समर्थ रामदास स्वामी जी के अनमोल सुविचार | Samarth Ramdas Swami Quotes In Hindi

समर्थ रामदास स्वामी जी के अनमोल सुविचार | Samarth Ramdas Swami Quotes In Hindi


समर्थ रामदास स्वामी जी के अनमोल सुविचार | Samarth Ramdas Swami Quotes In Hindi

समर्थ रामदास स्वामी जी के अनमोल वचन, सुविचार | Samarth Ramdas Swami Quotes In Hindi


1.) जो अधर्म करता है और बेईमानी से धन कमाता है, जो अविचारी होता है तथा ऐसा इंसान मूर्ख होता है।


समर्थ रामदास


2.) हमेशा अपनी मेहनत के बल पर जीना चाहिए। दूसरों के टुकड़ों पर नहीं पलना चाहिए।


समर्थ रामदास


3.) जिन्होंने हमें कभी भी तकलीफ नहीं दी, उनको तकलीफ नहीं देनी चाहिए।


समर्थ रामदास


4.) हमने जो वचन दिया है, उसे हमें नहीं भूलना चाहिए। 


समर्थ रामदास


5.) किसी से भी कठोरता से पेश नहीं आना चाहिए। किसी प्राणी की हत्या नहीं करनी चाहिए।


समर्थ रामदास


6.) किसी रास्ते पर जाने से पहले वो रास्ता कहां जाता है, यह जानना जरूरी है।


समर्थ रामदास


7.) किसी विषय पर बात करने से पहले उस विषय पर सोच लेना चाहिए।


समर्थ रामदास


8.) समय आने पर दूसरों की मदद करनी चाहिए। शरण में आए हुए प्राणी को माफ कर देना चाहिए।


समर्थ रामदास


9.) कोई सा भी फल उसको जाने बिना नहीं खाना चाहिए।


समर्थ रामदास


10.) रात के समय दूर की यात्रा के लिए घर से बाहर निकलना नहीं चाहिए।


समर्थ रामदास


11.) अपनी ताकत का उपयोग दूसरों को बिना किसी कारण से तकलीफ देने के लिए नहीं करना चाहिए।


समर्थ रामदास


12.) वक्त आने पर हमें अपनी शक्ति का उपयोग करना चाहिए।


समर्थ रामदास


13.) किसी भी काम की शुरुआत करने से पहले उस काम के बारे में जानना जरूरी है।


समर्थ रामदास


14.) जब दो इंसान बात करते हैं और तीसरा उन दोनों के बीच जाकर परेशान हो जाता है, वो इंसान मूर्ख होता है।


समर्थ रामदास


15.) किसी और का एहसान हम पर नहीं होने देना चाहिए। अगर कोई हम पर एहसान करता है, तो उस एहसान की वापसी भी जल्दी ही करनी चाहिए।


समर्थ रामदास


16.) बात करते वक्त किसी को बुरा नहीं कहना चाहिए। अगर किसी ने अपमान किया तो वो नहीं सह लेना चाहिए। 


समर्थ रामदास

 

17.) बारिश और सही समय को ध्यान में रखकर ही यात्रा के लिए जाना चाहिए।


समर्थ रामदास


18.) महत्वपूर्ण कामों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


समर्थ रामदास


19.) जो इंसान गरीब से अमीर बन जाता है और अपने पुराने रिश्तों को भूल जाता है, वो इंसान अमीर होकर भी हमेशा गरीब ही रहता है और वो इंसान मूर्ख होता है।


समर्थ रामदास


20.) जिसके पास बुद्धि नहीं है, धन नहीं है और कोई साहस नहीं है, वो इंसान मूर्ख होता है।


समर्थ रामदास


21.) माया सद्गुरु के रूप को छू नहीं सकती। हमारा सारा ज्ञान माया के क्षेत्र में है। इसलिए हम जैसे अज्ञानी लोगों के लिए सद्गुरु को जानना संभव नहीं है। इसका वर्णन नहीं किया जा सकता।


समर्थ रामदास


22.) वेदों की जननी, ब्रह्मा जी की पुत्री, वाणी की स्वामिनी, नाद की जन्मस्थली और महामाया को मैं प्रणाम करता हूँ। आदिपुरुष भगवान के आर्य हैं।


समर्थ रामदास


23.) दुष्ट अभिमान ईर्ष्या उत्पन्न करता है, ईर्ष्या घृणा उत्पन्न करती है, क्रोध उत्पन्न करती है, लोग अहंकार से विकृत हो जाते हैं, उसके लिए अहंकार को किनारे करना सबसे अच्छा है।


समर्थ रामदास


24.) दासबोध के अध्ययन से जीवन का पतन रुक जाता है। मन को सच्चा विश्राम और संतोष मिलता है।मैं भगवान गणपति को नमन करता हूं, जो सभी उपलब्धियों के वाहक, अज्ञान को दूर करने वाले, भ्रम को दूर करने वाले, मूर्त ज्ञान के धारक हैं।


समर्थ रामदास


25.) दशा बोध में कई विकल्प और भ्रांतियां दूर हो जाती हैं, संदेहों को दूर कर दिया जाता है, अपेक्षाओं और प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दिया जाता है। इस भक्तिमार्ग से नास्तिक लोग भी मोक्ष को प्राप्त करते हैं।


समर्थ रामदास










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