तुम सिर्फ Comfortable होने के लिए पैदा नही हुए हो | Marcus Aurelius on self discipline hindi



दुनिया में Meditations अपने तरह की एकमात्र किताब है पहले इसका नाम था to himself जिसे Marcus Aurelius ने अपने जीवन काल के आखरी 10 सालों में लिखा था। यह किताब खास इसलिए है क्योंकि उस समय Rom दुनिया का सबसे ताकतवर राज्य था और मार्कस ऑरिलियस दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान थे। वह चाहते तो खा पीकर हर रात मौज कर सकते थे, अपनी सारी जायज और नाजायज इच्छाएं पूरी कर सकते थे उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था, लेकिन इसके विपरीत बुक मेडिटेशंस में आपको दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान के विचार मिलेंगे जिसमें वह एक तरफ खुद को लालच, क्रोध, लोभ और आलस के प्रति सावधान करते हैं। और दूसरी तरफ मेहनत, दया, न्याय, और विवेक पूर्ण व्यवहार करने की सलाह देते हैं। मार्कस ऑरिलियस कोई फिलॉसफर नहीं थे जो बैठकर लिखते रहते थे उन्होंने कई बड़े युद्ध और विद्रोह का दमन किया प्लेग और महामारी से देश को बचाया और इन सबके बीच प्रजा और न्याय में शांति बनाए रखी।

हिस्टोरियंस कहते हैं कि वह राज्यकाल बहुत कठिन था मार्कस ऑरिलियस ने बड़ी चतुराई से यह सब किया शायद वह कोई और राजा होता तो यह सब ना कर पाता और यही प्रैक्टिकल अप्रोच और चातुर्य आपको उनकी लिखाई में मिलेगा।


मार्कस ऑरिलियस कहते हैं;

These are the characteristics of the rational soul. Self awareness, Self examination, and self determination it succeeds in the own purpose


आप किसी भी तरह का डिसिप्लिन पालन कर रहे हैं चाहे वह no fap हो या फिर आप किसी एक्जाम की तैयारी के साथ ही खुद को इंप्रूव करना चाह रहे हो आपको एक मेकैनिज्म का तरीका चाहिए जिससे आप हर शाम खुद को evaluate कर सकते हैं। यह बहुत प्रैक्टिकल बात है क्योंकि अगर आप हर दिन खुद अपनी अच्छाई नहीं देखेंगे तो अपनी छोटी जीत से प्रेरणा लेने का मौका छोड़ देंगे, आप कह सकते हैं कि Self evolution से पैदा होती है Self awareness, और सेल्फ अवेयरनेस से मिलती है प्रेरणा, यानी सेल्फ मोटिवेशन.. खुद अच्छे काम से प्रेरित होना आपको किसी भी काम में mastery की तरफ ले जाता है। It Succeeds In Its Own Purpose इसलिए मार्कस ऑरिलियस कहते हैं कि यह बुद्धिमानी की बात है।


आपको हर रात कम से कम 10 से 15 मिनट ऐसे चाहिए जहां आप सोच सकें कि मैंने आज क्या अच्छा किया और मुझे कहां इंप्रूवमेंट की जरूरत है। आपके कितने भी बुरे दिन क्यों ना चल रहे हो हर इंसान एक चीज ही सोच कर खुश हो सकता है जो उसने दिन भर में अच्छी की हो। जब भी आप एक छोटी सी चीज के बारे में सोचेंगे कि "हां आज दिन की शुरुआत अच्छी रही मैंने जैसा प्लान किया था मैं वैसा ही कर पाया" तो आप बाकी परेशानियों से विचलित नहीं होंगे ओर  इसके साथ आपको अपनी गलती भी देखनी है और लिखना है कि आप अगले दिन ऐसे कैसे बेहतर कर सकते हैं। ना आपको दुखी होना है, ना आपको आलोचना करनी है आप अपनी कमियों को अवॉइड नहीं कर रहे बस दुखी होने की जगह यह सोच रहे हैं कि कल कैसे बेहतर किया जा सकता है, आज की गलती कल होने से कैसे रोकी जा सकती है, एक डायरी में हर रात सोने से पहले इन दोनों का जवाब लिखते रहिए आपको केवल 2 प्रश्नों के जवाब लिखने हैं इसमें 5 से 10 मिनट लगते हैं लेकिन इसके फायदे अच्छे होंगे और आप अगले दिन सचेत रहते हैं।


➡ स्वामी विवेकानंद - नकारात्मक विचारों को कैसे रोकें


Self-Mastery


सेल्फ डिसीप्लिन अपने विचारों की मास्टरी से शुरू होता है। अगर आप अपने विचारों पर कंट्रोल नहीं कर सकते तो अपने रिएक्शन और एक्शन पर भी कंट्रोल नहीं कर सकते। मान लीजिए कि आप के आस पास बहुत डिस्टरबेंस है जो आपको बार-बार पीछे घसीटता है सारे Distraction और Confusion के बीच आप चयन कर सकते हो अंदर से खुद से बोल सकते हो की;  "मैं इन सब से अपना फोकस नहीं खोता तो" आप distracted भी महसूस नहीं करोगे और जब आप महसूस नहीं करते तो आप होते भी नहीं।


मार्कस ऑरिलियस आपको अपने थॉट प्रोसेस में झांकने का मौका देते हैं जब हम कंफ्यूज होते हैं तो हमें एक हैंडल चाहिए, एक पकड़ चाहिए अपने थॉट प्रोसेस पर, जहां से हम शुरू कर पाए और चीजों को काबू कर पाएं भले ही Distraction के कारण आप अपनी जगह बदल ले एक बार चयन करने की देरी है अपना मेंटल रिएक्शन चूस करने से आप अपना थॉट प्रोसेस नियंत्रित कर सकते हैं जैसे मुझे पता है की आईपीएल करीबन 45 दिन चलेगा और अगर इसे फॉलो किया तो कुछ नहीं तो 40 से 50 घंटे जरूर खर्च हो जाएंगे तो में आईपीएल से रिलेटेड कोई न्यूज़, हाईलाइट, या स्कोर बोर्ड देखूंगा ही नहीं क्योंकि अगर शुरुआत में इतना कंट्रोल कर लिया तो मैं हर दिन मैच देखने की एक झलक से भी बच जाऊंगा।


एक राजा बड़ी आरामदायक जिंदगी जीता है उसके आसपास वाले भी चाहते हैं कि राजा जी उन्माद में जीवन बिताएं मार्कस ऑरिलियस मौज और लालच से बचने के लिए कहते हैं कि “क्या तुम अच्छा महसूस करने के लिए पैदा हुए थे?” या तुम कुछ कोशिश करोगे, कुछ नया अनुभव प्राप्त करोगे।


➡ अपने काम में discipline कैसे लाएं


दोस्तों जब भी आप अपना फोन उठाएं तो खुद से पूछें क्या मैं हर दिन अच्छा अच्छा महसूस करने के लिए पैदा हुआ हूं। मार्कस ऑरिलियस कहते हैं कि क्या आप को नहीं दिखता प्रकृति में कितने जीव, कितने प्रयास, कितने यत्न से अपना कर्तव्य निभा रहा है पक्षियों को भी प्रकृति उनके घोंसले में खाना नहीं देती उन्हें भी खाने की तलाश करनी पड़ती है तो क्या आप इंसान होने का कर्तव्य नहीं निभाओगे? या आप केवल अभी थोड़ा सा अच्छा सा महसूस करने के लिए यहां रुक जाओगे। सबके अंदर क्षमता है खुद को डिसिप्लिन के रास्ते पर चलाने की बस आपको सही समय पर सही सवाल खुद से पूछना है।


मार्कस ऑरिलियस अगली बात कहते हैं कि अपने दिमाग में खुद को विक्टिम या कमजोर मत बनाओ नहीं तो शिकायत करना शुरू कर दोगे। जब अचानक कुछ बुरा होता है तो हम लोग खुद से सवाल पूछते हैं कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ इस सवाल का कोई सकारात्मक जवाब हो ही नहीं सकता।


मेरे साथ बुरा क्यों हुआ? मेरे साथ बुरा क्यों हुआ? क्योंकि मैं बदकिस्मत हूं?


इसीलिए चाहे कुछ भी हो जाए कभी भी अपने आप को अपने दिमाग में विक्टिम या कमजोर मत बनाओ बल्कि यह सोचो कि इस परेशानी इस दुर्घटना को मैं अपनी कैसे ताकत बना लूं। इसे अपनी प्रेरणा और अपनी सीख कैसे बना लूं और अभी इस समय अपनी जिंदगी बदलने के लिए क्या कर सकता हूं।


➡ क्यों हम किसी काम मे बार बार रुक जाते हैं


आखिर self-discipline क्यों?


मान लीजिए आप हाईवे पर कार चला कर जा रहे हैं और थोड़ी देर में शाम होने वाली है अचानक टायर पंचर हो जाता है लेकिन इससे पहले आपने कभी टायर नहीं बदला है तो आप क्या करोगे?

आप कार से जैक और टायर निकाललोगे और अपने लॉजिक से शुरु हो जाओगे, नहीं तो इंटरनेट पर देख लोगे, नहीं तो किसी से मदद मांगोगे, नहीं तो अपने दोस्त को फोन लगाओगे उस समय इंसान कोई भी होगा अकलमंद या आलसी वह कोई ना कोई जुगाड़ करके टायर बदल कर वहां से निकल लेगा क्योंकि उसे पता है कि अंधेरे के बाद हाईवे सेफ नहीं है उसका purpose क्लियर है कि मुझे शाम होने से पहले निकलना है और इसके लिए मुझे टायर बदलने के टास्क को पूरा करना है।


मर्कोस ऑरिलियस कहते हैं कि जब आपको सुबह उठने में दिक्कत होती है, आप एक्स्ट्रा एफर्ट लगाने से रुक जाते हो तो अपने आप से पूछो कि मेरी शिकायत क्या है? क्यों मुझे अपना purpose पूरा नहीं करना चाहिए? क्या यह इंसान का जीवन मुझे कंबल में लेटने के लिए मिला है? अगर हमें महसूस होने लगे कि हमें हर दिन अपनी ज़िंदगी के कुछ पंचर टायर बदलना है नहीं तो यह जिंदगी हाईवे पर निकल जाएगी तब आप किसी भी इंस्पिरेशन का इंतजार नहीं करेंगे।


Inspiration gets you going

but discipline keeps you growing


प्रेरणा के दम पर आप चलना तो शुरू कर सकते हो लेकिन डिसिप्लिन के दम पर ही आप आगे बढ़ते हो।


कुछ महत्वपूर्ण बातें जो हमने सीखी



•●• आपको हर रात बस 2 सवालों का जवाब लिखना है; पहला- आज क्या बेहतर किया, दूसरा- आज क्या बेहतर किया जा सकता है?


•●• आप अपना रिएक्शन चूस कर सकते हो।


•●• आप अपने आप से सवाल पूछ सकते हो, क्या तुम अच्छा महसूस करने के लिए पैदा हुए थे? या तुम कोशिश करोगे कुछ नया अनुभव प्राप्त करोगे?


•●• हम कभी भी अपने दिमाग में खुद को पीड़ित या कमजोर ना समझे बल्कि खुद से पूछो कि अगर इस दुर्घटना को मैं अपनी ताकत बना लूं, अपनी प्रेरणा और अपनी सीख बना लूं तो मैं अभी अपनी जिंदगी बदलने के लिए खुद को क्या कर सकता हूं।


•●• जब आपको सुबह उठने में दिक्कत होती है एक्स्ट्रा एफर्ट लगाने में डर लगता है तो खुद से पूछो कि मेरी शिकायत क्या है? क्या मुझे अपना purpose पूरा नहीं करना चाहिए? क्या यह इंसान का जीवन मुझे कंबल में लेटने के लिए मिला है?


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