चंगेज़ खान के ऐतिहासिक तथ्य - Changez khan history in hindi

चंगेज़ खान के ऐतिहासिक तथ्य - Changez khan history in hindi



चंगेज़ खान के ऐतिहासिक तथ्य - Changez khan history in hindi/800 साल पहले दुनिया ने एक ऐसा शख्स देखा था जो शायद उस पूरे युग के लिए एक अभिशाप था। उस आदमी ने ना सिर्फ लोगों को, ना सिर्फ शहरों को, बल्कि पूरे के पूरे देशों को ही मिटा दिया इस पोस्ट में आप चंगेज खान के बारे में ऐसी ऐसी बातें जानेंगे जो आपने पहले नहीं सुनी होंगी।

1.) इतिहासकार कहते हैं कि इतना भयंकर नरसंहार शायद किसी भी बादशाह और तानाशाह द्वारा नहीं किया गया। आंकड़े बताते हैं कि चंगेज खान ने करीब 40 मिलीयन लोगों को मौत के घाट उतार दिया था और कुछ स्त्रोत तो इससे भी ज्यादा संख्या बताते हैं 13वीं सदी में एक ईरानियन इतिहासकार थे जिनका नाम राशिद अल दिन था उन्होंने लिखा है कि चंगेज खान ने ईरान में इतना भयंकर नरसंहार मचाया था कि ईरान की संख्या 25 लाख से ढाई लाख पर आ गई थी आपको जानकर हैरानी होगी कि चंगेज खान के आक्रमण से पहले ईरान की जो जनसंख्या थी उस जनसंख्या तक फिर से पहुंचने के लिए ईरान को पांच सदियां लग गई।

2.) चंगेज खान की बेटी की शादी तोकुच नाम के एक शख्स से हुई थी जो चंगेज खान के बेहद करीब था ईरान के निशापुर शहर के एक तीरंदाज ने उसकी हत्या कर दी थी इसका बदला लेने के लिए चंगेज खान ने निशापुर की जनसंख्या को खत्म कर दिया इंसानों की तो बात छोड़ दीजिए उसने निशापुर में एक भी जीवन बचने नहीं दिया, वहां के कुत्ते बिल्लियों तक को भी बचने नहीं दिया, उसने एक पिरामिड पर लोगों के शरीर का ढेर लगा दिया था ताकि भविष्य में कोई भी चंगेज खान के परिवार पर आक्रमण करने के बारे में सोचे भी नहीं।

3.) वाशिंगटन के Carnegie institute for science के अनुसार चंगेज खान के द्वारा किए गए कत्लेआम के कारण वातावरण से करीब 700 मिलीयन टन कार्बन डाइऑक्साइड का सफाया हो गया था। उसने हजारों गांव, कस्बों, शहरों को पूरी तरह तबाह कर दिया था मतलब पहले जहां पर जनजीवन था, लोग रहते थे वहीं अब भारी मात्रा में वनस्पतियां पैदा होने लगी जंगल होने लगा।

4.) चंगेज खान इतिहास का सबसे बड़ा कत्लेआम व्यक्ति होने के बाद भी वह प्रगतिशील विश्वास रखता था आपको जानकर हैरानी होगी कि उसमें धार्मिक कट्टरता बिल्कुल नहीं थी उसका मानना था उसके अपने लोग जितना ज्यादा खुश रहेंगे उनमें आपसी विद्रोह उतना ही कम होगा इसीलिए उसने लोगों को पूरी तरह धर्म की स्वतंत्रता दे रखी थी यही कारण है कि वह अपने मंसूबों में बिल्कुल सफल रहा।

5.) दुनिया के बड़े-बड़े राजा महाराजा चाहते थे कि उनके मरने के बाद भी लोग उन्हें सदियों तक याद रखें इसलिए वह अपनी यादों को कायम रखने के लिए मकबरे और स्मारक बनाने की वसीयत छोड़ जाते थे, लेकिन चंगेज खान के साथ ऐसा नहीं है वह नहीं चाहता था कि मरने के बाद लोग उसे याद रखें उसने जीते जी किसी भी चित्रकार को अपना चित्र बनाने नहीं दिया, किसी भी मूर्तिकार को अपनी मूर्ति बनाने नहीं दी, और ना ही किसी भी सिक्कों पर अपना चेहरा या नाम लिखवाया चंगेज खान की पहली फोटो उसके मरने के बाद बनाई गई थी।

6.) चंगेज खान नहीं चाहता था कि उसके मरने के बाद उसका कोई निशान बाकी रहे हैरानी की बात है। उसने अपने लिए एक अजीब वसीयतनामा लिखा उसने अपने साथियों को यह हुक्म दिया कि उसके मरने के बाद उसे ऐसी गुमनाम जगह पर दफनाया जाए जहां से उसकी कब्र को ढूंढ पाना असंभव हो और ऐसा ही किया गया आज चंगेज खान की मृत्यु को आठ सदियां बीत चुकी है सालों से इतिहासकार उसकी कब्र का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सारी कोशिशें नाकाम रख रही हैं चंगेज खान की कब्र के बारे में कई रहस्य और कहानियां जुड़ी हुई है।

7.) चंगेज खान अपने साम्राज्य में 3 साल के बच्चे को ही तीरंदाजी और घुड़सवारी की ट्रेनिंग देने लगता था जब यूरोपियन लोगों ने यह देखा तो उन्होंने कहा था कि मंगोलों की तो लड़कियां भी पुरुषों से अच्छी घुड़सवारी कर लेती हैं।

8.) मंगोलों के इतिहास में मृत्यु दंड देने का एक अजीब तरीका था जिसे चंगेज खान ने भी अपनाया था वह तरीका था Measuring against the linchpin उसमें ऐसा किया जाता था कि लंबे पहियों वाली एक गाड़ी होती थी और जीतने वाला बादशाह हारने वाले दुश्मन देश के नागरिकों को यह हुक्म देता था कि वह सभी एक के बाद एक उस पहिए के पास आकर खड़े हो जाएं और जिस भी व्यक्ति की लंबाई उस पहिए के एक्सएल पिन से लंबी होती थी उसका सिर काट दिया जाता था आमतौर पर उस जमाने में गाड़ियों के एक्सएल पिंन कि लंबाई 3 फिट होती थी मतलब 3 फीट से लंबे किसी भी व्यक्ति की जान नहीं बख्शी जाएगी सन 1202 में जब चंगेज खान की लड़ाई जमुखा के साथ हुई थी तो उसने उसके कबीले के खिलाफ इस तरह का उपयोग किया था उसने 3 फीट से लंबे हर इंसान का कत्ल कर दिया था सिर्फ बच्चों को छोड़ा गया था।

9.) आज जब कभी आप चंगेज खान का नाम है सुनते हैं तो सबसे पहले एक निर्दई हत्यारे की छवि हमारे मन में बनती है जिसने असंख्य लोगों को मौत के घाट उतार दिया लेकिन इसके बावजूद मंगोलिया में उसको ऊंचे मुकाम हासिल हैं मंगोलिया में उसका मुकाम सिर्फ एक ऐतिहासिक शख्स का नहीं है बल्कि उसे वहां "फादर ऑफ नेशन" कहा जाता है यहां तक कि नॉर्थन चाइना में तो उसका एक टेंपल भी है जहां उसकी पूजा की जाती है।

10.) आज चंगेज खान मंगोलिया में एक नेशनल हीरो की तरह देखे जाते हैं लेकिन बीसवीं सदी में सोवियत रूल के दौरान चंगेज खान का नाम लेना भी बंद था सोवियत यूनियन ने चंगेज खान की यादें लोगों से पूरी तरह मिटाने के लिए स्कूली किताबों से उसका नाम पूरी तरह से हटवा दिया था उन्होंने मंगोलिया में चंगेज खान की जन्म स्थान की यात्रा पर पूरी तरह रोक लगा दी लेकिन कुछ समय बाद मंगोलिया में चंगेज खान का नाम फिर से कायम हो गया चंगेज खान मंगोलिया की कला और संस्कृति में वापस आ गए यहां तक कि मंगोलियन करेंसी में चंगेज खान का चित्र भी नजर आता है।

11.) चंगेज खान के नाम में खान होने से बहुत लोगों को यह लगता है कि वह मुसलमान था पर ऐसा नहीं है वह किस धर्म को मानता था यह बाद में जानेंगे पहले उसके नाम पर आते हैं चंगेज खान का असली नाम तेमुजीन था तेमुजीन मंगोलियन भाषा का एक शब्द है जिसका अर्थ ब्लैक स्मिथ होता है चंगेज खान टाइटल उसे बाद में मिला चंगेज खान नाम कहां से मिला इसको लेकर इतिहासकार अभी भी पूरी तरह से कुछ नहीं कहते एक थ्योरी कहती है की मंगोलियन भाषा के शब्द चिंकीज से चंगेज नाम निकला है जिसका मतलब होता है यूनिवर्सल लीडर, खान शब्द मंगोलियन भाषा में एक ट्रेडिशनल टाइटल होता था और इसका मतलब रूलर होता है और यह टाइटल मंगोलियन ट्राइब्स के लोग अपने लीडर को देते थे तो चंगेज खान का मतलब है यूनिवर्सल रूलर।

12.) 13वीं सदी से पहले नॉर्थ और वेस्ट चाइना में बहुत से नोमेडिक ग्रुप थे उन्होंने धीरे-धीरे बसे हुए क्षेत्र में आना शुरू कर दिया मंगोल भी इन्हीं में से एक थे जो छोटे-छोटे कबीलों में हुए थे तेमुजीन भी इन्हीं में से एक था जिसने 1206 में इन्हीं छोटे-छोटे कबीलों को एक किया और उनका लीडर बन गया मंगोलों का लीडर बनने के बाद ही उसने चंगेज खान टाइटल दियाया था।

13.) चंगेज खान Tengrism धर्म को मानता था यह एक पुराना सेंट्रल एशियन धर्म था और उसके मानने वाले आज भी सेंट्रल एशिया के कई देशों में रहते हैं यह मंगोल और तुर्क लोगों का मुख्य धर्म था।

14.) चंगेज खान की शुरुआती जिंदगी के बारे में बहुत कम जानकारी मिलती है क्योंकि ऐसे बहुत कम लिखे गए रिकॉर्ड मौजूद हैं जो उस समय में उसके बारे में लिखे गए थे। कुछ स्त्रोत जो चंगेज खान के समय के बारे में जानकारी देते हैं उनमें मतभेद है चंगेज खान के बचपन के बारे में हम जो कुछ भी जानते हैं वह सब सिर्फ एक इस बुक की वजह से “द सीक्रेट हिस्ट्री ऑफ मंगोल्स” यह बुक चंगेज खान के मृत्यु के कुछ साल बाद लिखी गई थी और यह बुक मंगोलियन भाषा का सबसे पुराना लिटरेरियन वर्क है जो आज तक हमारे पास बचा हुआ है यह बुक लिखने वाले का कोई अता पता नहीं है यह बुक रॉयल मंगोल फैमिली पर लिखी गई थी सदियों तक यह किताब लुप्त रही फिर nineteenth-century में अचानक इसकी एक चाइनीज कॉपी पाई गई और इसके बाद ही हमें चंगेज खान को लेकर इतनी जानकारी उपलब्ध है।

15.) “द सीक्रेट हिस्ट्री ऑफ मंगोल्स” में लिखा है की चंगेज खान अपने हाथ में ब्लड क्लोट लिए हुए पैदा हुआ था यह एक ट्रेडिशनल साइन है कि बच्चा बड़ा होकर एक ग्रेट लीडर बनेगा।

16.) चंगेज खान का सौतेला भाई जिसका नाम बेक्टर था बचपन में तेमुजीन को बहुत तंग करता था वह तेमुजीन का खाना छीन लेता था तेमुजीन अपने भाई की इन हरकतों को सहते हुए बड़ा हुआ था आखिरकार उसने तंग आकर अपने भाई की हत्या कर दी थी उस समय तेमुजीन सिर्फ 14 साल का था।

17.) तेमुजीन मानता था कि आदमी की शक्ति का पता इस बात से चलता है कि वह अपने पीछे कितने बच्चे छोड़ कर गया है। कहा जाता है कि उसकी 500 के करीब बीवियां थी एक स्टडी से पता चला है कि एशिया में रह रहे 8% लोग आईडेंटिकल वाई क्रोमोसोम कैरी करते हैं जो शायद चंगेज खान से शुरू होता है इस हिसाब से अंदाजा लगाया गया है कि आज दुनिया में चंगेज खान के 16 मिलियन वंशज मौजूद है मतलब हर 200 में से एक आदमी चंगेज खान का वंशज है।


18.) सन 2001 में मंगोलिया की राजधानी सेें 880 किलोमीटर दूर एक किले को खोजा गया था यह बताया गया कि यह किला चंगेज खान से जुड़ा हुआ है।

19.) यह माना जाता है कि चंगेज खान ने सिर्फ तलवार की जोर पर अपने सल्तनत को इतना ताकतवर बनाया लेकिन यह पूरा सच नहीं है वह इंसान इस से बहुत ज्यादा चालाक था।

20.) 1201 में एक युद्ध के दौरान एक तीर ने चंगेज खान के घोड़े को मार गिराया और चंगेज खान बुरी तरह घायल हो गया आखिर में जीत चंगेज खान की ही हुई लेकिन बाद में चंगेज खान ने युद्ध में हारे हुए सभी सैनिक बंदियों को बुलाया और उसने पूछा कि उसके घोड़े को तीर मारने वाला शख्स कौन था एक सैनिक बहादुरी से चंगेज खान के सामने आया और उसने स्वीकार किया कि उसने ही तीर चलाया था चंगेज खान ने उसके हुनर और बहादुरी को देखते हुए उसे अपनी आर्मी में ऑफिसर बना दिया और बाद में उसे जेबे नाम दिया जेबे का अर्थ एरो होता है।

21.) अगर इतिहास के बड़े विजेता की बात करें तो आपको सिकंदर का नाम याद आता होगा लेकिन अगर आंकड़ों की बात करें तो चंगेज खान इतिहास का सबसे बड़ा विजेता था उसने सिकंदर से दोगुने क्षेत्र को जीत लिया था वहीं सिकंदर की शुरुआत ही मेसिडोनिया के राजा के रूप में हुई थी और उसके पास वेल ट्रेंड और रॉयल आर्मी थी जबकि चंगेज खान की शुरुआत एक छोटे से गरीब कबीले से हुई थी और उसने अपने दम पर सभी मंगोलों को इकट्ठा करके अपनी एक यूनिट बनाई थी।

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