जेम्स कैमरून की सफलता की कहानी | James Cameron success story in hindi

जेम्स कैमरून की सफलता की कहानी | James Cameron success story biography in hindi


जेम्स कैमरून की सफलता की कहानी | James Cameron success story biography in hindi

जेम्स कैमरून की सफलता की कहानी | James Cameron success story biography in hindi


यह कहानी है जेम्स कैमरून की एक ट्रक ड्राइवर से 11 ऑस्कर अवार्ड तक के सफर की। जेम्स कैमरून ऐसे डायरेक्टर हैं जो मूवीस बनाने के लिए पहले उसमें लगने वाली टेक्नोलॉजी का आविष्कार कर लेते हैं उन्होंने टाइटेनिक मूवी में अंडर वाटर फोटोग्राफी करने के लिए एक खास तरह का सूट  बनाया था जिसे पहनने के बाद भारी कैमरे के साथ समुद्र में आसानी से फोटोग्राफी की जा सकती है।


उसी तरह अवतार मूवी के लिए उन्होंने ऐसी तकनीक का आविष्कार किया जो 3D और कंप्यूटर ग्राफिक्स, रियल लाइफ फुटेज को एक साथ मिक्स कर सके कैमरून ने 3D इमेज में इतनी महारत हासिल कर ली है कि उन्होंने नासा इंजीनियर के साथ मार्स रोवर पर लगने वाले कैमरे पर भी काम किया।


जेम्स फ्रांसिस कैमरून का जन्म 16 अगस्त, 1954 को कापुस्कसिंग, ओंटारियो में हुआ था, जो एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर फिलिप कैमरून और एक कलाकार और नर्स शर्ली (नी लोव) के बेटे थे। उनके परदादा-परदादा १८२५ में स्कॉटलैंड के बाल्कहिडर से आकर बस गए ।  कैमरन पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उन्होंने नियाग्रा फॉल्स में स्टैमफोर्ड कॉलेजिएट में भाग लिया । 17 साल की उम्र में, कैमरून और उनका परिवार चिप्पावा से ब्रे, कैलिफ़ोर्निया चले गए । उन्होंने सोनोरा हाई स्कूल में पढ़ाई की और फिर ब्रे ओलिंडा हाई स्कूल चले गए ।


जेम्स कैमरून सीरियल एंटरप्रेन्योर, एक्सप्लोरर, पेंटर, लेखक और डायरेक्टर हैं। और वह कोई ऐसे वैसे डायरेक्टर नहीं है अगर आप हॉलीवुड मूवी से कोई वास्ता नहीं रखते तो भी आपने टर्मिनेटर, टाइटेनिक और अवतार का नाम जरूर सुना होगा। जेम्स कैमरून ने अब तक कुल 7 फीचर फिल्म लिखी और डायरेक्ट की है और सब की सब हॉलीवुड इतिहास में अपनी खास जगह रखती हैं। ट्रक ड्राइवर से 11 ऑस्कर के पीछे एक जुझारू सफर छुपा है जिस पर हम बात करेंगे।


Never Give Up On Your Dreams


जेम्स कैमरून का जन्म कनाडा के एक छोटे से गांव में हुआ। बचपन में वह पूरे दिन किसी साइंस एक्सपेरिमेंट या रोबोट बनाने में लगे रहते, उनका दिमाग हमेशा स्पेसशिप्स, एलियन और रोबोट के विचारों से भरा रहता था साइंस के प्रति अपने जुनून की वजह से जेम्स कैमरून ने अपने स्कूल के दिनों में फिजिक्स चुना फिर कॉलेज में जेम्स कैमरून ने पाया कि यहां तो फिजिक्स को सिर्फ रटाया जा रहा है तो फिर उन्होंने फिजिक्स छोड़कर लेखक बनने के लिए इंग्लिश कोर्स का चुनाव किया लेकिन जीवन के इस दौर में जेम्स पूरी तरह कंफ्यूज हो गए कि आखिर मुझे करना क्या है?


26 साल की उम्र तक उनके पास कोई दिशा नहीं थी वह बार-बार खुद से पूछा करते कि मेरे अंदर एलियन स्पेस के विचार बार-बार आया करते लेकिन मैं इनका कुछ क्यों नहीं कर पा रहा? इसी बीच जेम्स कैमरून ने स्टार वॉर्स मूवी देखी इस मूवी को देखकर उनके सेल्फ डाउट खत्म हो गए उन्होंने खुद से कहा अगर लोग इस मूवी को इतना पसंद कर सकते हैं तो जो अद्भुत विचार मेरे अंदर आते हैं उनको भी लोग जरूर पसंद करेंगे।


जेम्स कैमरून ने तुरंत कदम उठाया और एक फिल्म डायरेक्टर बनने के लिए Screen writing सीखी और फिर एक दिन उन्होंने कॉलेज भी छोड़ दिया अपना गुजारा चलाने के लिए जेम्स कैमरून ट्रक चलाने लगे ड्राइविंग करते समय वह स्क्रीन्राइटिंग के बारे में सोचा करते जब ड्राइविंग से समय मिलता है तो वह लाइब्रेरी जाकर फिल्म टेक्नोलॉजी पर रिसर्च पढ़ते। कैमरून साहब अपने लक्ष्य के प्रति इतने समर्पित थे कि वह 1 साल में ही उन्होंने अपनी पहली शार्ट फिल्म Xenogenesis बना डाली जिसकी टेक्निकल कलाकारी से प्रभावित होकर इन्हें हॉलीवुड में छोटे-मोटे काम मिलने लगे।


दोस्तों अपने सपने को जीने का मतलब है लगातार एक्शन जेम्स कैमरून ने अपने लक्ष्य को पाने के लिए ट्रक भी चलाए लेकिन वह कभी रुके नहीं।


दोस्तों अधिकतर लोगों के सपनों और एक्शन में भारी अंतर होता है और जब मौका मिलता है कुछ करने का तो लोग अक्सर उस मौके के लायक नहीं होते। आपको आज अपना पूरा दम लगाने से कौन रोक रहा है अगर आप देखो तो आपको पता चलेगा की मुश्किलें नहीं सेल्फ डाउट हमें रोकते हैं यह सेल्फ डाउट कन्फ्यूजन का रूप लेकर हमको कुछ करने नहीं देते। इसलिए छोटे-छोटे एक्शंस लीजिए हर दिन लीजिए बार-बार लीजिए इस पर विश्वास करते हुए कि भले ही आप जो करना चाहते हो वह अभी दूर लगता हो सीधा रास्ता नजर ना आता हो फिर भी आपको भरोसा होना चाहिए कि आप अभी भी अपने लक्ष्य पर अग्रसर हो और 1 दिन आपका हर एफर्ट हर कोशिश रंग लाएगी।


जेम्स कैमरून की पूरी जिंदगी एक passion की कहानी है अगर हम 2 मिनट के लिए वह महसूस कर सके जो कैमरून साहब करते हैं। तो हम समझेंगे कि passion का मतलब क्या है वह कहते हैं बिना पूरी जान लगाये मुझे मजा नहीं आता मुझे असफलता मंजूर है लेकिन डर का विकल्प नहीं।


जेम्स कैमरून कहते हैं मैं बचपन से नई चीजें सीखना चाहता था सबको अपनी इमैजिनेशन से चकित करना चाहता था नई तरह से कहानी सुनाना मेरे लिए बेशकीमती है मैं हमेशा बस यही करना चाहता था।


➡ सिल्वेस्टर स्टेलोन की कहानी


जेम्स कैमरून कहते हैं जब आपको महसूस होता है कि आप कुछ बेशकीमती कर रहे हो तो आप अपने समय और जीवन का मूल्य समझने लगते हो सारी परेशानियां आपको छोटी लगने लगती है क्योंकि आपका विजन बहुत बड़ा है और आप अपनी कभी पूरी शक्ति लगाने से पीछे नहीं हटते यही मेरे passion का राज है। कैमरून साहब आगे और राज खोलते हैं कि मैं बहुत बड़े इंपॉसिबल दिखने वाले गोल्स बनाता हूं और जब फेल होता हूं तो बड़ा फेल होता हूं यह प्रोसेस मेरे लिए काम करता है क्योंकि बिना पूरी जान लगाये मुझे मजा नहीं आता मुझे failure मंजूर है लेकिन डरकर रुकना मंजूर नहीं है इसीलिए मैं हमेशा अपनी टीम से कहता हूं कि 

Fear Is Not an option, Luck is Not A Factor And Hope Is Not A Strategy


Luck पर भरोसा नहीं होना चाहिए और किसी सहारे की उम्मीद नहीं होना चाहिए जो भी आपको पाना है और जो भी आपको करना है उसे पूरी शिद्दत से करो यही कैमरून साहब के Passion का राज है।


Power Of Imagination


कैमरून साहब कहते हैं कि बचपन में हमारे पास VCR तो थे नहीं मैं ऑडियो कैसेट्स में सारी मूवी रिकॉर्ड कर लेता और आंख बंद करके पूरी मूवी को मन ही मन देख लेता बचपन से ही मुझे अपने प्रोजेक्ट्स को विजुलाइज करने की आदत पड़ गई थी जेम्स कैमरून साहब की हर मूवी इमैजिनेशन का बेहतरीन उदाहरण है चाहे वह टर्मिनेटर हो रोबोट हो या टाइटेनिक का डूबता जहाज या अवतार का पेंडोरा प्लानेट हो यह सब पर्दे पर आने से पहले जेम्स कैमरून ने स्पष्ट रूप से देख लिए थे।


आप बिना सपनों को देखें उन्हें पूरा नहीं कर सकते जेम्स कैमरून कहते हैं कि इमैजिनेशन आपके पास बहुत बड़ी शक्ति है जिसके द्वारा आप अपने सपनों को असली जिंदगी में प्रकट कर सकते हो इसीलिए कभी अपने ऊपर Limitations मत लगाइए और जो भी बनना चाहते हैं उसे बार-बार विजुलाइज कीजिए और एक्शन लेते जाइए।


Believe In Yourself


मुझे क्या मिलेगा, मेरा क्या फायदा होगा यह ऐसी सोच कंफर्ट जोन से पैदा होती है दूसरी तरफ कैमरुन साहब जैसे लोग हैं जो अपने विजन को सफल बनाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा देते हैं जब कैमरून साहब ने टर्मिनेटर मूवी की स्क्रिप्ट लिखी तो इंडस्ट्री में नया होने के कारण कोई भी उनकी विचित्र स्क्रिप्ट नहीं खरीदना चाहता था अंत में उन्होंने अपनी स्क्रिप्ट एक डायरेक्टर सिर्फ $1 में बेच दी बस कैमरून की शर्त यह थी कि वह इस मूवी को डायरेक्ट भी करेंगे।


दोस्तों जो भी सपना आप देखते हो उसे सच करने में अपनी पूरी जान लगा दो फिर देखो यह ब्रह्मांड आपके लिए कितने दरवाजे खोलता है टाइटेनिक का कुल बजट 120 मिलीयन डॉलर्स था जो आधी फिल्म बनते बनते ही खत्म हो गया क्योंकि कैमरून साहब जहाज को थोड़ा-थोड़ा करके डूबा रहे थे और suiting कर रहे थे कैमरून साहब को अपने विजन पर इतना भरोसा था कि उन्होंने अपने 8 मिलियन की फीस छोड़कर मुफ्त में काम किया नए प्रोड्यूसर को बुलाया और कॉन्ट्रैक्ट साइन किया कि अगर प्रॉफिट होगा तो ही मैं पैसे लूंगा।


यह फिल्म पूरे विश्व में सफल रही बहुत लोगों ने उसे सराहा और कैमरून साहब को बदले में 600 मिलियन डॉलर मिले जिस कारण आज वह दुनिया के सबसे अमीर डायरेक्टर हैं।


कैमरून की फिल्मों ने उत्तरी अमेरिका में लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर और दुनिया भर में 6 अरब अमेरिकी डॉलर की कमाई की है। अवतार और टाइटैनिक अब तक की सबसे अधिक और तीसरी सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्में हैं, जिन्होंने क्रमशः 2.85 बिलियन डॉलर और 2.19 बिलियन डॉलर की कमाई की है। कैमरून के पास इतिहास की पांच फिल्मों में से पहली दो फिल्मों को दुनिया भर में 2 अरब डॉलर से अधिक की कमाई करने की उपलब्धि है।


2010 में, टाइम पत्रिका ने कैमरन को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक के रूप में नामित किया । कैमरन एक पर्यावरणविद् भी हैं और कई स्थिरता व्यवसाय चलाते हैं।


दोस्तों जेम्स कैमरून आज भी आराम नहीं करते समय मिलता है तो गहरे समुद्र में खोज करते हैं और डॉक्युमेंट्रीज बनाते हैं क्योंकि जब आप अपने सपने को असलियत में जीते हो तो आप एक पल भी नहीं सोते बल्कि एक एक पल को जीते हो।


➡ मुहम्मद अली की सफलता की कहानी


➡ नेमार जूनियर के सफलता की कहानी


➡ उसैन बोल्ट की सफलता की कहानी


➡ वॉल्ट डिज्नी कई बार असफल हुए कर्ज में डूबे फिर मिली सफलता


➡ फॉर्मूला 1 रेसर माइकल शूमाकर के सफलता की कहानी