साडियो माने जीवन परिचय | Sadio mane biography in hindi

साडियो माने का जीवन परिचय | Sadio mane biography in hindi


साडियो माने का जीवन परिचय | Sadio mane biography in hindi


एक ऐसा शख्स से जिसने फटे हुए जूतों से इतिहास रच दिया उसने फटे हुए जूतों से फुटबॉल खेला और आज वह दुनिया के बड़े फुटबॉलर में से एक है उनका नाम है "साडियो माने" इन्हें फुटबॉल की दुनिया का विराट कोहली भी कहा जाता है।

लेकिन इनका बचपन और संघर्ष को देखकर आपको यकीन नहीं होगा कि कोई अपने काम के लिए इतना जुनूनी कैसे हो सकता है। कोई इंसान अपने काम से इतना प्यार कैसे कर सकता है।


साडियो माने शुरुआती जीवन बचपन (Sadio mane early Life)


अफ्रीका के सेनेगल देश के एक छोटे से गांव में हुआ। एक ऐसा गांव जहां पर कोई सुख सुविधा ही नहीं है। यह गांव दुनिया से बहुत पिछड़ा है ऐसे गांव के बच्चे जीवन में क्या कर सकते हैं? साडियो इतने गरीब परिवार से थी कि उनके पास खाने तक को भी पैसे नहीं थे कभी-कभी तो इन्होंने मिट्टी खाकर भूख का दर्द मिटाया।


लेकिन साडियो माने को फुटबॉल अपनी जान से भी ज्यादा प्यारा था। लेकिन इतने गरीब लड़के को कौन आगे ला सकता था कौन उसे सपोर्ट करता है या ट्रेनिंग देता। इसीलिए साडियो माने ने खुद को ही अपना गॉडफादर बना लिया और कसम खा ली कि भले ही आज यह वक्त मेरा नहीं है लेकिन एक दिन मेरा वक्त जरूर आएगा, एक दिन मेरा गांव नहीं मेरा शहर नहीं पूरी दुनिया मुझे मेरे नाम से पहचानेगी। क्या आप सोच सकते हैं कि जब किसी के पास कुछ भी ना हो चारों तरफ अंधेरा हो उसके बाद भी यह सब सोचने के लिए कितनी हिम्मत चाहिए होती है।


इस लड़के ने खुद को ही ट्रेन करना शुरू कर दिया था ठोकरें खा खाकर वह फुटबॉल खेलना सीखा जब यह 12 साल का हुआ तब उसे पता चला कि देश की राजधानी में फुटबॉल के ट्रायल चल रहे हैं उसे भी जाना था वहां पर लेकिन उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह वहां तक पहुंच पाए अब आप सोच सकते हैं कि ऐसे हालात में इंसान क्या कर सकता है लेकिन यह लड़का तो अपनी जिद और हालातों से ही भिड़ चुका था।


साडियो माने के बारे में जानकारी( Sadio mane information) 


Sadio mane networth - सन 2020 तक इनकी नेटवर्थ 20 मिलियन डॉलर थी


Birth date - 10 April 1992


Sadio mane age - 29 year's old


Sadio mane country - senegalese


साडियो माने कॅरियर (Sadio Mane Career)


12 साल का साडियो माने भागते हुए 160 किलोमीटर उस शहर में पहुंचा जहाँ फुटबॉल का ट्रायल चल रहा था क्योंकि उसे फुटबॉल का इस तरह का जुनून था। जब साड़ियों माने ट्रायल देने पहुंचे तो सभी ने उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया क्योंकि उनकी हालत अच्छी नहीं थी। क्योंकि उसकी पेंट फटी थी, उसके जूते फटे थे, उसकी आंखें भरी हुई थी उसकी आंखें सिर्फ एक मौके की तलाश में थी। जब कोच ने उसे देखा तो उससे कहा कि तुम फुटबॉल कैसे खेलोगे तुम्हारे तो जूते फटे हुए हैं जरा अपने आसपास नजर दौड़ाओ देखो सब लोग कितने अच्छे से तैयार होकर आए हैं देखो इनको इस तरह से खेली जाती है फुटबॉल तब उस लड़के ने जवाब दिया कि सर मुझे 5 मिनट दे दो तो आप समझ जाओगे कि कौन तैयार होकर आया है कोच ने उसकी बात मान ली गेम शुरू हुआ और उसने 5 मिनट पूरे होने के पहले ही यकीन दिला दिया था कि वह अपनी जिंदगी से ज्यादा फुटबॉल से प्यार करता है फिर कोच ने कहा अगर तूने फुटबॉल के लिए इस तरह का ही जुनून तेरे अंदर रखा तो एक दिन लोग मुझे तेरे नाम से जानेंगे।


उस दिन साडियो माने बहुत खुश था यह सोच कर कि उसकी जिंदगी में अब सब सही हो जाएगा वह चाहता था कि वह जल्दी से घर पर जाए और अपने पिता को यह सारी बातें बताए कि उनका लड़का अब सफलता की राह पर चल चुका है वह सब कुछ ठीक कर देगा और उनके पिता भी वह इंसान थे जिन्होंने हर समय इस लड़के को सपोर्ट किया उसे मोटिवेट किया उससे कहा कि तू यह कर सकता है।


लेकिन जब 12 साल का साडियो माने अपने घर पहुंचा और उसने देखा कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है तब उसे बहुत दुख हुआ उसको यह जानकर बहुत हैरानी हुई कि उसके पिताजी को हर्ट अटैक आया था और आस-पास कोई डॉक्टर नहीं था ना ही कोई हॉस्पिटल और ना ही इतने पैसे थे कि वह उनको कहीं इलाज के लिए ले जा सके। अपने पिता के बिना साडियो माने बहुत अकेला हो चुका था। अब किसके सामने जाकर रोए, किसको अपनी तकलीफ बताए लेकिन उसने अपने आंसुओं को पोछा ओर दिन रात मेहनत करने लगा।


साडियो माने का अंतरराष्ट्रीय खेल (Sadio mane international career)


उसके गेम को देखकर फ्रांस के एक बहुत बड़े क्लब ने उसे सिलेक्ट कर लिया। फिर क्या अब वक्त शुरू हो चुका था उसका, उसका टैलेंट निखरता रहा और दुनिया को वह अपने टैलेंट से चौकाता रहा जो भी उसका खेल देखता तो यही सोचता कि यह प्लेयर हमारे क्लब में होना चाहिए। कुछ ही दिनों में वह लड़का ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलिया से इंग्लैंड का सफर उसने पूरा किया उसने अब दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग खेलना शुरू किया सबसे पहले उन्होंने साउथिंग्टन के लिए खेलना शुरू किया और उसके लिए उन्हें पैसे भी मिले सौथिंग्टन के लिए खेलते हुए उन्होंने 2 मिनट 56 सेकंड मैं एक के बाद एक तीन गोल करके रिकॉर्ड बना दिया जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है और आज  साडियो माने दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल क्लब लिवरपूल के लिए खेलते हैं और उन्हें कई सारे रिकॉर्ड और कई सारे अवार्ड भी मिल चुके हैं।


साडियो माने ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया जैसा कि उन्होंने कहा था कि एक दिन दुनिया मुझे मेरे नाम से जानेगी और आज सच में उन्हें पूरी दुनिया उनके नाम से जानती है। और वह कोच को भी आज उन्हीं के नाम से जाना जाता है जिन्होंने उनको वह 5 मिनट दिए थे वह मौका दिया था खेलने के लिए।


साडियो माने ने जितनी भी तकलीफ और जितने भी आंसू बहाए हैं वह चाहते हैं कि कोई भी बच्चा इस तरह से आंसू ना बहाए पिछले कुछ सालों में उन्होंने अपने गांव में बिजली स्कूल सड़क पानी जैसी व्यवस्थाओं के लिए $270000 डॉलर का निवेश किया है जो बच्चे फुटबॉल खेलना चाहते हैं उन्हें वह फ्री किट देते हैं वह अपने गांव के हर एक शख्स को अपनी तरफ से $70 डॉलर देते हैं साडियो माने आज करोड़ों रुपए कमाने के बावजूद भी आज भी वह अपना पुराना टूटा हुआ आईफोन यूज करते हैं वह कहते हैं कि महंगी चीजें मेरे किस काम की मैंने गरीबों को वह देने की कोशिश की है जो मैं उन्हें सुविधा दे सकता हूं मैं अच्छी एजुकेशन नहीं ले पाया मेरे पास बहुत सारी चीजें नहीं थी उस समय लेकिन मैं आज फुटबॉल की बदौलत इस मुकाम पर पहुंचा हूं और इसी से मुझे आज लोगों की मदद करनी है और मैं आगे भी इसी तरह मदद करता रहूंगा।


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