एक बूढ़ा पक्षी और शिकारी | moral story on listening to elders hindi

एक बूढ़ा पक्षी और शिकारी | moral story on listening to elders in hindi


moral story on listening to elders hindi


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एक बार एक बूढ़ा पक्षी और कुछ छोटे पक्षी एक पेड़ पर घोंसला बनाकर रह रहे थे। कुछ समय बाद उस पेड़ के आसपास और उसके तने पर एक बेल बनने लगी यह देखकर बड़े पक्षी ने छोटे पक्षियों को चेतावनी दी ओर कहा;


“देखो पेड़ के आस पास एक बेल बन गई है अगर हमने इसे नहीं काटा तो हमें ही दिक्कत होगी.. चलो इसे काट देते हैं”- बड़े पक्षी ने कहा


“नहीं नहीं हम उसे नहीं काटेंगे तुम्हें नहीं पता वह कितनी सुंदर बेल है उसके होने से हमारा पेड़ कितना सुंदर और प्यारा लगता है”- छोटे पक्षी ने कहा


“तुम लोग समझ नहीं रहे जो आज सुंदर लग रहा है वह कल हमारे लिए खतरा बन सकता है.. मेरी सलाह मानो”


“आप बड़े हैं इसलिए हर चीज में कमी मत ढूंढिए आप बस एक कोने में बैठ जाइए.. और हमें अपने मन की करने दीजिए हमें सब पता है”


हर कोई बहस करने लगा और उन्होंने बेल को काटने नहीं दिया इस बात से बड़ा पक्षी दुखी हुआ लेकिन वह चुपचाप इंतजार करने लगा उसे लगा कि एक दिन उन्हें अपनी गलती का एहसास जरूर होगा।


कुछ महीने बाद वह बेल काफी मजबूत हो गई आसपास पेड़ के पूरे में लिपट गई और एक बार वहां से निकल रहा शिकारी उस बेल को सीढ़ी बनाकर उस पेड़ पर चढ़ गया और उसने देखा घोंसले में कोई भी पक्षी नही है, उसने जल्दी से घोसले पर जाल बिछा दिया और पक्षियों के आने का इंतजार करने लगा वह कुछ देर बाद वह वहां से चला गया उसने सोचा कि वह थोड़ी देर बाद वापस आएगा। पक्षियों को इस जाल के बारे में कुछ नहीं पता था सभी पक्षी उड़कर आये और घोंसले में बैठते से ही वह सब उसमें फंस गए।


बड़ा पक्षी बोला - “देखा ना क्या हो गया मैंने तुमसे कहा था ना मेरी बात मान लो और इस बेल को काट दो इसी की वजह से हम मुसीबत में फंस गए तुमने मेरी सलाह नहीं मानी अब तुम इससे कैसे बचोगे बताओ?


तभी छोटा पक्षी बोला - “मुझे माफ कर दो अब तुम ही बताओ क्या करें वह में ही था जिसने पहले तुम्हारी बात नहीं मानी इसके बाद सभी ने.. अब तुम ही बताओ कि हमारी जान कैसे बच सकती है”


“अभी भी ज्यादा देर नहीं हुई है जब शिकारी आएगा तब हम उसे ऐसे दिखाएंगे जैसे हम मर गए हैं और जब वह हमें एक-एक करके नीचे रखेगा तब हम उड़ जाएंगे”


“ठीक है.. हम ऐसे ही करेंगे अब हमें समझ आ गया कि बड़ों की बात ना मानने से क्या होता है अब से हम आपकी बात मानेंगे देखो वह शिकारी आ गया”


थोड़ी देर बाद शिकारी आ गया सभी पक्षियों ने उसे ऐसे दिखाया जैसे वह मर गए हैं उसने सोचा आज तो बड़ा अच्छा दिन है सारे पक्षी मेरे जाल में फंस गए हैं और वह मर गए हैं अब मैं इन सब को बेचकर पैसे कमा लूंगा उसने एक एक करके उन्हें जाल से निकालना शुरू किया और सभी को नीचे फेंक दिया पक्षियों ने आखरी पक्षी के नीचे गिरने तक का इंतजार किया और शिकारी के पेड़ से नीचे उतरने से पहले ही वह दूसरी जगह की और उड़ गए।


शिकारी को बहुत दुख हुआ पक्षियों ने उसे धोखा दे दिया वह तो उन्हें बेचकर पैसे कमाने की सोच रहा था पक्षी सुरक्षित उड़ गए क्योंकि उन्होंने अपने से बड़े की सलाह मानी थी।


कहानी से मिली सीख


हमे हमेशा अपने से बड़ों की बात जरूर माननी चाहिए अगर हम अपने से बड़ों की सलाह मानेंगे तो हम बेकार की परेशानियों से बच जाएंगे।


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