है लेकिन स्टीफन फ्राई ने एक बार कहा था की “टैलेंट तो नमक से सस्ता है” यानी आपके आसपास हर किसी में कुछ ना कुछ प्रकार की प्रतिभा और गुण भरे होते हैं। लेकिन टैलेंट और अनडिफीटेड चैंपियन में अंतर होता है जो है Work Ethic और Dedication का। फ्लोएड मेवैदर के कोच कहते हैं कि वह जिम में अकेला 11 साल का लड़का था लेकिन रिंग में सीखने की इंटेंसिटी सबसे अलग थी। जैसे जैसे वह बड़ा होता गया वह जिम में सबसे पहले आता और जिम से सबसे आखरी में जाता वह पिछले 20 साल से बॉक्सिंग जी रहा है अधिकतर बॉक्सर हफ्ते के 20 से 30 घंटे प्रैक्टिस किया करते हैं लेकिन फ्लोएड मेवैदर हफ्ते में 60 घंटे प्रैक्टिस किया करते थे। फिर बॉक्सिंग के वीडियो टेप्स देखते थे।


यह फ्लॉएड का बचपन से सेल्फ बिलीफ था कि अगर वह हर दिन दूसरे फाइटर्स से ज्यादा वक्त लगा सकते हैं तो वह रिंग में किसी को भी हरा सकते हैं।


दूसरी बात जो फ्लोएड मेवैदर ने अपने करियर में जल्दी सीखी कि वह लगातार एक्सपेरिमेंट करते रहे उन्होंने कई बॉक्सर और एथलीट की ट्रेनिंग और रूटीन स्टडी की। और उन्हें अपनाकर उन पर एक्सपेरिमेंट करते रहे जिस कारण उन्होंने खेल को विभिन्न एंगल्स से सीखा। जिसके कारण उन्हें रिंग में कोई पकड़ नहीं सका क्योंकि वह हर बार अलग तरीके से डिफेंस और अटैक करते थे । आजकल इंफॉर्मेशन इतनी ज्यादा है कि हम लोग अच्छा रूटीन और टेक्निक खोजने में ही समय निकाल देते हैं इससे बेहतर है कि एक टेक्निक पर काम करना शुरू करो एक्सपेरिमेंट करते जाओ और सीखते जाओ “मास्टरी हासिल करने का यही तरीका है”


फ्लोएड कहते हैं कि मुझे अनडिफीटेड का राज पता है “मैं हर दिन अपने आप को मेंटली वहां ले जा सकता हूं जहां और कोई फाइटर नहीं जा सकता” फ्लोएड मेवैदर के कहने का मतलब है कि वह हर दिन अपनी ट्रेनिंग को मेंटली ध्यान के उस स्तर पर ले जाते हैं जहां पर दर्द, थकान मायने नहीं रखती और जहां अन्य बॉक्सर नहीं जा सकते फ्लोएड कहते हैं;


“मैं हर फाइट की तैयारी एक ही तरह से करता हूं मैं अपनी हर एक सीमा से आगे जाता हूं”


तो दोस्तों यह एक चैंपियन की ही अप्रोच हो सकती किसी ना किसी रूप में सब के पास कुछ चैलेंजेस आते हैं जो हर चैलेंज पर खुद को बेहतर करने का जज्बा रखता है वही चैंपियन बनता है सालों से खेलते हुए फ्लोएड मेवैदर तो पहले से ही वर्ल्ड क्लास फाइटर और स्ट्रेटजिस्ट है। लेकिन वह कहते हैं I train for every Fighter the same way I push myself  इसी मेंटलिटी के कारण फ्लोएड मेवैदर एक दशक तक पांच डिवीजन में अनडिफीटेड चैंपियन रहे उन्होंने 50 फाइट जीती जिसमें उन्होंने 12 बार वर्ल्ड चैंपियनस को हराया।


दोस्तों हमको यही मेंटलिटी अपने काम खेल और पढ़ाई में इस्तेमाल करनी है पहले समझो कि आपके कंपटीशन में टॉप 5 परसेंट का स्टैंडर्ड क्या है और फिर अपने काम और ट्रेनिंग को उस स्टैंडर्ड से छोटे-छोटे लेवल ऊपर उठाते जाओ जल्द ही ऐसा समय आएगा जब आपको अपने ही स्टैंडर्ड से ऊपर उठना पड़ेगा।


कुछ बातें जो हमने सीखीं


1. फ्लॉएड कहते हैं मैं अपना ध्यान उन सकारात्मक बातों पर रखता हूं जिनके बारे में मैं कुछ कर सकता हूं हमको हमेशा अपनी मेंटल एनर्जी को उन सकारात्मक बातों पर लगाना चाहिए जिन पर हम कुछ एक्शंस ले सकें।


2. फ्लॉएड को बचपन की तकलीफ और कड़वी बातों में से निकलते निकलते इस बात पर यकीन हो गया था कि वह मेहनत और डेडीकेशन के दम पर किसी भी चैलेंज को जीत सकते हैं।


3. वह दूसरे फाइटर से 2 या 3 गुना ज्यादा से ट्रेनिंग करते  क्योंकि वह अपने शरीर और केपीसीटी को समझते थे।


4. फ्लॉएड ने विभिन्न ट्रेनिंग को अपनाकर काफी एक्सपेरिमेंट किये जिस कारण उन्होंने खेल में मास्टरी हासिल की यह सीखने की बहुत ही अच्छी अप्रोच है एक बढ़िया टेक्निक पकड़ो और उस पर काम तत्काल शुरू करो।


5. हर चैलेंज पर अगर हम खुद को बेहतर कर पाएं तो हमको चैंपियन बनने से कौन रोक सकता है फ्लॉएड कहते हैं कि मैं हर फाइट की तैयारी एक ही तरह से करता हूं मैं हमेशा अपनी सीमाओं से आगे जाता हूं I push myself।


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