किसी चीज़ को जल्दी कैसे सीखें - How to learn anything in hindi

कैसे चीजों को जल्दी सीख सकते हैं - How to learn anything faster in hindi

कैसे चीजों को जल्दी सीख सकते हैं - How to learn anything faster in hindi


दोस्तों आज हम देखेंगे कि किसी भी स्किल में टॉप में आने के लिए क्या मेथड है और क्या पर्सनैलिटी ट्रेट्स की रिक्वायरमेंट है यह सब आज हम सीखेंगे josh waitzkin की बुक the art of learning से जहां एक कॉमन इंसान अपनी पूरी जिंदगी में एक भी स्किल में आउटस्टैंडिंग नहीं हो पाता वहीं josh चेस में नेशनल चैंपियन रहे उसके बाद उन्होंने यह गेम छोड़कर एक दूसरे गेम में चले गए और वह नया गेम था मार्शल आर्ट tai chi chuan और इस गेम में भी वह फिर से एक्स्ट्राऑर्डिनरी बन गए और सन 2004 में उन्होंने वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया जोश बोलते हैं किसी भी स्किल को सीखने के लिए एक प्रोसेस होता है और आज हम यही प्रोसेस जानेंगे जो कि 6 प्रिंसिपल पर आधारित है तो चलिए जानते हैं 6 प्रिंसिपल के बारे में!

1. Learning the macro from the micro
2. Losing to win
3. Expect and prepare for dirty plan
4. Have a childs sense of freedom
5. Find a right partner who will help you grow in your skill
6. Work on the areas you are neglecting before you are forced to

1.) Learning the macro from the micro - छोटे से बढ़े की तरफ सीखना

एक बार एक टीचर अपने स्टूडेंट से बोलता है मुझे 5000 शब्दों का एक निबंध लिखकर बताओ अपने शहर के ऊपर वह स्टूडेंट बहुत डर जाती है उसे लगता है कि उसका शहर तो बहुत ही छोटा है उसके शहर में इतना कुछ इंटरेस्टिंग है ही नहीं और वह इतना बड़ा निबंध कैसे लिखेंगी, फिर टीचर स्टूडेंट की समस्या को समझ जाता है और कहता है चलो ठीक है तुम इस क्लास रूम के बाहर जो ओपेरा हाउस दिख रहा है उस पर निबंध लिखो इस ओपेरा हाउस की टॉप लेफ्ट ब्रिक से लिखना स्टार्ट कर दो लेकिन उस स्टूडेंट को लगता है कि यह तो बहुत मुश्किल टास्क है लेकिन फिर उस स्टूडेंट को ओपेरा हाउस से जुड़े बहुत ही सारे आइडियाज आने लगते हैं और वह उस असाइनमेंट के 20 पेजेस अपने टीचर को सबमिट करते हैं और यह ओपेरा हाउस उसी के शहर में था जिसे वह बहुत ही छोटा और बोरिंग मान रही थी!

यहां पर बुक के ऑथर हमें यह कहना चाह रहे हैं कि Depth is more important than breadth यानी जब भी हम कुछ नया सीखते हैं तो सबसे पहले हमें माइक्रो से शुरुआत करनी चाहिए यानी छोटे से शुरू करना चाहिए और जब हम उस माइक्रो को समझ जाए तब हमें मेक्रो समझ आएगा यानी पूरी थ्योरी समझ आएगी और यही प्रिंसिपल ऑथर ने चेस को सीखने में भी यूज किया था जहां पर सारे कॉमन लोग चैस की प्रैक्टिस के लिए शुरू से ही सारे के सारे पीसेज को एक साथ लगाकर खेलने लगते थे और सारी पॉसिबल मूव्स से कंफ्यूज हो जाते थे। वहीं पर ऑथर चेस बोर्ड से सारे के सारे पीसेज को हटा देते थे और सिर्फ 3 पीसेस रखकर ही प्रैक्टिस करते थे, फिर जब यह तीन पीसेस की अच्छी तरह प्रैक्टिस हो जाती फिर इन्हें भी हटाकर दूसरे तीन पीसेस की प्रैक्टिस करते थे, और यही वजह थी कि वह चेस में बहुत जल्दी ग्रो कर गए अगर हम स्टडी में भी इसे इंप्लीमेंट करना चाहते हैं तो एक कांसेप्ट को सीख कर उसी कॉन्सेप्ट से रिलेटेड कई सारे क्वेश्चन कर सकते हैं ताकि हमें उस कांसेप्ट के बारे में अच्छे से पता चल जाए।

2.) Losing to win - जीतने के लिए हारना

मतलब हमें जीतने के लिए बहुत बार हारना पड़ेगा ऑथर कहते हैं यह एक common trait है जो उनमें शुरू से ही था वह जानते थे कि उन्हें हारना पड़ेगा अगर उन्हें नेशनल चैंपियन बनना है तो, इसलिए जब वह 8 साल के थे तब वह अपने से बड़े एज ग्रुप वाले लड़कों को चैस में चैलेंज कर दिया करते थे और उनसे बहुत बार हारते रहते थे लेकिन बार-बार हार कर ही उन्हें ऐसी चेस मूव्स का पता चला जो उनकी एज के ग्रुप वाले लोगों को दूर-दूर तक नहीं पता था ऑथर बोलते हैं कि बार-बार हारना बहुत ही इमोशनल इवेंट होता है बहुत दुख होता है लेकिन सिर्फ यही एक सक्सेस का रास्ता है ऑथर के काफी फ्रेंड्स ऐसे प्लेयर्स के साथ कभी नहीं खेलते थे जो उन्हें हरा सके क्योंकि वह उन दुख की मोमेंट्स को नहीं जीना चाहते थे जो हारने के बाद महसूस होती है।

➡ बातों से किसी को आकर्षित कैसे करें - How to attract someone with things in hindi

लेकिन ऑथर बोलते हैं मैं जानबूझकर हारता रहता था और अपनी स्किल्स को इंप्रूव करता रहता ऑथर बताते हैं कि उनका एक फ्रेंड् था जिसके फैमिली मेंबर उसे चैस में आउटस्टैंडिंग बोलते थे कई लोगों ने तो उसे अनडिफीटेड का टाइटल भी दे दिया था लेकिन जिस दिन उसका ऑथर के साथ मैच था तो उसने मैच खेलने से ही मना कर दिया क्योंकि वह हारना नहीं चाहता था, और अपनी परफेक्ट चेस प्लेयर की इमेज को खराब नहीं करना चाहता था।

अगर हम स्टडीज की बात करें तो कई स्टूडेंट्स मॉक टेस्ट नहीं देते वे सोचते हैं कि जब सिलेबस पूरा होगा तभी हम मॉक टेस्ट देंगे यह एक बहाना है जो हम खुद से बोलते हैं असलियत में हमें पता है कि हमें दुख होगा अगर हमारे मॉक टेस्ट में नंबर कम आएंगे तो, लेकिन इस प्रिंसिपल के अकॉर्डिंग हमें इस दुख से गुजरना ही होगा नहीं तो हम अपने कंफर्ट जोन में ही रह जाएंगे और कभी इंप्रूव नहीं हो पाएंगे। ऑथर कहते हैं कि एक बार जब हम हार जाएं तो हमें जल्दी से जल्दी अपनी गलतियों को समझ लेना चाहिए और उसे रिपीट नहीं करना चाहिए। ऑथर बोलते हैं कि जब वह मार्शल आर्ट्स tai chi chuan की प्रैक्टिस करते थे तो वह इसी प्रिंसिपल को फॉलो करते थे और वह अपने बहुत से फेलो मार्शल आर्टस से आगे बढ़ गए ऑथर कहते हैं कि यह कहने में तो आसान है कि अपनी गलती को पहचानो और दोबारा उसे रिपीट मत करो लेकिन इसे इंप्लीमेंट करने में कई बार हमें महीने लग जाते हैं हमें कोई भी काम करते समय यह देखना पड़ता है कि हम कौन सी सायकोलॉजी या टेक्निकल गलती कर रहे हैं और जब हमें अपनी गलती का पैटर्न समझ में आ जाए तो इसे इंप्रूव किए बगैर रुकना नहीं चाहिए फिर चाहे इसमें महीने ही क्यों ना लग जाए!

3.) Expect and prepare for dirty plan - बुरे प्लान की अपेक्षा ओर तैयारी

यह प्रिंसिपल कहता है कि मान के चलो आपके साथ कुछ ना कुछ अनफेयर चीजें होंगी इस प्रिंसिपल को समझने के लिए ऑथर कहते हैं कि वर्ल्ड क्लास चेस प्रतियोगी कई बार डर्टी गेम खेलते हैं जैसे कुछ प्लेयर्स चैस खेलते वक्त उन्हें टेबल के नीचे से किक मारते थे, कई चेस प्लेयर चेस बोर्ड को हिलाने लगते, कई बीच में अजीब सी आवाजें निकालते हैं या कम आवाज में उन्हें गाली देते और यह सब इसलिए किया जाता था ताकि उन्हें इमोशनली डिस्टर्ब किया जा सके ओर ऑथर नेक्स्ट चेस मूव्स को प्लान ना कर पाए शुरू शुरू में जब वह ऑथर के साथ ऐसा होता था तो उन्हें बहुत गुस्सा आता था कि यह क्या हो रहा है लोग ऐसी चीटिंग कैसे कर सकते हैं। लेकिन बाद में उन्हें बाद में महसूस हुआ की प्रॉब्लम उनके प्रतियोगी कि नहीं उनकी खुद की है उन्हें महसूस हुआ कि वह डरा हुआ खेलते हैं सिर्फ यह सोचकर कि अगर उनके प्लेयर्स उनके साथ ऐसा खेलेंगे तो वह क्या करेंगे उन्होंने डिसाइड कर लिया कि रोने से तो कुछ नहीं होगा लेकिन अगर उन्हें खुद को ट्रेन करना है तो उन्हें इस सिचुएशन की प्रैक्टिस करनी होगी और इसलिए वह सबसे डर्टी प्लेयर के साथ प्रैक्टिस करने लगे ताकि इंपोर्टेंट मैचेस के टाइम वह इमोशनली अफेक्टेड ना हो और ऐसा ही हुआ जब वह रियल इंपॉर्टेंट मेंचैस खेलते और उनके प्रतियोगी उन्हें टीस करने की कोशिश करते तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता था और यह देखकर कि  ऑथर को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है उनके प्रतियोगी खुद ही नर्वस हो जाते और कोई ना कोई गलती कर बैठते और हार मान लेते  ऑथर बोलते हैं कि अगर हमें किसी चीज में अच्छा होना है तो हमें चीटिंग को डर्टी प्रैक्टिस को भी गेम का हिस्सा मानना पड़ेगा।

 सेल्फ हेल्प कैसे करें - self help in hindi

4.) Have a childs sense of freedom - बच्चों की तरह आज़ाद रहकर सोचें

जब भी कोई बूढ़ी औरत कंप्यूटर का उपयोग करती है तो वह इतनी डरी हुई होती है कि कुछ टूट ना जाए लेकिन जब आप उन्हें बताओगे कि ऐसा कुछ नहीं होता तो वह रिलैक्स हो जाती है और फ्री होकर कंप्यूटर का उपयोग करती हैं जब हम बच्चे होते हैं तो हमें हारने से डर नहीं लगता हमारे सपने इतने बड़े होते हैं कि हम कुछ भी आसानी से हासिल कर सकते हैं लेकिन जैसे जैसे हम बड़े होते हैं हमें नई चीजों का पता चलता है हम और लोगों को हारते हुए देखते हैं और उनकी हार को अपनी हार समझने लगते हैं और एज के साथ-साथ एक छोटी सेल्फी इमेज बना लेते हैं जिससे हमें रिस्क लेने से डर लगता है ऑथर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब वह अपने चेक करियर के पीक में थे और नेशनल चैंपियन बन गए थे तभी उनके पिता ने उन पर एक बुक लिख दी कि इतनी छोटी उम्र में उनका बेटा एक बड़ा चेस प्लेयर है और उस बुक पर एक मूवी बन गई जिसका नाम था Searching for Bobby Fischer इस मूवी के रिलीज होने के बाद लाखों लोग ऑथर के फैन बन गए लड़कियां उनके पीछे पागल हो गई और सब उनसे बहुत ज्यादा एक्सपेक्ट करने लगे।

इस पर ऑथर बोलते हैं कि मैं प्रेशर में आने लगा था उन्हें डर लगने लगा था कि अगर वह फेल हो गए तो क्या होगा और धीरे-धीरे वाह चेस से दूर भागने लगे और अंत में चेस को ही छोड़ दिया क्योंकि उनसे यह प्रेशर हैंडल नहीं हुआ उसके बाद उन्होंने मार्शल आर्ट tai chi chuan सीखना शुरू कर दिया और बोलते हैं कि मुझे अब हार से बिल्कुल डर नहीं लगता था मैं दोबारा एक बच्चे की तरह स्टार्ट कर सकता था, गलतियां कर सकता था, जितना बड़ा चाहे उतना बड़ा ड्रीम कर सकता था, और उन्होंने ऐसा ही किया और वह इस गेम में भी 2004 में वर्ल्ड चैंपियन बन गए इन शार्ट ऑथर कहना चाहते हैं कि हमें हमेशा एक बच्चे की तरह जिज्ञासा से भरा होना चाहिए जो किसी भी फेलियर से नहीं डरता जिसके लिए हर चीज पॉसिबल होती है और माइंड में कोई लिमिटेशन नहीं होती।

5.) Find a right partner who will help you grow in your skill - एक सही साथी की तलाश करें जो आपको अपने कौशल में बढ़ने में मदद करे

जब ऑथर मार्शल आर्ट tai chi chuan की प्रैक्टिस कर रहे थे तो उनके डेली प्रैक्टिस पार्टनर के लिए एक ऐसा लड़का था जो दुनिया में इस गेम में बेस्ट था हर रोज वह दोनों इस गेम के सीक्रेट्स एक दूसरे को बताते थे और वह एक दूसरे की गेम को इंप्रूव करने की कोशिश करते थे। वह दोनों एक दूसरे को रोज नई-नई ट्रिक्स के बारे में बताते थे जिससे वह और लोगों की मूव्स को काउंट कर सके। यह कांस्टेंट फीडबैक वह भी एक ऐसे पार्टनर्स है जो स्किल में अच्छा भी है और आपका भला भी चाहता है आपको आपकी स्किल में बहुत जल्दी अच्छे लेवल पर ले जा सकता है इसलिए चाहे आप बिजनेस में भी क्यों ना हो एक ऐसा पार्टनर ढूंढिए जो जिसे एक्सपीरियंस हो और आप दोनों एक दूसरे की मदद कर सकें यह एक win-win सिचुएशन बना सकती है।

6.) Work on the areas you are neglecting before you are forced to - उन क्षेत्रों पर काम करें, जिनकी आप उपेक्षा कर रहे हैं

यह प्रिंसिपल कहता है कि हमें अपनी कमियों पर काम करना चाहिए इससे पहले के हालात हमें मजबूर कर दे उन्हें अपनी कमियों पर काम करने के लिए, ऑथर जब मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस करते थे तब वह अपने लेफ्ट हैंड पर ध्यान नहीं देते थे जितना कि राइट हैंड पर देते थे और यह तब तक चलता रहा जब तक उनके राइट हैंड में चोट ना लग गई चोट लगने के बाद उन्हें अपने लेफ्ट हैंड पर ही सबसे ज्यादा फोकस करना पड़ा ऑथर कहते हैं कि यह बहुत इंपोर्टेंट है कि हम अपने रिक्वायर्ड स्किल के सब एरिया पर काम करें।

उदाहरण के लिए अगर आप बिजनेस में है तो आप अपनी पुरानी ऑफलाइन स्ट्रैटेजी से ही अपना बिजनेस ग्रो नहीं कर सकते हमें टाइम के साथ साथ हमें ऑनलाइन मार्केटिंग के तरीकों को भी सीखना होगा अगर हम इसे छोड़ देंगे तो बिजनेस फेल भी हो सकता है और एक्सट्रीम टाइम आने पर हमें ऑनलाइन मार्केटिंग फिर से सीखने पड़े।

➡ कामयाब जिंदगी के लिए 10 नियम - 10 rules for successful life in hindi

➡ 12 brain rules for human - मानव के लिए मस्तिष्क के 12 नियम

➡ अवचेतन मन को कैसे जगायें | How to activate subconscious mind in hindi

Post a Comment

1 Comments