Rich Dad poor Dad book review in hindi | रिच डैड पुअर डैड इन हिंदी


Rich Dad poor Dad book review in hindi | रिच डैड पुअर डैड इन हिंदी

Rich Dad poor Dad book review in hindi | रिच डैड पुअर डैड इन हिंदी


लेखक रॉबर्ट कियोसाकी की किताब रिच डैड पुअर डैड वह किताब है जिसने कईयों की जिंदगी बदली है। इस किताब में जो 10 खास बातें हैं आज हम वही जानेंगे यह बातें बहुत ही प्रैक्टिकल और लाइफ चेंजिंग हैं। Rich Dad poor Dad book review in hindi से पहले जानते हैं कि कौन हैं रोबर्ट कियोसाकि।


रोबर्ट कियोसाकि कौन हैं?


रॉबर्ट कियोसाकिस ने एक महान शख्सियत को बदल दिया है जिसने लोगों के पैसे को देखने का तरीका बदला है। एक उद्यमी, निवेशक, लेखक और पेशे से प्रेरक वक्ता, उनका कहना है कि आज अधिकांश लोग आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं, इसका कारण यह है कि औपचारिक शिक्षा और प्रशिक्षण के वर्षों के बावजूद, उन्हें पैसे के बारे में कुछ भी पता नहीं है। वह रिच डैड पुअर डैड बुक के लेखक हैं जो कि अपनी रिलीज के समय से ही, सभी समय की नंबर वन बुक रही है। यह बुक उनके पिता के बीच तुलना करती है जो शिक्षित लेकिन गरीब थे और एक उनके दोस्त के पिता थे जो एक कॉलेज छोड़ने वाले लेकिन हवाई के सबसे धनी व्यक्ति थे।  दिलचस्प बात यह है कि जो आदमी बहु-करोड़पति बन गया है, जो लोगों को सिखाता है कि अमीर कैसे बने, वह एक समय में खुद असफल था और दो बार अपने बिज़नेस में बहुत बुरी तरह असफल हुआ था हालाँकि, वह अपनी असफलता के आगे नहीं झुका और लोगों को यह सिखाना शुरू कर दिया कि कैसे गरीब न बनें और गलत वित्तीय फैसलों से बच सकें।


Rich Dad poor Dad book review in hindi


1. हम सब अपने एक्सपीरियंस से सीखते हैं


रिच डैड पुअर डैड किताब में रॉबर्ट कियोसाकी बताते हैं कि कैसे उन्होंने पहली बार अपने दोस्त के डैड के साथ काम करना शुरू किया था। बुक में रोबर्ट अपने डैड को पुअर डैड कह कर बुलाते हैं क्योंकि वह हमेशा उन्हें स्कूल में अच्छे नंबर लाने को कहते थे ताकि डिग्री मिलने के बाद उन्हें कोई अच्छी सी नौकरी मिल सके। लेकिन रोबर्ट के दोस्त के डैड जिन्हें वह किताब मैं रिच डैड कह कर बुलाते हैं उन्हें सलाह देते हैं कि अगर वह यह समझ जाए कि पैसा असल में किस तरह काम करता है तो वह कभी भी पैसों के लिए परेशान नहीं रहेंगे।


शुरू में रोबर्ट ने Xerox कंपनी के लिए काम किया था क्योंकी उन्हें लगता था कि वह थोड़े शर्मीले नेचर के हैं और उस समय Xerox कंपनी अच्छे सैलिंग प्रोग्राम के लिए काफी फेमस थी रॉबर्ट जानते थे कि कामयाब होने के लिए चीजों को बेचने की कला सीखना बहुत जरूरी है इस तरह वह प्रैक्टिकल लर्निंग की मदद से कंपनी के सबसे अच्छे सेल्स पर्सन में से एक बन गए और उस कंपनी से जरूरी एक्सपीरियंस पा लेने के बाद उन्होंने उस नौकरी को छोड़ दिया।


यहां पर हमारे सीखने लायक बात यह है कि हमें सिर्फ कॉलेज की डिग्री लेना काफी नहीं है कामयाब होने के लिए आपको बोल्ड बनकर सीधा फील्ड में उतरना पड़ेगा और वहां से चीजें सीखनी पड़ेगी जिंदगी में सबसे ज्यादा कामयाब स्मार्ट लोग नहीं होते बल्कि बोल्ड लोग होते हैं।


2. आप सबसे पहले खुद को PAY करो


रोबर्ट बताते हैं कि ज्यादातर लोग अपनी सैलरी मिलने से पहले ही उसे पूरी तरह खर्च करने के रास्ते ढूंढ लेते हैं और फिर भी ज्यादातर समय उनके खर्चे पूरे ही नहीं हो पाते हैं इन सबके बीच में सेविंग तो बहुत दूर की बात है। इसलिए जब भी आप को सैलरी मिलती है तो आप उसका 10% अपने पास अलग रख लो इस 10% को आप सेल्फ पेमेंट की तरह समझो लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप इन पैसों को अपनी मर्जी से कहीं भी उड़ा दो, इसके बजाय आपको इन पैसों को कुछ ऐसे इन्वेस्टमेंट में लगाना चाहिए जो आपके लिए एक पैसिव इनकम का कार्य करेगा। पैसा कमाने का मतलब सिर्फ उसे खर्च करना नहीं बल्कि फाइनेंशली इंडिपेंडेंट होना चाहिए अगर आप फाइनेंशली इंडिपेंडेंट बनना चाहते हो तो आपको सबसे पहले खुद को pay करने की आदत अपनाना चाहिए।


3. आप किसी भी चीज के बारे में यह मत सोचो कि आप उसे नहीं पा सकते, बल्कि यह सोचो कि आप उसे कैसे पा सकते हो?


बचपन में रोबर्ट के पुअर डैड उन्हें अक्सर यह कहते थे कि हम यह नहीं खरीद सकते हम वह नहीं खरीद सकते लेकिन उनके रिच डैड ने उन्हीं ने सिखाया है कि हमें कभी भी यह नहीं कहना चाहिए कि हम यह नहीं खरीद सकते हम वह नहीं खरीद सकते इसके बदले उनको अपने आपसे यह पूछना चाहिए कि वह उस चीज को कैसे खरीद सकते हैं?


रिच डैड ने यह बात इसलिए कही थी कि क्योंकि जब आप भी खुद से यह मान लेते हो कि आप कोई चीज नहीं पा सकते हो तो आपका दिमाग पूरी तरह से यह मान लेता है और उस चीज को पाने के बारे में सोचना बंद कर देता है लेकिन जब आप खुद से पूछते हो कि आप किसी चीज को कैसे पा सकते हो तो आपका दिमाग उस चीज को पाने के नए रास्ते ढूंढने लगता है इस तरह के सवाल आपके दिमाग को जवाब ढूंढने के लिए मजबूर करते है।


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4. फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सीखना बहुत जरूरी है


चाहे आपके पास कितने ही पैसे हो अगर आपके पास फाइनेंशियल इंटेलिजेंस नहीं है तो आपके सारे पैसे बहुत जल्द ही खत्म हो जाएंगे जैसे कि अक्सर KBC और लॉटरी जीतने वालों के साथ होता है कई लोगों को लगता है कि अमीर बनने के लिए हमें बहुत सारे पैसे कमाने की जरूरत है पर यह बात उन्हीं के लिए सच है जिनके पास फाइनेंशली इंटेलिजेंस होती है। जिन लोगों के पास फाइनेंशली इंटेलिजेंस की कमी होती है वह चाहे जितने भी पैसे कमा ले हमेशा गरीब ही रहते हैं। आपको KBC और लॉटरी में कई लोगों के उदाहरण मिल जाएंगे जो वापस गरीब हो गए हैं। अगर आप अमीर बनना चाहते हो तो आपको फाइनेंशली इंटेलिजेंट बनने की जरूरत है फाइनेंशली इंटेलिजेंस पैसों के काम करने के तरीकों को समझने से आती है कई सारे लोग फाइनेंसली इनटेलीजेंस के बारे में कुछ नहीं जानते उन्हें यह भी नहीं पता होता कि उन्हें कितने पैसे टैक्स के रूप में लिए जा रहे हैं या फिर उनका नेटवर्थ कितना है कई सारे पढ़े लिखे लोग को भी यह जानकारी नहीं होती है।


रोबर्ट का मानना है कि लोगों में फाइनेंशली लिटरेसी की सबसे बड़ी कमी का कारण है मौजूदा एजुकेशन सिस्टम वह ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि स्कूलों में कभी भी फाइनेंशियल एजुकेशन नहीं दी जाती स्कूल लोगों को प्रोफेशनल नॉलेज देता है पर यह कभी भी उन्हें अपना फाइनेंस हैंडल करना नहीं सिखाता अगर आप फाइनेंशली इंडिपेंडेंट बनना चाहते हो तो उसके लिए आपको अपने अंदर फाइनेंशली इंटेलिजेंस डेवलप करने की जरूरत है।


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5. आपकी जेब मे पैसे आने चाहिए, जाने नही।


रोबर्ट liability (देनदारी या कोई भी वस्तु खरीदना ) और assets (संपत्ति) के बीच का डिफरेंस बहुत ही आसान शब्दों में बताते हैं कोई भी चीज जो आपके जेब से पैसे निकलवाए वह liability है और वह चीज जो आपकी जेब में पैसे डाले हैं वह asset है रोबर्ट आगे बताते हैं कि कई सारे लोग फाइनेंशियल नॉलेज की कमी की वजह से asset की जगह liability खरीदते हैं यह लोग महंगे मोबाइल, टीवी, बड़े घर, और गाड़ियां लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट समझकर खरीदते हैं भले ही यह चीजें उनके नेटवर्थ से जुड़ जाए लेकिन यह asset नहीं है क्योंकि यह चीजें उनकी जेब से पैसे निकलवाती है ना कि उनकी जेब में पैसे डालती है। यहाँ बात घर की भी हो रही है रोबर्ट कहते हैं कि अगर आपका घर आपकी जेब में पैसे नहीं डाल रहा है तो वह एक liability है asset नहीं है लेकिन अगर आपके घर से आपको किराया आ रहा है तो वह घर आपका asset है इसके अलावा जो हम liability खरीदते हैं और टाइम के साथ इनकी वैल्यू भी कम होती जाती है। इसलिए अमीर आदमी हमेशा अपने पैसों का asset मैं निवेश करते हैं जैसे कोई इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, बिजनेस, रियल एस्टेट, स्टोक्स आदि।


आम आदमी या साधारण आदमी हमेशा अपने पैसों को liability खरीदने के लिए खर्च कर देता है अगर आप फाइनेंशली इंडिपेंडेंट बनना चाहते हो तो आपको अपनी liability कम कर देना चाहिए और asset को बढ़ाना चाहिए


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6. एक बार आपने अपने पैसे में निवेश कर दिए हैं तो उन्हें वापस निकाल कर खर्च ना करें।


आप उस ऑनर या बॉस के बारे में क्या सोचेंगे जो अपने उन employee को निकाल देता है जो उसके लिए लगातार मेहनत करते हैं और उसको काफी प्रॉफिट भी कमा कर देते हैं आपके asset भी इन्हीं एंप्लोई की तरह होते हैं जब आप कोई asset में निवेश करते हो तो वह आपके लिए लगातार  बिना सोए, बिना रुके, काम करते हैं ओर आपको बहुत ज्यादा पैसा कमा कर आपको देते हैं इसीलिए रोबर्ट कहते हैं कि आप अपने asset से पैसे तभी निकालो जब आप उन पैसों का कुछ और बेहतर इस्तेमाल कर सकते हो।


रोबर्ट ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि जब आप उन पैसे को बेवजह निकालकर खर्च करते हैं तो आपके पैसे जल्दी गायब हो जाते हो और आप ज्यादा पैसा कमाने की अपॉरचुनिटी को गवा देते हो इसीलिए एक बार asset में निवेश करने के बाद आपको उसमें से पैसे नहीं निकालना चाहिए asset से पैसे निकालने की जगह आपको यह समझना चाहिए कि आप कैसे इसमें और ज्यादा पैसे इन्वेस्ट कर सकते हो जिससे आप अपने इन्वेस्टमेंट से और ज्यादा पैसे कमा पाएं।


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7. अपने काम से मतलब रखो


रोबर्ट के पढ़े-लिखे गरीब डेड हार्ड वर्क में बिलीव करते थे वह हमेशा रोबर्ट को स्कूल जाकर मेहनत करने अच्छे नंबर लाने को कहते थे ताकि उन्हें आसानी से कोई अच्छी सी नौकरी मिल सके। पुअर डैड उन्हें कहते थे कि कंपनियां उन एंप्लोई पसंद नहीं करती जो हर साल अपनी नौकरी बदलते रहते हैं और जो इन कंपनी के वफादार होते हैं कंपनी उन्हें इनाम देती है।


जबकि रोबर्ट के रिच डैड ने उन्हें सलाह दी थी कि खुद की सीढ़ी लगाना दूसरों की सीढ़ी पर चढ़ने से ज्यादा अच्छा है हमें अपने खुद के काम पर ध्यान देना चाहिए अपने खुद के काम पर ध्यान देने का यह मतलब नहीं है कि आपको अपनी नौकरी छोड़ देनी चाहिए इसका मतलब यह है कि आप दूसरे के लिए काम कर रहे हो तो आपको उससे वह सब जरूरी बातें सीखना चाहिए जो आपको खुद के काम को बनाने में और बढ़ाने में मदद कर सकती है।


8. पैसों को लेकर अपने डर को काबू करें


हमारी पैसों के मामले में सक्सेस इस बात पर निर्भर करती है कि हम अपने डर को कितने अच्छे से संभाल सकते हैं। अमीर और गरीब लोगों के बीच में एक बड़ा अंतर अपने डर को संभालने के तरीके से जुड़ा है। आपको याद होगा कि कैसे बचपन में साइकिल चलाते हुए आप कितनी बार नीचे गिरे थे। अभी भी कई सारे लोग ऐसे हैं जिनको साइकिल चलाना नहीं आता लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्हें कभी साइकिल चलाने का मौका नहीं मिला बल्कि उन्होंने कभी साइकिल चलाना सीखा ही नहीं क्योंकि वह गिरने से डरते थे।

बहुत सारे लोग इसी तरह जरूरी उपलब्धियां गवा देते हैं क्योंकि उन्हें रिस्क लेने से डर लगता है पर सच यह है कि कोई भी बिना रिस्क लिए कामयाब नहीं होता।


रोबर्ट बताते हैं कि कैसे रिच डैड हमेशा यह सोचते थे कि हार उन्हें पहले से और  ज्यादा मजबूत और पहले से ज्यादा समझदार बना देती है वह जिंदगी को एक साहसी आदमी की तरह जीते थे। एक बार हारने के बाद उनकी जीतने की चाहत और ज्यादा बढ़ जाती थी आमतौर पर आप हमेशा जीतने से पहले हारते हैं और फिर यह आप पर निर्भर करता है कि आप हार की वजह से खुद को फाइनेंशली इंडिपेंडेंट होने से रोक देते हो या फिर उस हार को हराकर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हो और जीतते हो।


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9. बेचने की कला सीखें


इस किताब में रोबर्ट एक जर्नलिस्ट से बात करते हैं जिसके पास इंग्लिश लिटरेचर में मास्टर की डिग्री होती है रोबर्ट बताते हैं कि जब रॉबर्ट ने जर्नलिस्ट को सेलिंग सीखने की सलाह दी तो वह शर्मिंदा हो गई थी। रोबर्ट मानते हैं कि वह बेस्ट सेलिंग ऑथर इसलिए है क्योंकि उन्हें चीजों को बेचना आता है ना कि इसलिए कि वह बेस्ट ऑथर हैं अगर आपको चीजें बेचना नहीं आती है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने स्किल्ड हैं आप हमेशा गरीब ही रहोगे अगर आपको अमीर बनना है तो चीजों को बेचने की कला को सीखना बहुत जरूरी है। आजकल के सारे प्रोफेशनल और आंत्रप्रेन्योर सिर्फ अपनी फील्ड में ही सबसे ज्यादा अच्छे नहीं हैं बल्कि उन्होंने बेचने की कला को भी सीखा है आपको अपने कंफर्ट जोन से बाहर आकर सेलिंग नेटवर्किंग सीखनी होगी तभी आप खुद का कोई बिजनेस कर पाओगे। 


10. खुद से ज्यादा समझदार लोगों को कम पर रखो और उन्हें अच्छे पैसे दो


इस किताब में रोबर्ट बताते हैं कि एक अच्छा आंत्रप्रेन्योर खुद से ज्यादा अच्छे लोगों को काम पर रखते हैं लोग सबसे बड़े asset होते हैं बहुत ही कम बिजनेसमैन इस बात को समझते हैं कि एक एक्सपीरियंस्ड और एक खुश एंप्लॉय उनके लिए पैसों से भी ज्यादा बड़ा asset होता है अगर आप एक सक्सेसफुल एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हो तो आपको अच्छे ब्रोकर और अच्छे एंप्लॉय को हायर करना चाहिए और उन्हें उसके लिए अच्छी सैलरी देना चाहिए।


कई बार लोग खुशी-खुशी वेटर को टिप दे देते हैं और जब उनके खुद के एंप्लॉय उनसे सैलरी बढ़ाने की मांग करते हैं तो वह बेहद गुस्सा हो जाते हैं रोबर्ट कहते हैं कि एक एंपलॉयर को एक एंप्लॉय की सैलरी उनके मांग करने से पहले ही बढ़ा देनी चाहिए जब आप ऐसा करते हो तो आपके एंप्लोई इस काम के लिए काफी मोटिवेट हो जाते हैं और अपने काम को और लगन और मेहनत से करते हैं इस तरह वह आपके लिए और ज्यादा पैसा कमाते हैं।।


तो दोस्तों यह थी वह 10 बातें फ्रॉम द बुक रिच डैड पुअर डैड by रॉबर्ट कियोसाकी यह एक बहुत ही अच्छी किताब है फाइनेंशियल इंटेलिजेंस पर, आपको फाइनेंशियल इंटेलिजेंस पर और भी बुक पढ़ना चाहिए अगर आप फाइनेंशली इंटेलिजेंट बनना चाहते हैं तो।


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