सकारात्मक सोच का अर्थ महत्व शायरी सुविचार इसे कैसे विकसित करें | power of positive thinking in hindi

सकारात्मक सोच का अर्थ महत्व शायरी सुविचार इसे कैसे विकसित करें | power of positive thinking, thought, suvichar, quotes in hindi


सकारात्मक सोच का अर्थ महत्व शायरी सुविचार इसे कैसे विकसित करें | power of positive thinking, thought, suvichar, quotes in hindi

सकारात्मकता क्या होती है इसका अर्थ महत्व 


सकारात्मक सोच व्यक्ति की सफलता की कुंजी होती है जो व्यक्ति अपने जीवन में जितना ज्यादा सकारात्मक होता है वह अपनी जिंदगी को उतने ही बेहतर तरीके से जीता है और तरक्की करता है वास्तव में सकारात्मक सोच एक ऐसी क्रिया है जो निरंतर अभ्यास से आती है और फिर जीवन को सुखमय बनाती है सकारात्मक सकारत्मक सोच की कोई एक ओर उचित परिभाषा नही ही सकती क्योंकि इस सोच को व्यक्ति अपने अंदर से महसूस करता है इस सोच से व्यक्ति खुद को हल्का, ओर तनाव मुक्त महसूस करता है।

सकारात्मक सोच कैसे बनाएं और विकसित करें


एक रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों की भी सोच सकारात्मक होती है वह अपने लक्ष्य को पा ही लेते हैं और अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा खुश रहते हैं। सकारात्मकता शरीर के उन घुलनशील पोषक तत्वों की तरह है जिनकी हमें रोजाना जरूरत होती है इसके लिए जरूरी है कि हम रोज खुद को सकारात्मकता का डोज दें यह 15 वाक्य आपको सकारात्मक बने रहने में सकारात्मकता विकसित करने में मदद करेंगे दिन भर में जब भी आपको वक्त मिले इन्हें मन में दोहराएं।

● मैं दिन की शुरुआत और सबसे पहले वही काम करूंगा जो मेरे भविष्य के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है

● मुझे खुद पर यकीन है और अपने किए काम पर कोई संदेह नहीं करूंगा।

● मैं जिंदगी से खुश हूं और इसके प्रति आभार (Gratitude) मानता हूं।

● मैं कुछ भी कर सकता हूं भले ही इसमें उम्मीद से ज्यादा वक्त लगे।

● मैं जैसा महसूस कर रहा हूं उसे सहर्ष वैसा ही स्वीकार करूंगा।

● खुद को और जिन्होंने मेरे साथ गलत किया उन्हें भी माफ करूंगा।

● बेहतर भविष्य के लिए रोज एक एक कदम आगे बढ़ाऊँगा।

● मेरे पास बहुत अच्छे आइडियाज हैं मैं उन्हें पूरा होते हुए देख रहा हूं।

● मैं किसी से अपनी तुलना नहीं करूंगा क्योंकि हर व्यक्ति अलग है।

● मैं भरोसा रखूंगा कि हर चीज बेहतरीन की दिशा में बढ़ रही है।

● मैं हमेशा खुशी को चुनूंगा।

● मैं दूसरों के कहे का खुद पर नकारात्मक असर नहीं होने दूंगा।

● मैं खुशी नहीं देने वाली चीजों घटनाओं पर ध्यान नहीं दूंगा।

● मैं अपनी उर्जा जरूरी और महत्वपूर्ण चीजों पर ही लगाऊंगा।

● मैं सफलता के लिए हमेशा सकारात्मक सोचुंगा।

● मैं मजबूत हूं और कोई चीज मुझे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।


क्यों जरूरी है सकारात्मक रहना


जब आप व्यक्ति या परिस्थितियों में अच्छाई या सीख देखने की कोशिश करते हैं तो आप अपनी क्षमताओं को भी postitive नजरिए से देखते हैं ऐसी सोच रखने वाले लोग ज्यादा सक्रिय होते हैं समाज के प्रति बेहतर दृष्टिकोण रखते हैं हर कार्य खुशी से करते हैं इसलिए सफल भी होते हैं यह साबित हो चुका है अगर आप अपने काम के प्रति खुश है तो आप अधिक सफल होंगे।


1.) सुबह उठकर खुद से कहे में आज अपने अंदर नकारात्मकता नही आने दूंगा : सबसे पहले यह करे कि सुबह उठे तो आपके अंदर नकारात्मकता के भाव बिल्कुल भी ना हों अपने मन मे powerfull thoughts क्रिएट करें जैसे आज मुझे यह काम  करना है तो इस काम को में पूरी लगन और मेहनत से करूँगा ओर कोशिश करूंगा कि इसमें अपना सौ फीसदी दूँ।

2.) हमेशा सकारात्मक सोचें | think positive : जब भी हम कोई काम करते हैं तो हमे डर लगता है कि इसमें सफल होंगे या नही , कैसे होगा, सब ठीक होगा या नही इस तरह सोचने से अच्छा है कि हम कुछ इस तरह सोचें में जो भी काम कर रहा हूं मुझे खुद पर भरोसा है यह जरूर अच्छा ही होगा, आज मेरा दिन है, में जो करूँगा अच्छा ही करूँगा, मुझे अपने भगवान पर भरोसा है, मुस्कुराओ, काम जैसा भी हो अच्छा या नही हो इसका जिम्मेदार में ही रहूंगा।

3.) अपने काम के छोटे छोटे लक्ष्य बनाए और उन्हें प्राप्त करें :  दोस्तों अक्सर हम अपने काम की लिस्ट तो बना लेते है कि इस हफ्ते में हमे यह काम खत्म करना है और वह काम नही हो पाता है  तो हम दुखी रहने लगते हैं और इससे नकारात्मकता बढ़ती है इससे अच्छा है कि हम सुबह एक लक्ष्य बनाए और दिन के अंत तक उसे प्राप्त कर लें इन छोटे छोटे लक्ष्य प्राप्त करने से आपके अंदर positivity आएगी और आपका काम भी अच्छी तरह से हो जाएगा। सफलता प्राप्त करने में यह एक कारगर तरीका है।

4.) अपने आप में विश्वास करें : जब भी हम कोई नई नौकरी शुरू करते हैं और पहले ही दिन नौकरी पर जाते हैं तब दिमाग में ऐसे विचार आते हैं कि कोई भी हमें पसंद नहीं करेगा हम अच्छी तरह नहीं दिख रहे हैं और ऐसा होता भी है क्योंकि आपने पहले ही नकारात्मक सोच से शुरुआत की थी तो इसकी संभावना भी बढ़ जाती है कि आपके परिणाम नकारात्मक ही होंगे इसे दूर करने के लिए आप अपने लक्ष्य और कामों को सकारात्मक तरीके से विजुलाइज करें जैसे कि आप चाहते हैं कि पांच महीने बाद आप अपना जीवन कैसे जीना चाहते हैं? आप अपना कौन सा लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं? रास्ते में आने वाली बाधाओं के बारे में ना सोच कर बेहतरीन परिणाम और उपलब्धि के बारे में सोचें निरंतर अभ्यास के साथ ही सकारात्मक सोच आपकी जिंदगी में परिवर्तन लाती है और आपका दृष्टिकोण बदल जाता है।

5.) आपका एटीट्यूड आपके जीवन को निर्धारित करता है : आप की दुनिया वैसी ही होगी जैसे आपके दिमाग में अपने एक्सपीरियंस को लेकर थॉट्स होंगे।

आपके जीवन में बहुत सारी समस्याएं होंगी उसमें से कई सारी समस्याएं ऐसी होंगी जिनका समाधान होने में दो-तीन साल लग जाएंगे जैसे कोई बीमारी या कर्ज, लेकिन आप उन समस्याओं को किस तरह से देखते हो यह सब आप पर ही निर्भर करता है हो सकता है कि आपको किसी समस्या को हल करने में बहुत समय लग जाए लेकिन आप अपने एटीट्यूड को 1 सेकंड में बदल सकते हो आपकी सोच, आपकी जिंदगी, आपकी वास्तविकता केवल आपके दृष्टिकोण पर ही निर्भर करती है।

उदाहरण के लिए अगर आप सुबह घर से निकलते हैं और एक बहुत तेज आ रही कार से टकराने से थोड़ा सा बच जाते हैं तो ऐसी स्थिति में आपके पास दो विकल्प होते हैं या तो आप दिनभर डर डर कर चलो, या फिर घर से बाहर ही ना निकलो या फिर आप इस अनुभव को अपने लिए बहुत अच्छा मान सकते हो और उस दिन का हर एक सेकंड आप खुशी-खुशी जी सकते हो यह सोच कर कि आज आप बच गए और आपके पास पूरी जिंदगी है जीने के लिए। जब आप सकारात्मक सोच सकते हो तो नकारात्मक क्यों सोचना.

6.) भविष्य के बारे में थोड़ा कम सोचे और चिंता मुक्त रहें : आप अपने भविष्य के बारे में सोच सोच कर परेशान ना रहे क्योंकि सोचने भर से भविष्य नहीं बदलने वाला आप अपने वर्तमान समय को बेहतर बनाएं क्योंकि यही समय आपको कल बेहतर बनाएगा आप बिना चिंता और तनाव के रह सकते हैं क्योंकि चिंता ही तनाव का मुख्य कारण है इसीलिए चिंता मुक्त रहें।

गौतम बुद्ध भी कहते थे कि "चिंता चिता के समान हैं" इसीलिए चिंताओं को अभी अपने से दूर करें और अपनी आंख बंद करके यह देखने की कोशिश करें कि आप सभी चिंताओं से मुक्त जीवन जी रहे हैं आंखें खोलने पर आप अच्छा महसूस करेंगे।


7.) ध्यान करें : शोध कहता है कि जो लोग ध्यान मनन करते हैं उनके विचार कहीं ज्यादा सकारात्मक होते हैं। ऐसे लोगों के जीवन में कौशल का विकास होता है उन्हें सामाजिक सहयोग मिलता है और उनमें बीमारियों की आशंका कम होती है इसलिए मेडिटेशन कीजिए।

सकारात्मक सोच के लाभ


● एक स्टडी में पाया गया है कि आशावादी लोगों की अपेक्षा निराशावादी लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अधिक होती है इसका कारण यह है कि नकारात्मक विचार तनाव और चिंता को बढ़ाता है और इसी कारण रक्तचाप और भी बढ़ जाता है जबकि सकारात्मक रहने से यह समस्या नहीं होती।

● हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के द्वारा किए गए शोध के मुताबिक जो लोग बीमारी के दौरान भी सकारात्मक विचार अपनाएं रखते हैं और खुद पर भरोसा रखते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाएंगे ऐसे व्यक्ति नकारात्मक सोच वाले व्यक्तियों की तुलना में जल्दी ठीक हो जाते हैं।

सकारात्मक सोच का जादू


वैज्ञानिकों और विज्ञान के नियमानुसार भौंरा का शरीर भारी होने के कारण उड़ नही सकता लेकिन भौंरे को यह बात पता नही होती है कि वह उड़ नही सकता और वह यही मानता है कि वह उड़ सकता है इसलिए बार बार उड़ने में असफल होने के बाद भी वह कोशिश करना नही छोड़ता ओर अंत में उड़ने में सफल होता है।


जब हाथी का बच्चा छोटा होता है और वह जिस पतली रस्सी से बंधा होता है वह उस रस्सी को तोड़ नही पाता है, लेकिन जब वही बच्चा एक दिन बड़ा हाथी बन जाता है तब भी वह उसी पतली रस्सी से ही बंधा रहता है लेकिन फिर भी वह उस रस्सी को तोड़कर भागता नहीं है जबकि अब तो वह उस रस्सी को तोड़ सकता है, ऐसा इसलिये क्योंकि अब हाथी अपने मन में यह मान लेता है कि वह कभी इस रस्सी को तोड़ नही सकता है और इसलिए वह उसी से बंधा रह जाता है।

सकारात्मक सोच पर सुविचार, अनमोल विचार | Positive Quotes thoughts suvichar hindi


~ सकारात्मक सोच से आप नकारात्मक सोच की तुलना में हर चीज को बेहतर तरीके से कर सकते है।

~ उनके लिए हमेशा फूल मौजूद होते है जो हमेशा फूल देखना चाहते है।

~ सकारात्मक नजरिया आपकी सभी समस्याओ को हल नहीं कर सकता लेकिन यह लोगो को हिलाने के लिए काफी होता है।

~ मनुष्य वह प्राणी है जो अपने विचारो से बना होता है, वह जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है।

~ एक निराशावादी व्यक्ति को हर अवसर में कठिनाई दिखती है वही एक आशावादी व्यक्ति को हर कठिनाई में अवसर दिखता है।

~ एक बार जब आप नकारात्मक विचारो को सकारात्मक विचारो में बदल देते हो, तब आपको सकारात्मक नतीजे मिलने शुरू हो जाते है।

~ मैं अपने आने वाले समय से नहीं डरता क्योंकि मैंने अपना बीता हुआ समय देखा है और मैं अपने आज को पसंद करता हूँ।

सकारत्मक सोच पर शायरी | positive shayari


• मुश्किल नही है कुछ दुनिया में,
तू जरा हिम्मत तो कर,
ख्वाब बदलेंगे हकीकत में,
तू जरा कोशिश तो कर

• लहरों को साहिल की दरकार नही होती,
हौसलें बुलंद हो तो कोई दीवार नही होती,
जलते हुए चिराग ने आँधियों से ये कहा
उजाला देने वालों की कभी हार नही होती

• अपने हौसले को ये मत बताओ कि
तुम्हारी परेशानी कितनी बड़ी हैं,
अपनी परेशानी को ये बताओ कि
तुम्हारा हौसला कितना बड़ा हैं

• चलता रहूँगा पथ पर,
चलने में माहिर बन जाऊँगा,
या तो मंजिल मिल जायेगी,
या अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा