ब्रम्हा मुहूर्त में उठने के फायदे - brahma muhurat

“ब्राह्मी मुहूर्तम उत्तिष्ठते, सवस्थो रक्षारथे आयुषा
तत्र सर्वथा शांत्यर्थं, समरीचा मधुसूदनं”

यानी कि जो लोग भी बीमारियों से मुक्त एक लंबी आयु पाना चाहते हैं ऐसे लोगों को ब्रह्म मुहूर्त में अवश्य उठना चाहिए - आयुर्वेद


सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठने के फायदे


ब्रह्म मुहूर्त चमत्कारिक पल या अमृतवेला, सूर्योदय से पहले ठीक 96 मिनट का वह चमत्कारिक समय जिसका ठीक से उपयोग करना अगर आपको आ गया तो कुछ ही समय में आपकी लाइफ में आए बदलाव जिसको देखकर आप भी चौक जाओगे और आप अपने किसी भी सपने को आसानी से प्राप्त कर लोगे, आप किसी भी skills में इतनी जल्दी मास्टर बन जाओगे जिसे देखकर आप खुद भी हैरान रह जाओगे क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में किया गया कोई भी काम ठीक उसी तरह विकसित होता है जैसे की पानी खाद और सूरज की उपस्थिति में कोई पौधा।

ब्रह्म मुहूर्त


आज हम इस बात को पुराने और नए विज्ञान के आधार पर देखेंगे

ब्रह्म मुहूर्त को हमारे वेद पुराण मैं बहुत महत्वपूर्ण जगह दी गई है डॉ सुरेंद्र कुमार की पुस्तक विशुद्ध मनुस्मृति में लिखा है

“ ब्रम्हे मुहूर्ते बुद्धयेत धर्मर्थो चानुचिन्त्येत।
कायकलेशाशचं तंमुलां वेदतत्वार्थमेव च” ।।

मतलब कि हमें ब्रह्म मुहूर्त के समय उठकर ध्यान और वेदों का ज्ञान लेना चाहिए अब आप सोचोगे इतना कठिन कहा जाने वाला वेदों का अध्ययन महर्षि मनु ने ब्रह्म मुहूर्त के समय ग्रहण करने को कहा है इसके पीछे कोई बहुत बड़ा रीजन रहा होगा और हां सच में इसके पीछे एक बहुत बड़ा रीजन है यह केवल हिंदू धर्म में नहीं बल्कि सारे धर्म में इस समय को थिंकिंग, प्लानिंग, लर्निंग और मेडिटेशन के लिए महत्वपूर्ण बताया है तो चलिए अब जानते हैं कि इस समय के दौरान यूनिवर्स (ब्रम्हांड) में ऐसा क्या होता है कि ब्रह्म मुहूर्त को इतना महत्वपूर्ण बताया गया है।

अमृतवेला उठने के फायदे


1. Low of attraction (आकर्षण का नियम)

जैसा भी आप सोचोगे वैसा ही ये यूनिवर्स(ब्रम्हांड) आपको बदले में देगा जिसे कहते हैं लॉ ऑफ अट्रैक्शन अब आप सोचोगे की सोचता तो मैं दिन भर हूं लेकिन उसका ब्रह्म मुहूर्त से क्या लेना देना उदाहरण के लिए देखें तो आप कुछ देर के लिए ऐसा सोचो कि हमारा यूनिवर्स एक मोबाइल टावर है और हम सब के जो दिमाग है वह मोबाइल फोन हैं अब दिन के समय जब सभी लोग जगे हुए होते हैं तो सभी लोगों के दिमाग यूनिवर्स में कोई ना कोई सिग्नल भेजते रहते हैं सिग्नल से मतलब है आपकी थिंकिंग आपके थॉट आप जो सोचते हैं वह, आप दिन के समय कोई भी विचार यूनिवर्स में भेजोगे तो उसे व्यक्त होने में बहुत टाइम लगेगा।

लेकिन अगर सुबह के समय ब्रह्म मुहूर्त में जब सब लोग सोए हुए होते हैं तब यूनिवर्स का फ्रीक्वेंसी लेवल भी बहुत कम होता है और उस समय सोचा गया कोई भी विचार के रियल लाइफ में व्यक्त होने की संभावना बहुत ही बढ़ जाती हैं अब आप खुद ही सोच सकते हैं कि आपको किसी एक जगह से दूसरी जगह जाना है अगर आप दिन के समय किसी जगह जाएंगे तो आपको वहां ट्रैफिक मिल सकता है जिससे कि आप अपनी जगह बहुत देर में पहुंच पाएंगे लेकिन अगर आप सुबह 4:00 बजे कहीं जाए तो आप जल्दी पहुंच जाएंगे क्योंकि उस समय ट्रैफिक नहीं होता।

ठीक उसी तरह ही ब्रह्म मुहूर्त में विचारों का ट्रैफिक बहुत कम होता है इस समय सोचा गया कोई भी विचार के रियल लाइफ में व्यक्त होने के चांसेस बहुत ज्यादा होते हैं इसलिए लगभग सभी धर्म में सुबह की प्रार्थना को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है ताकि हमारी दुआएं कुबूल हो सके!

हां हम सभी को रात में देर में सोना बहुत पसंद होता है इसलिए हम आपको 3:00 बजे उठने का नहीं कह रहैं है लेकिन आप सूर्य उदय से एक या 2 घंटे पहले उठ जाते हैं तो बहुत ही अच्छा होगा लेकिन आपको इन 1 या 2 घंटे में वह महत्वपूर्ण काम करना है जो आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी हो और कुछ ही समय में आप अपनी आंखों के सामने अपनी जिंदगी को बदलते हुए देखोगे इसीलिए बेंजामिन फ्रैंकलिन ने कहा है।

“बिस्तर पर जल्दी उठना मनुष्य को स्वस्थ और बुद्धिमान बनाता है”

2. cosmic energy (विश्व शक्ती)




क्या आप जानते हैं कि हिंदू वेद के अनुसार हमारी रातें चार भाग में डिवाइड होती है मान लो अगर सूरज 6:00 बजे अस्त होता है तो 6:00 से 9:00 रूद्र काल, इस समय के दौरान हमें कभी भी सोना नहीं चाहिए। 9 से 12 राक्षस काल होता है, इस समय के दौरान हमें कभी भी जगना नहीं चाहिए। 12:00 से 3:00 गंधर्व काल होता है, जब हमारी नींद सबसे ज्यादा गहरी होती है और 3 से 6 मनोहर काल होता है, जिस समय हमे हर हाल मैं बिस्तर छोड़ देना चाहिए क्योंकि मनोहर काल के दौरान हमारे  यूनिवर्स में विश्व शक्ति का संचार सबसे ज्यादा होता है विश्व शक्ति यानी ब्रह्मांड की ऊर्जा हमारी यूनिवर्स को चलाने का काम इसी विश्व शक्ति (कॉस्मिक एनर्जी) से होता है जब हम सोते हैं उस दौरान हमारे शरीर में बहुत ही कम मात्रा में कॉस्मिक एनर्जी का प्रवेश होता है ताकि हम अगले दिन फ्रेश उठकर दिन भर के काम कर सके लेकिन मेडिटेशन के दौरान हमारा ब्रह्मांड बहुत अधिक मात्रा में हमें कॉस्मिक एनर्जी देता है।

मनोहर काल के दौरान तो पहले से ही हमारे ब्रह्मांड में इतनी ज्यादा कॉस्मिक एनर्जी होती है इस दौरान किया गया मेडिटेशन इतना पावरफुल होता है की कुछ दिनों के अंदर ही आपको अध्यात्म का ज्ञान होने लगेगा आपकी विश्व शक्ति का पावर इतना बढ़ जाएगा कि आप आपकी इंटेलिजेंस और कंसंट्रेशन मैं इसका असर दिखने लगेगा आपने अवचेतन मन की शक्ति के बारे में पढ़ा तो जरूर होगा यही विश्व शक्ति हमारे अवचेतन मन के पावर को बढ़ाती है।

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और इसीलिए ज्यादा से ज्यादा कॉस्मिक एनर्जी बढ़ाने के लिए साधु, योगी ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान या मेडिटेशन करते हैं अब ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आपको कॉस्मिक एनर्जी पाने के लिए ध्यान या मेडिटेशन करना जरूरी है अगर आप वर्तमान में जीना सीख लो तो भी आपको मेडिटेशन के बराबर कॉस्मिक एनर्जी मिलेगी यकीन नहीं होता है तो आप खुद से करके भी देख ले जैसे ही आप वर्तमान में जीना शुरु करेंगे सबसे पहले आपका ध्यान आपकी सांसो पर आएगा जैसा कि हम मेडिटेशन मैं भी अपनी सांस पर ध्यान देते हैं।

कहने का मतलब बस इतना ही है कि ब्रह्म मुहूर्त के दौरान यूनिवर्स में बहुत ज्यादा कॉस्मिक एनर्जी होती है और इस दौरान किया गया पूरे ध्यान लगाकर किया गया कोई भी कार्य चाहे वह पढ़ाई हो मेडिटेशन हो या कुछ भी हो उसके रिजल्ट आपको एक्स्ट्राऑर्डिनरी ही मिलेंगे

3. cardadian rhythm (सिर्केडियन ताल)

जिस तरह दिमाग और शरीर एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं उसी तरह हम और हमारे यूनिवर्स एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं आपको यह पता होगा कि हमारी धरती सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है तो सुबह के समय जब सूरज की पहली किरण हमारी धरती पर पड़ती है तो सूरज के चार्ज पार्टिकल्स के चलते हमारी धरती बहुत पावरफुल मैग्नेटिक फील्ड जनरेट करती है जिसके चलते हमारे बॉडी और दिमाग में बहुत बहुत सारे केमिकल रिएक्शन शुरू हो जाते हैं और हमारे दिमाग का suparchaismatic nucleus शरीर को सिग्नल देने लगता है कि बाहर की दुनिया में उजाला हो गया है और शरीर उठने के लिए तैयार होने लगती है।

सुबह के 4:00 बजे हमारी बॉडी का टेंपरेचर सबसे कम होता है हमारे ब्रेन में मेलाटोनिन का लेवल सबसे ज्यादा होता है सुबह लगभग 7:30 बजे के आसपास हमारा ब्रेन मेलाटोनिन बनाना लगभग बंद कर देता है अब आप सोच रहे होंगे मेलाटोनिन आखिर है क्या?

सुबह के समय ब्रेन में मेलाटोनिन की मात्रा अधिक होने की वजह से हमारे दिमाग बहुत शांत और स्टेबल होता है जिससे कि दिमाग की कंसन्ट्रेशन और फोकस करने की क्षमता बहुत अधिक बढ़ जाती है और वहीं अगर आयुर्वेद की बात करें तो हमारा शरीर इन पांच तत्वों से मिलकर बना हुआ होता है पृथ्वी, जल, वायू, अग्नि ओर आकाश और इन्ही पांच तत्वों से मिलकर हमारी प्रमुख तीन एनर्जी का निर्माण होता है वाता ( वायु आकाश ), पिता (अग्नि), कफा (पृथ्वी, जल)

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आयुर्वेद के अनुसार सुबह 2:00 से 6:00 और शाम को 2:00 से 6:00 बजे के बीच हमारे शरीर में वाता एनर्जी डोमिनेट होती है इस समय हमारे कंसंट्रेशन और फोकस करने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है इसलिए इस समय ज्यादा से ज्यादा मेंटल वर्क करना चाहिए ताकि हमारी प्रकृति भी आपका उस काम को करने में साथ दे सके हमारा शरीर प्रकृति के बनाए नियमों के अनुसार चलना चाहिए लेकिन हम ऐसा करते नहीं करते उदाहरण दू तो आयुर्वेद के अनुसार हमें 10:00 से 2:00 के बीच में किसी भी हालत में जागना नहीं चाहिए लेकिन आज की सोशल मीडिया के जमाने में 2:00 बजे से पहले सोता कौन है पानी जिस दिशा में बह रहा है उसी दिशा में अगर आप तरोगे तो किनारा जल्दी मिल जाएगा वैसे ही अगर आप नेचर और यूनिवर्स के हिसाब से चलोगे तो यह भी आपका साथ देंगे ओर आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाएंगे।

4. purest environment (शुद्ध वातावरण)

सुबह के समय यानी ब्रह्म मुहूर्त के समय हमारे आसपास का एनवायरनमेंट सबसे शुद्ध होता है सुबह के समय वातावरण में लगभग 41% ऑक्सीजन और लगभग 4% कार्बन डाइऑक्साइड होती है मतलब की सबसे कम से कम पॉल्यूशन सुबह की हवा में सांस लेने से सैकड़ों फायदे होते हैं।

5. minimum noise pollution (कम से कम शोर)

क्या आप जानते हैं की आपके आसपास की तेज आवाज का आप पर क्या असर पड़ता है अगर नहीं जानते हैं तो आज जान लीजिए हमारे आस पास तेज आवाज हमारे ब्लड प्रेशर को बढ़ाती हैं जिससे दिमाग ठीक से कॉनसन्ट्रेट और फोकस नहीं कर पाता हैरी पॉटर के राइटर जेके रॉलिंग बताती है कि वह बाहर की आवाजों की वजह से ठीक से कॉनसन्ट्रेट नहीं कर पाती थी इसीलिए उन्हें होटल में एक रूम लेना पड़ा था जिससे कि वह बाहर की फालतू आवाज़ों से बच सकें और पूरे फोकस के साथ लिख सके।

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जब बात कंसंट्रेशन की आती है तो छोटी-छोटी चीजें भी मायने रखती है इसलिए सुबह के टाइम ब्रह्म मुहूर्त में वातावरण बहुत शांत रहता है तो अगर आप इस समय कोई भी काम करेंगे तो बहुत कम समय में ज्यादा अचीव कर पाएंगे!

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