नेमार जूनियर के सफलता की कहानी | Neymar junior success story in hindi

नेमार जूनियर के सफलता की कहानी | Neymar junior success story in hindi




ब्राजील का सबसे अधिक आबादी वाला शहर है sao paulo इस शहर का कचरा दूर एक गरीब बस्ती में डंप होता है इस गरीब बस्ती का नाम है mogi Das cruzes जिसमें नेमार जूनियर का जन्म हुआ। कचरे बदबू और बीमारियों के अलावा यह बस्ती ड्रिंक्स और क्राइम के लिए भी मशहूर है। गरीबी का कारण था पिता का नाकाम फुटबॉल करियर फिर एक गंभीर दुर्घटना के कारण उनके पिता को खेल बीच में ही छोड़ना पड़ा एक समय ऐसी स्थिति थी कि घर में बिजली के लिए भी पैसे नहीं थे।


कुछ समय बाद नेमार अपने परिवार के साथ दादा दादी के यहां रहने चले गए यहां भी परिवार के 9 लोगों को रहने के लिए एक कमरा और सोने के लिए एक गद्दा था। नेमार कहते हैं कि लोग जीरो से शुरु करते हैं लेकिन नेमार जूनियर ने अपना जीवन -5 से शुरू किया।


नेमार जूनियर के ऊपर सबसे ज्यादा प्रभाव डाला उनके पिता नेमार सीनियर ने उनके पिता नेमार सीनियर चाहते तो छोटा-मोटा काम करके अपना परिवार पाल सकते थे। लेकिन नेमार सीनियर को ना तो अपने साथ हुई दुर्घटना से कोई शिकायत थी और ना ही अपने नाकाम फुटबॉल करियर से कोई और होता तो शायद डिप्रेशन या अवसाद का शिकार हो जाता। नेमार सीनियर ने नकारात्मकता अपने ऊपर हावी नहीं होने दी वह भारी गरीबी और कठिनाइयों के कारण भी अपने बच्चों के भविष्य लिए काफी आशावान थे।


नेमार सीनियर ने 3 jobs करना शुरू किए। वह कार मैकेनिक थे, साथ में कार बेचने का काम भी किया करते थे और जब इन दोनों काम से फुर्सत मिलती तो वह ट्रांसपोर्ट की गाड़ी भी चलाया करते थे। नेमार जूनियर अपनी ऑटो बायोग्राफी में लिखते हैं कि उनके पिताजी 20 से 22 घंटे काम किया करते थे। जिसके लिए उन्हें पैसे बहुत कम ही मिलते थे। लेकिन फिर भी हमने उनकी आंखों में कभी भी थकान नहीं बल्कि जुनून देखा था। नेमार जूनियर अपनी किताब में लिखते हैं कि उस समय हम भाई-बहन बहुत छोटे थे लेकिन मैं अपने माता-पिता की फाइटिंग स्पिरिट और पैशन को महसूस करता था।


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नेमार जूनियर की मानसिकता और ट्रेनिंग पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ा। दोस्तों जैसा आप कंसिस्टेंटली महसूस करते हो वैसा ही आप सोचने लगते हो और जैसा आप सोचते हो वैसे ही आप एक्शन लेते हो अच्छे एक्शन से ही आप और अच्छा महसूस करते हो।


घर में गरीबी थी लेकिन नेमार जूनियर में जोश भरपूर था वह 7 साल की उम्र से लोकल क्लब में खेलने लगे। पिच पर सबसे पहले आना और सबसे आखरी में जाना और मैदान में जी-जान लगाकर खेलना यह सब उन्होंने अपने घर से सीखा था। इसके साथ-साथ उनके बचपन के कोच बेटीनो कहते हैं की नेमार हमेशा से इंटेलिजेंट प्लेयर था क्योंकि वह हमेशा खेल के बारे में ही सोचता रहता था।


दोस्तों उसी चीज के बारे में दिन भर सोच सकते हो जिस चीज से आपको सच में प्यार हो। नेमार को फुटबॉल से प्यार करना सिखाया था ब्राजील ने, ब्राजील में फुटबॉल को कला की तरह देखा जाता है फुटबॉल में ड्रिबलिंग और बॉल कंट्रोल को लोग डांस की तरह देखते हैं। जब आप अपने काम और खेल को कला के रूप में देखते हो तब आप उस में पारंगत होना चाहते हो आपको उसमें मजा आने लगता है और आखिरकार आपको अपने काम और खेल से प्यार होने लगता है।


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फुटबॉलर पेले कहते हैं कि मेरे हिसाब से नेमार की टेक्निक का कोई जवाब नहीं नेमार को फुटबॉल के प्रति यही प्यार उन्हें फुटबॉल में टेक्निकली बेहतर बनाता है।


नेमार ने बचपन से स्ट्रीट फुटबॉल खेलना शुरू किया कहने को तो वह रोड पर खेल रहे थे लेकिन उबड़ खाबड़ रास्तों पर खेलने से उनका खेल बेहतर हो गया और रेत में खेलने से उनकी एक्सीलरेशन स्पीड बड़ी क्योंकि रेत में नॉरमल रिएक्शन मिलने से आप आपको दौड़ने के लिए दुगनी ताकत लगानी पड़ती है बाद में नेमार ने futsal खेलना शुरू कर दिया ब्राजील के गरीब इलाकों में futsal काफी प्रसिद्ध है यहां छोटी बोल और तंग जगह में खेलते हुए उनकी dribling और पासिंग विकसित हुई।


दोस्तों हमारे साथ जो भी घटनाएं होती है वह हमें बहुत कुछ सिखा कर जाती है बशर्ते हम अपनी मेहनत से उनका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करें।


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नेमार कहते हैं कि उस समय हम बिजली afford नहीं कर सकते थे हम रात के अंधेरे में एक मोमबत्ती के सहारे बैठा करते हैं हम सब में बहुत गहरा प्यार था हम सबको कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं हुई। वह प्यार कभी पैसों से नहीं खरीदा जा सकता।


उस बचपन के भोलेपन में नेमार अच्छा प्लेयर नहीं बनना चाहता था उसे तो बस खेल में मजा आता था और वह दिन रात घर के अंदर बाहर खेला करता। नेमार कहते हैं कि वही भावना मैंने अपने गेम में लाने की कोशिश की है इसीलिए मुझे बाकी स्टेट्स की चिंता नहीं होती।


नेमार जूनियर की सोच दूसरे प्रोफेशनल फुटबॉलर से एक बात में बिल्कुल अलग है नेमार जूनियर कहते हैं कि बर्सिलोना ज्वाइन करने से पहले लोगों ने मुझे सावधान किया था कि तुम हमेशा मेसी की छाया में रहोगे तुम्हें कभी चमकने का मौका नहीं मिलेगा भले ही तुम स्टार बन जाओ लेकिन अगर मेसी से नहीं बनी तो तुम्हें बाकी लोगों की तरह क्लब छोड़ना पड़ेगा। नेमार कहते हैं कि मुझे अवार्ड और प्राइजेस से फर्क नहीं पड़ता मैं बस लोगों के लिए खुशी लाना चाहता हूं नेमार जूनियर कहते हैं कि मैंने barca का चुनाव इसलिए किया था क्योंकि मैं सच में ऐसी club के लिए खेलना चाहता था जहां टीमस्पिरिट तगड़ी हो इसलिए मैंने बार्सिलोना चुना।


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नेमार जूनियर की तरक्की देखते हुए पिता ने 17 साल के नेमार को मेंटल ट्रिक भी सिखाई “देखो आगे चलकर तुम्हारा नाम होगा पैसा भी आएगा कुछ लोग तुमसे जलेंगे और बहुत सारे लोग तुमसे उम्मीद भी करेंगे इन सब कारणों से तुम्हारे ऊपर प्रेशर भी होगा इसलिए अपने एक्सपीरियंस प्लेयर से सीखो। यह कैसे करोगे? जब भी कंफ्यूजन हो तो सोचो तुम्हारा आइडियल प्लेयर कैसे सोचते और क्या हरकत करते हैं किसी ऐसे व्यक्ति को याद करो जिस की तुम इज्जत करते हो धीरे-धीरे वही माइंडसेट तुम्हारे अंदर उतर जाएगा”


दोस्तों यह कमाल की सीख है दूसरों से अच्छी बातें या उनके सबकॉन्शियस माइंड से सीखने के लिए और यही तरकीब टोनी रॉबिंस अपनी किताब में बताते हैं। जब आप 2 मिनट रुक कर सोचते हो कि इस समय मेरा आइडियल क्या करता, वह इस समय कैसा महसूस करता, उनकी सोच क्या होती तब आप कई गुना स्पीड से सीखते हो।



अपने अतीत को लेकर नेमार जूनियर का गजब का पॉजिटिव एटीट्यूड था। वह गरीबी के समय को याद करके कहते हैं भगवान का शुक्र है कि किसी दिन हम को भूखे पेट नहीं सोना पड़ा। उसे बचपन में दोस्तों के साथ बस्ती में खेलने में मजा आता था नेमार शिकायत भी कर सकते थे कि हमें गंदगी में खेलना पड़ा या हमारे पास पहनने को पुराने कपड़े थे लेकिन नेमार अच्छी बातों को याद करके खुश होते हैं और आभार महसूस करते हैं।


इसमें कोई शक नहीं है कि ऐसी सोच रखने वाला इंसान सफलताओं को अपनी ओर आकर्षित करता जाएगा।


नेमार जूनियर खेल के प्रति सच्चा प्यार और काम में मजा लेते थे इन्ही क्वालिटी ने ही उन्हें इंटेलिजेंट प्लेयर बनाया और कोई तकलीफों से उबारा नेमार कहते हैं कि हम ब्राजीली लोग हर बात में मजाक करते हैं फुटबॉल हमारे लिए कला और उत्सव है इसीलिए हमारे पास 5 वर्ल्ड कप ट्रॉफी है।


नेमार कहते हैं कि मैं जान लगाकर खेलने का वादा कर सकता हूं लेकिन मैं जीतने का वादा नहीं करता क्योंकि यह मेरे हाथ में नहीं है फुटबॉल बच्चों का गेम है जिसे लोगों ने बहुत सीरियस बना दिया है फुटबॉल केवल हार और जीत के बारे में नहीं है मैं फुटबॉल बहुत खुशी से खेलता हूं और लोगों में भी यही बांटना चाहता हूं ।


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जब आप सपनों को सच में बदलते रहते हो तब आपके पास किसी बात का प्रेशर नहीं होता दोस्तों हम को प्रेशर की नहीं विश्वास की जरूरत है नेमार कहते हैं कि आपको अपने सपनों पर विश्वास होना चाहिए और विश्वास को जीवित रखने के लिए आपको लगातार अपने सपनों को जीना चाहिए।


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