खाना ठीक से पचाने के लिए इस तरह से भोजन करें | Know About Your digestive System Hindi

खाना ठीक से पचाने के लिए इस तरह से भोजन करें | Know About Your digestive System Hindi



जापान में ओकिनावा नाम की एक जगह है जहां पर काफी समय से लोग 100 साल से ज्यादा जीते आएं हैं। लेकिन हमारे यहां काफी कम लोग हैं जो 100 की उम्र को पार कर पाते हैं। ओकिनावा में बहुत कम लोग हैं जो बीमारियों की वजह से 100 साल से पहले मरते हैं यहां पर कई लोग तो आपको जो कि 80 साल के हैं खेतों में मेहनत करते हुए दिख जाएंगे। ikigai नाम की बुक में कुछ लेखकों ने इनके बारे में जाना कि यह लोग ऐसा क्या करते हैं जिनकी वजह से यह इतने लंबे समय तक जीते हैं इन्हें ज्यादा बीमारी नहीं लगती और यह बुढ़ापे में भी काफी फिट रहते हैं। इस पोस्ट में हम सीखेंगे कि यहां के लोग अपना खानपान कैसा रखते हैं जिससे इन्हें कोई बीमारी भी नहीं लगती और यह लम्बी उम्र तक जीते है।


आपकी body में खाना Digest कैसे होता है, खाना digest होता है या सड़ता है।


पाचन क्रिया हमारे मुँह से ही शुरू हो जाती है हमारे मुँह में पाई जाने वाली लार भोजन में उपस्थित Starch को काफी छोटे हिस्सों में तोड़ देता है तो अगर आप खाने में Starch युक्त भोजन जैसे फल या आलू खा रहे हैं तो उसका एक बड़ा हिसाब के मुंह में ही Digest हो जाता है जब आप अच्छे से खाने को चबाकर निगलते हो तो खाना आपके पेट में जाता है एक बार खाना आपके पेट में पहुंच जाता है तब आपके पेट में तीन enzymes निकलते हैं Hydrochloric Acid, Mucus और pepsine


pepsine खाने में प्रयुक्त प्रोटीन को पचाने में मदद करता है लेकिन pepsine को काम करने के लिए Acidic mediam की जरूरत होती है और यह एसिडिक मीडियम हाइड्रोक्लोरिक एसिड प्रदान करता है अब क्योंकि हाइड्रोक्लोरिक एसिड एक बहुत ही स्ट्रांग एसिड है जो आपके पेट को काट भी सकता है इसीलिए आपके पेट में mucus भी रिलीज होता है जो आपके पेट की दीवारों को चारों ओर से घेर लेता है और उसे एसिड से protect करता है।


अगर आपके पेट में Acid बढ़ जाए और mucus कम हो जाए तो यह एसिड हमारे पेट की आंतरिक दीवारों को नुकसान पहुंचाने लगता है और हमारे पेट में छाले पड़ जाते हैं जिन्हें Alcer भी कहा जाता है जब पेट में यह तीनों enzymes आ जाते हैं तो पेट खाने को move करने वाली एक्टिविटी करने लगता है वह खाने को हिलाने डुलाने लगता है जिससे सारे enzymes खाने में अच्छी तरह मिल जाएं और खाना अच्छे से Digest हो जाए।


अब यहां पर समझने वाली बात यह है कि अगर आप पूरा पेट भर कर खाना खा लेते हो तो पेट को खाने को move करने की जगह ही नहीं मिलती और वह खाना आपके पेट में ज्यादा समय तक पड़ा हुआ सड़ता है।


इसीलिए कहते हैं कि कभी भी पूरा पेट भर कर खाना नहीं खाना चाहिए पेट थोड़ा खाली रखना चाहिए ताकि वह खाना move कर सके। पेट में चार-पांच घंटे रहने के बाद आपका खाना वहां से निकलता है और छोटी आंत में जाता है यहां पर जाकर वह bile juice से मिलता है जो कि आपके लीवर से निकलता है बाइल जूस आपके खाने में उपस्थित fat को digest करता है इसके अलावा यहां पर और भी कई juices होते हैं जो आपके प्रोटीन को और भी ज्यादा अच्छे से पचाने का काम करते हैं आंत में Peristalsis movement होता है जिसकी मदद से खाना आगे की तरफ बढ़ता है इसी के लिए फिजिकल एक्टिविटी बहुत जरूरी है।


जब आप फिजिकल एक्टिविटीज करते हो तो आंत के लिए Peristalsis movement बहुत आसान हो जाता है रास्ते में आपकी छोटी आंत की दीवार आपके खाने से nutrition observe करके आपकी रक्त कोशिकाओं तक पहुंचा देती है और जो खाना अच्छे से नहीं पच पाता है वह खाना आपकी बड़ी आंत में पहुंच जाता है और वहां से बाहर निकल जाता है।


आपने digestion process को समझ लिया लेकिन आप अपनी ईटिंग हैबिट को कैसे इंप्रूव कर सकते हैं।


1. भोजन को अच्छी तरह से चबाकर खाएं।


जैसा कि हमने देखा कि आपके खाने का digestion आपके मुँह से ही स्टार्ट हो जाता है अगर हम खाने को अच्छी तरह से चबाकर नहीं खाएंगे तो हमारे खाने में मौजूद starch का अच्छे से digestion नहीं हो पाएगा फिर हमने देखा कि आपका पेट खाने की moving एक्टिविटी करता है जिससे कि हमारे सारे enzymes खाने में अच्छे से मिक्स हो जाते हैं अगर आपने खाने को अच्छे से नहीं चबाया और आपके पेट में कुछ सॉलिड पदार्थ चले गए तो वह enzymes आपके खाने में अच्छे से मिक्स नहीं हो पाएंगे और वह सॉलि़ड फूड अच्छे से digest नहीं हो पाएंगे इसके साथ वह आप की छोटी आंत में भी अच्छे से Observe नहीं हो पाएंगे यानी कि आपको उस खाने में जो neutritions मिलने थे वह मिलेंगे ही नहीं तो आपको ऐसे खाना खाने का कुछ फायदा ही नहीं होगा इसीलिए हमेशा अपने खाने को अच्छे से चबाकर खाइए।


ओकिनावा के लोग 1 घंटे तक बैठकर अपना खाना खाते हैं आयुर्वेद के मुताबिक 32 बार आपको अपने खाने को चबाकर खाना चाहिए ताकि सारे सॉलिड पार्टीकल अच्छे से टूट जाए और उसमें सलाइवा अच्छे से मिक्स हो जाए यानी एक तरह से आपको आपका खाना खाना नहीं चाहिए बल्कि पीना चाहिए आपको अपना खाना इतना चबाना चाहिए कि वह आपके मुंह में ही लिक्विड बन जाए।


2. कभी भी जरूरत से ज्यादा ना खाएं।


हमें लगता है कि ज्यादा खाने से हमारे अंदर ज्यादा एनर्जी आएगी और हम ज्यादा healthy रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं है ikigai book में कहा गया है कि आपको अपना खाना सिर्फ 80% केपीसीटी तक खाना चाहिए हमने देखा कि हमारे पेट में एक moving एक्टिविटी होती है जिससे आपके पेट में मौजूद enzymes आपके पेट में अच्छी तरह से मिक्स हो जाते हैं।


अगर आपका पेट पूरी तरह खाने से भरा होगा और उसमें बिल्कुल भी स्पेस नहीं होगा तो ऐसे में आपके पेट को खाने को move करने में परेशानी होती है और पेट में मौजूद enzymes अच्छे से मिक्स नहीं पाते और आपका खाना पचेगा नहीं बल्कि सड़ेगा और फिर आपको एसिडिटी होगी मुंह से बदबू आएगी इसीलिए आपका कभी भी पूरा पेट भर कर मत खाओ।



3. खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए


बचपन में कभी आपने शर्बत या रसना पिया होगा तो आपको पता होगा कि उसमें एक लिमिट तक पानी डालते हैं अगर उसमें ज्यादा पानी डाल दोगे तो उसका टेस्ट फीका पड़ जाएगा पानी हर चीज को dilute कर देता और उसे कम इफेक्टिव बना देता है ऐसे ही दूध में पानी मिलने से वह पतला हो जाता है और acid में पानी मिलने से वह कम इफेक्टिव हो जाता है जैसा कि हमने देखा कि खाने के बाद हमारे पेट में बहुत सारे enzymes  रिलीज होते हैं और जब हम खाने के तुरंत बाद पानी पी लेते हैं तो यह enzymes dilute हो जाते हैं और इन enzymes का असर कम हो जाता है जिसके कारण हमारा खाना ठीक से नहीं पच पाता है।


आयुर्वेद में बताया गया है कि खाना खाने के बाद हमारे पेट में जठर अग्नि जलती है जिससे हमारा खाना पचता है इसी में अगर आप पानी पी लोगे तो वह अग्नि बुझे जाएगी फिर वह खाना पचेगा नहीं बल्कि सड़ेगा इसलिए खाना खाने के आधे घंटे बाद तक आप पानी मत पीजिये।


4.) कुछ ना कुछ फिजिकल एक्टिविटी भी करते रहिए।


ओकिनावा के लोग काम करते हैं इसलिए वह लंबे समय तक जीते रहते हैं वहां के लोग आज भी अपने daily काम को करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग नहीं करते।


आज की जनरेशन की प्रॉब्लम यह है कि वह सारा दिन बैठे-बैठे बिताते हैं इस वजह से हमारा blood circulation खराब हो जाता है और हमारी आंत में peristalsis movement भी नहीं हो पाता जिससे हमारे खाने को move करने में दिक्कत होती है जिससे वह खाना टाइम पर प्रोसेस ही नहीं हो पाता इसीलिए कोशिश करें की आप दिन भर में थोड़ी बहुत फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें जिससे कि आपका खाना अच्छे से digest हो पाए। फिजिकल एक्टिविटी के लिए आप लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करो मार्केट पैदल या साइकिल से चले जाओ।


5.) खाने में ररेशेदार पदार्थ (फाइबर) का उपयोग जरूर करें।


जब आप सेब खाते हो तो उसका सारा जूस निकल जाता है और आपकी मुँह में सिर्फ फाइबर बच जाता है यह फाइबर Digestion Process को improve करने का कार्य करता है हरी सब्जियों फूड्स में बहुत सारे फाइबर होते हैं जब आप फाइबर फूड खाते हो तो यह फ़ूड आपके पेट मे अच्छे से move करता है जिससे आपका डाइजेशन बेहतर होता है।


अगर आप सेब को छीलकर खाते हो या सिर्फ उसका जूस पीते हो तो इसका मतलब है कि आपका पेट अच्छे से साफ नहीं होगा इसलिए आप अपने खाने में कुछ ना कुछ फाइबर आइटम जरूर शामिल करें।


खाना खाने का एक आसान सा फार्मूला आप याद रखो आपको 100 साल पीछे जाना है जो चीज 1900 से पहले खाते थे आप उसे खाइए जैसे दाल, सब्जी, रोटी, ओट्स,मीट और फ्रूट आदि। 


जो चीज 1900 से पहले थी तो लेकिन लोग उसे बहुत कम खाते थे जैसे शुगर आप भी उसे कम खाओ और जो चीज 1900 से पहले थी ही नहीं आप उन्हें जितना ज्यादा अवॉइड करेंगे उतना ही अच्छा होगा इस कैटेगरी में आपके सारे प्रोसेस्ड फूड आइटम और जंक फूड आइटम आ जाते हैं।


अगर आप इस सिंपल से फॉर्मुले को अपनाओगे तो आपको पेट से संबंधित कोई भी समस्या नहीं होगी आप लंबा जीवन जियोगे और हेल्दी और फिट रहोगे।