ऋषभ पंत का जीवन परिचय | Rishabh pant biography in hindi

ऋषभ पंत का जीवन परिचय(आयु, जीवनी, आईपीएल, सिस्टर, पारी, परिवार) (Rishabh pant biography in hindi age, career, record, family)


ऋषभ पंत का जीवन परिचय(आयु, जीवनी, आईपीएल, सिस्टर, पारी, परिवार) (Rishabh pant biography in hindi age, career, record, family)


ऋषभ पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को भारत के उत्तराखंड में रुड़की नामक जगह पर हुआ था। पिता राजेंद्र पंत और मां सरोज पंथ के यहां एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था उनका पूरा नाम ऋषभ राजेंद्र पंत है। ऋषभ पंत का बचपन से ही सपना था क्रिकेट में करियर बनाने का उनके इस सपने में उनके पिता ने पूरा साथ दिया ऋषभ क्रिकेट के शौक के चलते अपनी पढ़ाई पर बहुत कम ध्यान दे पाते थे।


ऋषभ पंत के बारे में जानकारी, जीवन परिचय


पूरा नाम - ऋषभ राजेन्द्र पंत

निक नाम - पंत

पिता - राजेन्द्र पंत

मां - सरोज पंत

बहन ( सिस्टर ) - साक्षी पंत

जन्म - 4 अक्टूबर सन 1997

उम्र - 22 साल

जाति - (Caste) ब्राह्मण

जन्म स्थान - हरिद्वार, उत्तराखंड भारत

पेशा - भारतीय क्रिकेटर

बल्लेबाजी, लेफ्ट – हैंडेड

कद (Height) - 5 फुट 7 इंच


ऋषभ पंत ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत रुड़की से ही की थी जहाँ उनका का पूरा परिवार है। तथा उनके आदर्श ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट है। ऋषभ पंत के पिता नहीं चाहते थे कि वह इतनी छोटी उम्र में ही क्रिकेट खेले वह अपने बेटे को पढ़ाई पर फोकस करने के लिए कहते थे लेकिन पंथ की क्रिकेट की जिद के आगे उनका दिल पिघल गया और और उनके पिता भी उनका सपना पूरा करने के लिए उनका साथ देने लगे।


ऋषभ पंत प्रारंभिक कॅरियर ( Rishabh pant career )


लेकिन ऋषभ को एक बड़ा क्रिकेटर बनने के लिए ऐसे कोच की जरूरत थी जो उनका मार्गदर्शन कर सके इस दौरान ऋषभ को अपनी फैमिली से पूरा सपोर्ट मिलने लगा और उनका पूरा फोकस क्रिकेट पर ही रहने लगा इसके बाद उन्होंने दिल्ली आने के बाद पढ़ाई को भी जारी रखा अपने सपनों को पूरा करने के लिए ऋषभ महज 12 साल की उम्र में रुड़की से दिल्ली आ गए थे पंत जब दिल्ली आए तो वह यहां ना ही किसी को जानते थे और ना ही रहने का ठिकाना था। आखिरकार दिल्ली के मोती बाग इलाके के गुरुद्वारे में रहने के लिए उन्हें छत मिल गई पंत वहीं से लंगर में खाना खाकर प्रैक्टिस के लिए निकल जाते थे।


इस बीच उन्हें कोच तारक सिंहा का साथ मिला जब कोच तारक सिन्हा ने पंत की विकेटकीपिंग को देखा तो उनका लगा कि यह लड़का आगे चलकर बहुत अच्छा विकेटकीपर बन सकता है तारक सिंहा दिल्ली में अपनी क्रिकेट एकेडमी चलाते थे और काफी खिलाड़ियों को क्रिकेट की कोचिंग भी देते थे कोच तारक सिन्हा ने पंत की बल्लेबाजी और विकेट कीपिंग में बहुत मेहनत करवाई जिसके बाद ऋषभ पंत काफी अच्छी बल्लेबाजी करने लगे थे और बाद में दिल्ली की रणजी टीम में उनका सिलेक्शन हो गया दिल्ली के फेमस क्रिकेट क्लब सोनेट में ही पंत ने क्रिकेट की बारीकियां सीखी और इसी सोनेट क्लब में आशीष नेहरा ने ऋषभ पंत को सम्मानित भी किया था।


ऋषभ पंत रणजी मैच में करियर


पंत का फर्स्ट क्लास करियर 22 अक्टूबर 2015 को रणजी ट्रॉफी से शुरू हुआ था 2015 में पंत का सिलेक्शन 2016 की अंडर-19 विश्व कप के लिए भी हुआ उन्होंने टूर्नामेंट में 18 गेंद खेलकर अर्धशतक जमाया जो अभी तक का सबसे अधिक तेज अर्धशतक था उन्होंने 2015 में ही विजय हजारे ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया था।


सन 2016-17 में रणजी ट्रॉफी के लिए खेलते हुए पंत ने एक पारी में 308 रन बना दिए थे और इस तीसरे शतक के साथ ही पंत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में तीसरे ऐसे खिलाड़ी बने जिसने तीन शतक जमाए 2016 में पंत ने दिल्ली की तरफ से खेलते हुए झारखंड के खिलाफ सबसे तेज शतक लगाया था। इस शतक के लिए पंत ने सिर्फ 48 गेंद खेली थी


सन 2017 में वह विजय हजारे ट्रॉफी के लिए दिल्ली के कप्तान बनाए गए पंत को भारतीय टीम के महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ की कोचिंग में अंडर-19 खेलने का मौका मिला द्रविड़ ने उनकी बल्लेबाजी के खेल को तराशा और फिर पंत अपनी मेहनत के दम पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।


2016 में बांग्लादेश में खेले गए अंडर-19 विश्व कप में ऋषभ पंत ने तूफानी बल्लेबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई इस टूर्नामेंट में उन्होंने नेपाल के खिलाफ केवल 18 गेंदों में अर्धशतक जमा दिया था। बाएं हाथ का विकेटकीपर बल्लेबाज 24 गेंद में 75 रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा चुका था। इस पारी के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा भारत भले ही 2016 का विश्व कप हार गया लेकिन ऋषभ पंत का नाम चर्चा में आ चुका था।


ऋषभ पंत आईपीएल करियर


6 फरवरी 2016 को आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स ने एक करोड़ 90 लाख की कीमत पर खरीदा था उस समय पंत की उम्र सिर्फ 18 साल थी यह सीजन पंथ के लिए कुछ खास नहीं रहा लेकिन लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने क्रिकेटरों को सोचने पर मजबूर कर दिया पंत ने आईपीएल में अपनी हाफ सेंचुरी सिर्फ 25 गेंदों में बनाई थी


2017 में उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलते हुए 43 गेंदों पर 97 रन ठोक दिए थे

2018 में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए शतक लगाए इस दौरान पंत ने 63 गेंदों में 128 रन बना डाले जो किसी खिलाड़ी का T20 में दूसरा सबसे बड़ा शतक था उनसे पहले यह रिकॉर्ड मुरली विजय और वीरेंद्र सहवाग के नाम था


आईपीएल के दूसरे सीजन में दिल्ली ने पंत को ₹15 करोड़ में रिटेन किया था

पंत ने साल 2019 में आईपीएल सीजन के 16 मैचों में से 30.53 के शानदार औसत से 488 रन बनाए इस साल उनके बल्ले से तीन अर्धशतक लगे।

इसके बाद ऋषभ पंत को रिकी पोंटिंग सुनील गावस्कर गांगुली के रूप में 3 बड़े प्रशंसक मिले जो लगातार उनकी प्रतिभा की तारीफ करते। इन तीनों ने ऋषभ पंत को एमएस धोनी का अच्छा रिप्लेसमेंट बताया।


ऋषभ पंत ने 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ T20 मैच में भारतीय टीम में कदम रखा वह भारत की टीम में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे जिन्होंने T20 में खेलना शुरू किया था।

सन 2018 में उन्हें वनडे टीम में खेलने का मौका मिला टेस्ट क्रिकेट में ऋषभ पंत ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया अपने पहले ही टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने शतक लगा दिया था ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने में पंथ का बड़ा योगदान रहा था।

गावस्कर ट्रॉफी 2020 - 21 के आखिरी टेस्ट में पंत ने सबसे तेज 1000 रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया इस रिकॉर्ड में ऋषभ पंत ने महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ा इस टेस्ट सीरीज के बाद ऋषभ की किस्मत ही बदल गई थी इस तरह उनका अब तक का कॅरियर बहुत शानदार रहा।


➡ महेंद्र सिंह धोनी जीवन परिचय 


 टी नटराजन का जीवन परिचय


➡ सचिन तेंदुलकर की जीवनी

Post a Comment

1 Comments