गुरजीत कौर का जीवन परिचय | Gurjit kaur biography in hindi

गुरजीत कौर का जीवन परिचय | Gurjit kaur biography in hindi




भारतीय महिला हॉकी टीम में शामिल गुरजीत कौर के शानदार प्रदर्शन से भारतीय महिला हॉकी टीम ओलम्पिक के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। इनके बेहतरीन प्रदर्शन से ही महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 1-0 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में पहली बार जगह बनाने में कामयाब रही। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक किसान की बेटी गुरजीत कौर ने हॉकी के जुनून के चलते अपना घर तक छोड़ दिया था। तो चलिए पढ़ते हैं उनकी प्रेरणादायक जीवनी।


हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर कौन हैं


गुरजीत कौर भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी हैं जो कि टीम में डिफेंडर की भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा वह टीम की एक शानदार ड्रैग फ्लिकर भी है टोक्यो ओलंपिक में 2 अगस्त 2021 को दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में पहुचाने में गुरजीत ने अहम भूमिका निभाई।


गुरजीत कौर का जीवन परिचय | Gurjit kaur biography in hindi


नाम- गुरजीत कौर


जन्म- 25 अक्टूबर 1995


जन्मस्थान- मियादी कला अमृतसर, पंजाब


Age - 25 वर्ष


हाइट (Height) - 5 फिट 6 इंच


प्रोफेशन- महिला हॉकी खिलाड़ी


कोच का नाम- कुलबीर सिंह सैनी


गुरजीत कौर का परिवार (Family)


पिता का नाम- सतनाम सिंह


माता का नाम- हरजिंदर कौर


बहन का नाम- प्रदीप कौर


गुरजीत कौर का शुरुआती जीवन (Early life)


गुरजीत कौर पंजाब के अमृतसर शहर के मियादी कला गांव की रहने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी है। गुरजीत के पिता चाहते थे कि उनकी बेटी अच्छे से पढ़ाई करे ताकि बाद में अच्छी नोकरी मिल जाये। गुरजीत और उनकी बड़ी बहन की शुरुआती शिक्षा घर से 13 किलोमीटर दूर एक निजी स्कूल में हुई इनके पिता दोनों बहनों को साइकिल से स्कूल छोड़ने जाते थे। फिर 2006 में इनके पिता ने इनका दाखिला केरान गांव के एक बोर्डिंग स्कूल में करवा दिया जहां पर पहले से ही हॉकी का प्रशिक्षण दिया जाता था।


हॉकी का जुनून


2006 में दोनों बहनों ने हॉकी खेलने के लिए घर छोड दिया था। स्कूल में लड़कियों को हॉकी खेलते देख इनका भी मन हॉकी की तरफ आकर्षित होने लगा। इसके बाद जब गुरजीत ने एक बार हॉकी स्टिक पकड़ी फिर इसे छोड़ने का कभी नाम ही नहीं लिया। इनके साथ-साथ इनकी बड़ी बहन भी हॉकी खेलने लगी। जल्द ही इन दोनों बहनो ने हॉकी में महारत हासिल कर लिया। इनके शानदार खेल को देखते हुए जल्दी ही इनको छात्रवृत्ति भी मिल गयी जिससे इनके स्कूल में रहने का और पढ़ाई करने का खर्च मुफ्त हो गया। 2011 तक गुरजीत ने पढ़ाई जारी रखी। इसके बाद इन्होंने आर्ट्स सब्जेक्ट में अपना एडमिशन लिया था और लगभग 5 साल तक इस कॉलेज के academy में हॉकी खेलने का अभ्यास करती रही। इन्होंने ड्रैग-फ्लिकिंग में खासा ध्यान दिया जिसके बाद इनका चयन इलाहाबाद में एक जूनियर क्लर्क के रूप में भारतीय रेलवे में हो गया। यहां भी इन्होंने अपनी जॉब के साथ-साथ हॉकी की प्रैक्टिस जारी रखी।


गुरजीत कौर का हॉकी करियर (Gurjit Kaur Career)


गुरजीत कौर को देश के लिए खेलना का पहला मौका 2014 में सीनियर नेशनल कैम्प में मिला था। लेकिन वह टीम में जगह पक्की करने में नाकामयाब रही। लेकिन यहाँ ये हिम्मत हारने के बजाय अपना खेल सुधरती रहीं और साल 2017 में एक मात्र ऐसी महिला खिलाड़ी बनी जो भारतीय महिला हॉकी टीम में स्थायी बनी। 2018 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन भारत पोडियम हासिल नहीं कर आया। 2018 में भारतीय टीम ने स्पेन के राष्ट्रीय टीम के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज खेली, जहाँ भारतीय टीम 4-1 से ये श्रृंखला जितने में कामयाब रही। फाइनल मैच में गुरजीत कौर ने 2 गोल दागकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।


गुरजीत कौर टोक्यो ओलम्पिक (Gurjit kaur olympic)


टोक्यो ओलंपिक में 2 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुये क्वार्टर फाइनल मुकाबले में किसी को भी भारतीय टीम से जीत की उम्मीद नहीं थी। लेकिन गुरजीत कौर ने टीम का भार अपने कंधों पर उठाते हुए मैच का एकमात्र गोल दागकर भारत के महिला हॉकी टीम को ओलंपिक इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में पहुँचा दिया।



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