ज्यादा इंटेलिजेंट लोगों के हमेशा कम दोस्त क्यों होते हैं | Why Intelligent People Always Have Fewer Friends

ज्यादा इंटेलिजेंट लोगों के हमेशा कम दोस्त क्यों होते हैं | Why Intelligent People Always Have Fewer Friends


ज्यादा इंटेलिजेंट लोगों के हमेशा कम दोस्त क्यों होते हैं | Why Intelligent People Always Have Fewer Friends

एक इंसान का मान सम्मान इस बात से पता चलता है कि वह कैसे लोगों के साथ रहता है और उसके दोस्त कैसे हैं। पिछले इतिहास से लेकर आज तक; निकोला टेस्ला, अब्राहम लिंकन, अल्बर्ट आइंस्टीन, आइज़क न्यूटन जैसे महान लोगों से यह पता चला है कि अधिकतर बुद्धिमान और महान लोग दूसरों  के साथ रहने से ज्यादा खुद के साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं। यह बात अलग है कि महान लोग भी काफी लोगों से मिलते हैं लेकिन फिर भी महान लोग सिर्फ कुछ ही लोगों को अपना दोस्त बनाते हैं। यानी कि जो बुद्धिमान और महान लोग होते हैं वह अपना दोस्त किसी को भी बनाने की जगह कुछ बेहतर लोगों को ही अपना दोस्त बनाते हैं क्योंकि अच्छे लोगों के दोस्त अच्छे ओर बुरे लोगों के दोस्त बुरे ही होते क्योंकि उनकी मानसिकता एक दूसरे से मिलती है और ऑनेस्ट लोगों के दोस्त सिंसियर होते हैं इसीलिए Chaplain Ronnie का कहना था 


“आप मुझे अपने दोस्त दिखाएं और मैं आपके दोस्तों को देखकर आपका भविष्य बता दूंगा”


तभी साधारण लोगों की तुलना में बुद्धिमान और महान लोगों के दोस्त सिर्फ गिने-चुने ही होते हैं या फिर कभी कभी तो एक भी दोस्त नहीं होता।


साइकोलॉजिस्ट ने अपनी रिसर्च में पाया कि जिन लोगों का आईक्यू नॉर्मल या उससे कम था वह लोग तब ज्यादा खुश थे जब वह बाकी लोगों और अपने दोस्तों के साथ थे। वहीं इसका उल्टा वह लोग जिनका आईक्यू लेवल बहुत अच्छा था या जो लोग बुद्धिमान या स्मार्ट थे वह अकेले में ही खुश रहते थे और ऐसा इसलिए क्योंकि इसके पीछे भी कुछ और सॉलिड रीजन है और अगर यह रीजन आपकी पर्सनालिटी से मैच करता है तो इसका मतलब आप भी स्मार्ट पर्सन हो।


1. आपको समझना आसान नहीं है।


कई महान बुद्धिमान लोग अकेले ही रहते हैं इसीलिए कुछ ही लोगों इन्हें समझ पाते हैं और एक्सेप्ट कर पाते हैं कई बार इन लोगों के लिए ऐसे लोगों में रहना मुश्किल हो जाता है जो उनकी बातों को समझ ही नहीं सकते। इसीलिए वह अपनी एक छोटी सी दुनिया में जीना पसंद करते हैं जहां  आपके पास अपने सपने, विजन, विचार और लक्ष्य होते हैं। जिसके सामने सोशल एक्टिविटीज और लोगों के साथ घूमना फिरना, टाइम पास करना उन्हें फालतू ओर टाइम खराब करना लगता है। ऐसे लोग जितना ज्यादा लोगों से बातचीत करते हैं उतना ही ज्यादा खुद को थका हुआ महसूस करते हैं क्योंकि वह समझते हैं कि उनके विचार कोई भी आसानी से नही समझ पायेगा इसलिए उन्हें लगता है जैसे उनसे किसी ने उनकी एनर्जी छीन ली क्योंकि ऐसे लोगों को समझना मुश्किल है इसीलिए इस तरह के लोग खुद तक रहना ही ज्यादा पसंद करते हैं।


2. आपको लोगों की पहचान होती है।


अधिक इंटेलिजेंट होने की वजह से ऐसे लोग कुछ ही देर की बातचीत में आप दिखावटी लोगों को और ऐसे लोगों को जो वह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं जो वह है ही नहीं उनकी पहचान लेते हैं। आप ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखना ही पसंद करते हैं क्योंकि आपको अच्छी तरह पता है कि ऐसे लोगों के साथ रहने से कोई मतलब नही है। आप ऐसे लोगों के साथ रहना पसंद करती हैं जो सीरियस और ईमानदार होना का दिखावा करके फ्रेंड लिस्ट बढ़ाने के लिए किसी को भी अपना फ्रेंड बना लेते हैं जो कि सिर्फ दिखावा करता हो। इस तरह के लोगों को आप मतलबी समझते हैं क्योंकि ऐसे लोग सिर्फ खुद के मतलब के लिए लोगों से दोस्ती करते हैं और इस तरह के लोगों पर आप अपना समय खराब नहीं करना चाहते क्योंकि आपको समय की कीमत पता होती है। क्योंकि अगर अच्छे लोगों के साथ आप रहते हैं आप भी उनकी तरह अच्छा सोच पाते हैं।


3.) आप कुछ अच्छे लोगों को ही पसंद आते हो


आप अक्सर चीजों को खुद तक रखना ही पसंद करते हैं, आप सच बोलने से कतराते नहीं इसी व्यवहार की वजह से आप लोगों को पसंद नहीं आते हो। वहीं कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो आपको देखते हैं, जो आपको पसंद करते हैं, जिन्हें पता है कि आप किस तरह के लोग हो और वह लोग आप की क्वालिटी की रिस्पेक्ट भी करते हैं और आपको पसंद भी क्योंकि और यह क्वालिटी आपको बाकी उसे अलग बनाती है क्योंकि उन्हें पता है कि आप अलग हो और अपनी जिंदगी में बड़े लक्ष्य रखते हो इसलिए वह आपको पसंद करते हैं।


जहां पूरी दुनिया लोगों को सिर्फ इंप्रेस करना चाहती हैं फेक बनकर ताकि वह सोसायटी और सोशल ग्रुप का हिस्सा बन सकें ओर बिना लोगों की नजरों में बुरा बन कर ओर लोगों की हां में हां मिलाकर। वही जो लोग आपको अच्छे से जानते हैं और आप की क्वालिटी को पहचानते हैं वह लोग आपकी इंपॉर्टेंस को समझते हुए आपसे बातें डिस्कस करना या किसी चीज पर सजेशन लेना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें पता होता है कि आप जो सही होगा वही बोलोगे ना कि वह, जो वह सुनना चाहते हैं।


4. आप फालतू के ड्रामा ओर चीजों में शामिल नही होते।


जो कि फालतू का तनाव ड्रामा के साथ होता है वह आपको बिल्कुल पसंद नहीं है। क्योंकि आपके दिमाग में पहले से ही काफी सारी चीजें हैं जो आपको लिए ज्यादा इंपोर्टेंट आपको कुछ चीजों या फालतू चीजों को करने की जरूरत नहीं है। लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं उससे आपको फर्क नहीं पड़ता क्योंकि आपको इसकी जरूरत नहीं होती कि लोग आपको एक्सेप्ट करें इसीलिए आप फालतू के ड्रामा में इंवॉल्व नहीं होते क्योंकि आपको पता है कि आपको क्या करना है क्या नही इसलिए लोग कुछ भी कहें आपको फर्क नही पड़ता। आपको ड्रामा या सीन क्रिएट करने वाले लोग नहीं बल्कि लाइट माइंडेड लोग पसंद है क्योंकि दुनिया में लाइट माइंडेड वाले लोग कम है ड्रामा करने वाले लोगों की तुलना में इसीलिए आपके फ्रेंड्स भी कम होते हैं।


5. आप अपने नए दोस्त समझदारी से चुनते हैं।


हमारे दिमाग में कुछ न्यूरॉन्स होते हैं जिन्हें मिरर न्यूरॉन्स कहा जाता है और यही न्यूरॉन्स जिम्मेदार होते हैं कि हम जिन लोगों के कांटेक्ट में आते हैं उन लोगों के बिहेवियर को कॉपी करने लगते हैं। यह बात आप बखूबी समझते हो कि हम जैसे लोगों के साथ रहते हैं हम वैसे ही बन जाते हैं इसलिए आप ऐसे लोगों के साथ रहना पसंद नहीं करते हो जो सिर्फ आपके साथ टाइम पास या फिर छोटे लक्ष्य रखते हैं या फिर जिनकी जिंदगी का कोई उद्देश्य कोई लक्ष्य ही नहीं होता इसीलिए आप अपने दोस्त सोच समझकर और बुद्धिमानी से चुनते हो।

और Jim Rohn का भी यह कहना है कि 


“आप उन 5 लोगों का एवरेज हो जिनके साथ आप ज्यादा वक्त बिताते हो”


6. आप हमेशा अपने लक्ष्य को प्राथमिकता देते हो


आप अपने लक्ष्य ऐसे लोगों के साथ शेयर नहीं करते जिनकी जिंदगी में खुद का ही कोई लक्ष्य ना हो क्योंकि ऐसे लोग आप को नहीं समझ पाएंगे और आप हर किसी लोगों के साथ भी अपने लक्ष्य को शेयर करना पसंद नहीं करते क्योंकि आपको पता है कि आपकी विजन को हर कोई नहीं समझ सकता क्योंकि उनकी सोच ही सीमित है। आप अपने लक्ष्य के लिए हार्ड वर्क करते हो और उन्हें अचीव करने में भी लेकिन आपके पास असफलता के लिए समय नहीं है इसीलिए आप लोगों को अपने विजन और लक्ष्य आसानी से नहीं बताते हैं क्योंकि आपको पता है कि यह लोग मेरे लक्ष्य में मेरा साथ तो नहीं देंगे लेकिन छोटी मोटी असफलता पर मेरा मजाक जरूर उड़ाएंगे या फिर मुझे बहुत छोटी सी असफलता भूलने नहीं देंगे। इसीलिए अपना काम शांतिपूर्वक करते जाएं


लेकिन इसी वजह से लोग समझते हैं कि आपके साथ कोई समस्या है लेकिन उन्हें नही पता कि असल में आप बिजी हो अपने लक्ष्य के साथ।


7. आपको चीजों को खोने का डर नही रहता है।


आप वक्त, टेक्नोलॉजी, लोगों और जमाने के साथ अपडेटेड होकर चलना तो पसंद करते हैं लेकिन आपको फालतू टाइम पास करना या बिना मतलब की ट्रेंडिंग चीजें आपके लिए नॉनसेंस है क्योंकि आपको ज्यादातर समय अपने विचार और अपने आइडियास के बारे में सोचना ही पसंद है क्योंकि आप यह बात अच्छी तरह जानते हैं कि आज जो समय हमें मिला है वह कल नहीं मिलेगा इसलिए आप बिना मतलब का ट्रेंड फ़ॉलो करने की बजाय वह चीजें करते जो आपके आगे के जीवन के लिए ज्यादा महत्व रखती है। और आपको अपने साथ वक्त बिताना सबसे अच्छा लगता है इसलिए आपको चीजों को खोने का डर नहीं है जहां लोग ट्राई करते रहते हैं कि उनसे कुछ छूटे ना वहीं आप वह करते हो जो आपके लिए उपयोगी हो।


8. आप हमेशा दूसरों से सतर्क रहते हैं।


आपको अच्छे से पता है कि आप के सच्चे दोस्त कौन हैं इसलिए आपको नए फ्रेंड बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है आप आसानी से अपनी जिंदगी में किसी को भी आने नहीं देते जब तक वह आपके बराबर कंपैटिबल ना हो मतलब कि वह इंसान आपकी ही तरह सोचता ही जिसके विचार और आइडियाज आप से ही मिलते हों और उसकी भी आपकी तरह ही सेम वैल्यू हो लेकिन फिर भी आप लोगों में यह देखते हो कि वह सच में आप की केयर करते हैं या नहीं या फिर इन सब के पीछे उनका कोई और मतलब तो नहीं


9. आप दूसरों को ऑब्सर्व करते हैं।


अधिकतर आप अपने पास की चीजों को और परिस्थितियों को ऑब्सर्व करते रहते हो चाहे सोशल मीडिया हो या रियल लाइफ आप हमेशा यह देखते रहते हो कि क्या हो रहा है एट द मोमेंट लेकिन आप उसमें खुद इंवॉल्व होना पसंद नहीं करते आपको लगता है कि लाइफ में और भी बहुत कुछ है जो इन सबसे ज्यादा इंपोर्टेंट और परपजफुल है आप हमेशा अपनी जिंदगी को सीरियसली लेते हो आप हमेशा माहौल में रहना पसंद करते हैं जो आपको इंस्पायर करें आप हंबल हो लेकिन आप उन पर टाइम इन्वेस्ट करना पसंद नहीं करते जो यह डिज़र्व नहीं करते।


10. आप अपने विचार बेहतर तरीके से सबके सामने रखते है।


आपका दिमाग सीमित नहीं है आपके पास हमेशा कुछ कहने के लिए होता है और आप अपने थॉट्स और आइडियाज को अपने फ्रेंड्स के सामने रखने में बिल्कुल भी हिचकिचाते नहीं हो चाहे फिर वह आपके के साथ एग्री करें या ना करें लेकिन आपको जो सही और सच लगता है आप पूरी इमानदारी से अपने विचार उनके सामने रखते हो आप अलग सोच रखते हो लेकिन आप दूसरों के ओपिनियन से अपमानित नहीं होते बल्कि दोनों तरफ से चीजों को समझ कर ही अपना ओपिनियन देते हो।








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